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हफ्ते में दो दिन 3.36 लाख बच्चे घर से लाएंगे राशन
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गोंडा। बेसिक शिक्षा के स्कूलों पढ़ने वाले बच्चों को अब पोषण ज्ञान देने की पहल हो रही है। 3139 परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 3.36 लाख बच्चों को सप्ताह में दो दिन पोषक तत्वों की जानकारी दी जाएगी, इसके लिए अलग से 10 मिनट की क्लास भी चलेगी। इस दिन पोषक तत्वों में शामिल भोज्य पदार्थ बच्चे खुद अपने घर से लाएंगे। इसके लिए शासन से आदेश जारी हो गया है और जिले में योजना लागू करने की कवायद शुरू हो गई। अन्नकूट योजना से स्कूलों के बच्चों को कई अहम जानकारियां हासिल होंगी।
बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने परिषदीय स्कूलों में इस नए पहल को लागू करने का निर्देश दिया है। सप्ताह में दो दिन पोषक तत्वों की जानकारी देने के साथ ही अन्य दिवसों में ऐतिहासिक व समाजिक जानकारी दी जाएगी। सरकार की ओर से इस पहल को सामुदायिक सहभागिता से ही आगे बढ़ाया जाएगा। इस मुहिम को पहले अमेठी जिले में शासन ने शुरू किया और अब पूरे प्रदेश में लागू किया है। अन्नकूट योजना पोषण की जानकारी के लिए तय भोज्य पदार्थ बच्चे घर से लाएंगे। सप्ताह में दो दिन स्कूल के प्रधानाध्यापक तय करके बच्चों को बताएंगे और वह सामग्री लाएंगे। जिसमें हरी व मौसमी सब्जी, फल, अनाज, दाल, गुड़ आदि में से कोई एक भोज्य पदार्थ बच्चों को लाना होगा। जिसके पोषण के बारे में शिक्षक बच्चों को बताएंगे।
विभिन्न विषयों के बारे में बच्चों को मिलेगा ज्ञान
पोषण के बारे में जानकारी के साथ ही अन्य दिवसों में विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी। 10 मिनट का एक समय तय किया गया है। जिसमें बच्चों को महापुरुषों, ऐतिहासिक स्थलों, भारत के प्राचीन संस्कृति, पर्यावरण, जल संरक्षण, स्वच्छता व सामान्य ज्ञान आदि की जानकारी दी जाएगी। इससे बच्चों को हर तरह की जानकारी देकर उनसे सवाल जवाब भी कराएंगे। जिससे बच्चे देश के बारे में जानकार हो सकें।
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प्रार्थना सभा में करेंगे चर्चा, होमवर्क का पैटर्न बदलेगा
प्रार्थना सभा में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। सामान्य ज्ञान, विज्ञान जैसे विषयों पर एक शीर्षक देकर वाद-विवाद, ग्रुप डिस्कशन आदि कराए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों को होमवर्क के रुप में चित्रकला, मॉडल मेकिंग आदि के कार्य दिए जाएंगे। होमवर्क में कार्य देने पर ध्यान रखना होगा कि बच्चों को आसपास की माडल के लिए सामग्री मिल सके।
अन्नकूट योजना से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। हर स्कूल में इसको लागू किया जा रहा है। इससे बच्चों को स्वास्थ्य के सुधार की जानकारी होने के साथ ही शिक्षा के प्रति अभिरुचि भी बढ़ेगी। इस पर कोई अतिरिक्त खर्च भी नहीं होगा। -मनिराम सिंह, बीएसए
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बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने परिषदीय स्कूलों में इस नए पहल को लागू करने का निर्देश दिया है। सप्ताह में दो दिन पोषक तत्वों की जानकारी देने के साथ ही अन्य दिवसों में ऐतिहासिक व समाजिक जानकारी दी जाएगी। सरकार की ओर से इस पहल को सामुदायिक सहभागिता से ही आगे बढ़ाया जाएगा। इस मुहिम को पहले अमेठी जिले में शासन ने शुरू किया और अब पूरे प्रदेश में लागू किया है। अन्नकूट योजना पोषण की जानकारी के लिए तय भोज्य पदार्थ बच्चे घर से लाएंगे। सप्ताह में दो दिन स्कूल के प्रधानाध्यापक तय करके बच्चों को बताएंगे और वह सामग्री लाएंगे। जिसमें हरी व मौसमी सब्जी, फल, अनाज, दाल, गुड़ आदि में से कोई एक भोज्य पदार्थ बच्चों को लाना होगा। जिसके पोषण के बारे में शिक्षक बच्चों को बताएंगे।
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विभिन्न विषयों के बारे में बच्चों को मिलेगा ज्ञान
पोषण के बारे में जानकारी के साथ ही अन्य दिवसों में विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी। 10 मिनट का एक समय तय किया गया है। जिसमें बच्चों को महापुरुषों, ऐतिहासिक स्थलों, भारत के प्राचीन संस्कृति, पर्यावरण, जल संरक्षण, स्वच्छता व सामान्य ज्ञान आदि की जानकारी दी जाएगी। इससे बच्चों को हर तरह की जानकारी देकर उनसे सवाल जवाब भी कराएंगे। जिससे बच्चे देश के बारे में जानकार हो सकें।
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प्रार्थना सभा में करेंगे चर्चा, होमवर्क का पैटर्न बदलेगा
प्रार्थना सभा में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। सामान्य ज्ञान, विज्ञान जैसे विषयों पर एक शीर्षक देकर वाद-विवाद, ग्रुप डिस्कशन आदि कराए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों को होमवर्क के रुप में चित्रकला, मॉडल मेकिंग आदि के कार्य दिए जाएंगे। होमवर्क में कार्य देने पर ध्यान रखना होगा कि बच्चों को आसपास की माडल के लिए सामग्री मिल सके।
अन्नकूट योजना से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। हर स्कूल में इसको लागू किया जा रहा है। इससे बच्चों को स्वास्थ्य के सुधार की जानकारी होने के साथ ही शिक्षा के प्रति अभिरुचि भी बढ़ेगी। इस पर कोई अतिरिक्त खर्च भी नहीं होगा। -मनिराम सिंह, बीएसए