{"_id":"cef1fe2b0a16daac025070bc9a3cf97f","slug":"trains-will-operate-as-chief-safety-commissioner-received-clearance-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" मुख्य संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही चलेंगी ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्य संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही चलेंगी ट्रेनें
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2015 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा-बढ़नी रेलखंड का मुख्य संरक्षा आयुक्त केके वाजपेई 12 अक्तूबर को निरीक्षण करेंगे। मुख्य संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही एक सप्ताह बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। गोंडा-बलरामपुर, बढ़नी रेलखंड पर ढाई साल से आमान परिवर्तन का काम चल रहा था।
पहले चरण में 14 फरवरी 2014 को बढ़नी से बलरामपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में 16 मार्च से गोंडा-बलरापुर रेलखंड पर ट्रेनों को संचालन ठप कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने गोंडा से बढ़नी तक 108 किलोमीटर के रेलमार्ग पर आमान परिवर्तन का कार्य 23 नवंबर 2014 तक लक्ष्य रखा था, लेकिन बजट के अभाव में समय से कार्य पूरा नहीं हो सका।
बाद में बजट का आवंटन हुआ तो कार्य में तेजी आई और उसे पूरा कर लिया गया। अब इस मार्ग पर आखिरी चरण के कार्य को पूरा कराने की जिम्मेदारी मुख्य संरक्षा आयुक्त पर थी। कार्य पूरा होने के बाद मुख्य संरक्षा आयुक्त ने इस रेल ट्रैक के निरीक्षण के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को 12 अक्तूबर का समय दिया है।
विज्ञापन
12 अक्तूबर को मुख्य संरक्षा आयुक्त केके वाजपेई पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र के साथ ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो मुख्य संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही इस रेलखंड पर एक सप्ताह के अंदर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि 12 अक्तूबर को मुख्य संरक्षा आयुक्त गोंडा-बढ़नी रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही गोंडा-बढ़नी रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
पहले चरण में 14 फरवरी 2014 को बढ़नी से बलरामपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में 16 मार्च से गोंडा-बलरापुर रेलखंड पर ट्रेनों को संचालन ठप कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने गोंडा से बढ़नी तक 108 किलोमीटर के रेलमार्ग पर आमान परिवर्तन का कार्य 23 नवंबर 2014 तक लक्ष्य रखा था, लेकिन बजट के अभाव में समय से कार्य पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन
बाद में बजट का आवंटन हुआ तो कार्य में तेजी आई और उसे पूरा कर लिया गया। अब इस मार्ग पर आखिरी चरण के कार्य को पूरा कराने की जिम्मेदारी मुख्य संरक्षा आयुक्त पर थी। कार्य पूरा होने के बाद मुख्य संरक्षा आयुक्त ने इस रेल ट्रैक के निरीक्षण के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को 12 अक्तूबर का समय दिया है।
विज्ञापन
12 अक्तूबर को मुख्य संरक्षा आयुक्त केके वाजपेई पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र के साथ ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो मुख्य संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही इस रेलखंड पर एक सप्ताह के अंदर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि 12 अक्तूबर को मुख्य संरक्षा आयुक्त गोंडा-बढ़नी रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही गोंडा-बढ़नी रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।