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Gonda News: स्कूल जाने के लिए पार करना पड़ेगा जंगल व हाईवे
Fri, 25 Jul 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:29 PM IST
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डेहरास मार्ग पार कर विलय किए गए कंपोजिट विद्यालय पूरे गजराज जाते प्राथमिक विद्यालय खरिकवा के बच
पसका (गोंडा)। सरकार की मंशा प्राथमिक विद्यालयों के विलय के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने की है। उम्मीद सुखद रही, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जुदा हैं। आलम यह है कि विरोध के बावजूद स्कूलों का विलय कर दिया गया। बच्चे हाईवे व नाला पार कर पढ़ाई के लिए जोखिम उठाने पर मजबूर हो गए। वहीं, कई बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़ निजी स्कूल का रुख किया है। परसपुर शिक्षा क्षेत्र में कम नामांकन वाले 36 स्कूल दो चरणों में विलय किये गए हैं।
पुरैना ग्राम पंचायत के खरिकवा प्राथमिक विद्यालय को डेढ़ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत डेहरास के कंपोजिट विद्यालय पूरे गजराज पुरवा में विलय किया गया। खरिकवा के 15 बच्चों को मिलाकर गजराज पुरवा में कुल 72 बच्चों में से शुक्रवार को 42 बच्चे स्कूल पहुंचे। इसमें खरिकवा के आठ बच्चे शामिल रहे। शिक्षकों का कहना है कि रास्ते में गोंडा-डेहरास मार्ग व बेलई नाला होने के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। इसके बावजूद बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विलय के बाद भी शिफ्ट नहीं हुआ स्कूल
धर्मनगर प्राथमिक विद्यालय को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय पूरे निहाल में विलय किया गया। मगर विद्यालय शिफ्ट नहीं हुआ है। शुक्रवार को धर्मनगर के 41 में से 33 और पूरे निहाल के 51 में से 46 बच्चे उपस्थित रहे। पूरे निहाल में बाउड्रीवॉल, विद्यालय तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग, दिव्यांग शौचालय, मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट है, लेकिन विद्यालय के पास गहरा गड्ढा होने के साथ ही डेहरास-गोंडा और परसपुर-धर्मनगर मार्ग को पार करना पड़ेगा। इस वजह से अभिभावक विद्यालय के विलय का विरोध कर रहे हैं।
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विरोध के बावजूद कर दिया गया विलय
पुरैना ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि जन्मेजय सिंह का कहना है कि उनकी पंचायत के खरिकवा प्राथमिक विद्यालय को मनमाने तरीके से दूसरी ग्राम पंचायत के पूरेगजराज कंपोजिट विद्यालय में विलय कर दिया। जबकि विलय को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। कंपोजिट विद्यालय की राह में गोंडा-डेहरास मार्ग व बेलई नाला पड़ने के चलते अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। अभिभावक जोगिंदर यादव ने बताया कि रास्ते में नाला व हाईवे पड़ने के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है। बच्चों व अभिभावकों के हित में विचार करना चाहिए। धर्मनगर के राकेश शुक्ल का कहना है कि जिस विद्यालय में विलय किया गया है, वहां बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में अगर उनका विद्यालय बंद होता है तो निजी स्कूल में बच्चों को भेजने के लिए मजबूर होंगे।
सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया विलय
सरकार की मंशा के अनुरूप बेहतर संसाधन वाले विद्यालय में विलय किया गया है। धर्मनगर विद्यालय से निहालपुरवा जाने में हाईवे के चलते जोखिम को देखते हुए विलय के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जा रहा है। पुरैना के ग्राम प्रधान की लिखित शिकायत को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। विलय के बाद अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार के निर्देशानुसार जरूरी विलय की प्रक्रिया पूरी की गई है।
- सुशील कुमार सिंह, बीईओ
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पुरैना ग्राम पंचायत के खरिकवा प्राथमिक विद्यालय को डेढ़ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत डेहरास के कंपोजिट विद्यालय पूरे गजराज पुरवा में विलय किया गया। खरिकवा के 15 बच्चों को मिलाकर गजराज पुरवा में कुल 72 बच्चों में से शुक्रवार को 42 बच्चे स्कूल पहुंचे। इसमें खरिकवा के आठ बच्चे शामिल रहे। शिक्षकों का कहना है कि रास्ते में गोंडा-डेहरास मार्ग व बेलई नाला होने के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। इसके बावजूद बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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विलय के बाद भी शिफ्ट नहीं हुआ स्कूल
धर्मनगर प्राथमिक विद्यालय को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय पूरे निहाल में विलय किया गया। मगर विद्यालय शिफ्ट नहीं हुआ है। शुक्रवार को धर्मनगर के 41 में से 33 और पूरे निहाल के 51 में से 46 बच्चे उपस्थित रहे। पूरे निहाल में बाउड्रीवॉल, विद्यालय तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग, दिव्यांग शौचालय, मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट है, लेकिन विद्यालय के पास गहरा गड्ढा होने के साथ ही डेहरास-गोंडा और परसपुर-धर्मनगर मार्ग को पार करना पड़ेगा। इस वजह से अभिभावक विद्यालय के विलय का विरोध कर रहे हैं।
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विरोध के बावजूद कर दिया गया विलय
पुरैना ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि जन्मेजय सिंह का कहना है कि उनकी पंचायत के खरिकवा प्राथमिक विद्यालय को मनमाने तरीके से दूसरी ग्राम पंचायत के पूरेगजराज कंपोजिट विद्यालय में विलय कर दिया। जबकि विलय को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। कंपोजिट विद्यालय की राह में गोंडा-डेहरास मार्ग व बेलई नाला पड़ने के चलते अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। अभिभावक जोगिंदर यादव ने बताया कि रास्ते में नाला व हाईवे पड़ने के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है। बच्चों व अभिभावकों के हित में विचार करना चाहिए। धर्मनगर के राकेश शुक्ल का कहना है कि जिस विद्यालय में विलय किया गया है, वहां बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में अगर उनका विद्यालय बंद होता है तो निजी स्कूल में बच्चों को भेजने के लिए मजबूर होंगे।
सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया विलय
सरकार की मंशा के अनुरूप बेहतर संसाधन वाले विद्यालय में विलय किया गया है। धर्मनगर विद्यालय से निहालपुरवा जाने में हाईवे के चलते जोखिम को देखते हुए विलय के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जा रहा है। पुरैना के ग्राम प्रधान की लिखित शिकायत को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। विलय के बाद अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार के निर्देशानुसार जरूरी विलय की प्रक्रिया पूरी की गई है।
- सुशील कुमार सिंह, बीईओ