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Gonda News: सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर दूर

Sun, 30 Aug 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 30 Aug 2026 11:50 PM IST
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Saryu water level 22 cm below the danger mark
नवाबगंज के साकीपुर चहलावा में बाढ़ के पानी से कटी सड़क। - संवाद
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से माझा क्षेत्र के लोगों की चिंता अभी बरकरार है। शनिवार को बढ़ने के बाद रविवार सुबह नदी का जलस्तर मामूली घटा, लेकिन फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। एल्गिन ब्रिज पर रविवार सुबह आठ बजे जलस्तर 105.850 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से महज 22 सेंटीमीटर नीचे है। दूसरी ओर, नवाबगंज के माझा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवार राहत किट और कटान के मुआवजे के इंतजार में हैं।
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बाढ़ खंड के आंकड़ों के अनुसार शनिवार दोपहर दो बजे सरयू का जलस्तर 105.870 मीटर था। उस समय नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे थी और जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई थी। शाम आठ बजे पानी बढ़कर 105.890 मीटर पहुंच गया। हालांकि रविवार सुबह आठ बजे जलस्तर चार सेंटीमीटर घटकर 105.850 मीटर हो गया। इसके बावजूद खतरे के निशान से अंतर कम होने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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शनिवार दोपहर नदी में कुल 2,56,106 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। शाम को कुल डिस्चार्ज घटकर 2,33,187 क्यूसेक हो गया, जो रविवार सुबह भी इतना ही रहा। ब्योंदा माझा, दत्तनगर और साकीपुर के ग्रामीणों का कहना है कि वे महीनों से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार दर्जनों परिवार बाढ़ के कारण पलायन कर दूसरे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
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फतेह बहादुर, दयाशंकर, गम्मा, दिनेश, राम सुफल और राघवाराम समेत कई परिवार पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब अन्य बाढ़ पीड़ितों को राहत किट दी जा रही है तो उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल पर भी सही रिपोर्ट शासन को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है।

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चारे का संकट बरकरार

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का जलस्तर सामान्य होने के बावजूद उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई है। पशुओं के चारे का संकट बना हुआ है। इस बार भूसा भी उपलब्ध नहीं कराया गया। कटान से प्रभावित परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिलने से नाराजगी है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि सरयू अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। बांध और मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल कटान नहीं हुई है। डिस्चार्ज में मामूली कमी आई है, लेकिन जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए निगरानी की जा रही है।
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