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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Three billion scam in dam construction

चरसड़ी निर्माण में तीन अरब का घोटाला

Fri, 02 Jun 2017 10:07 PM IST
amarujala
amarujala Updated Fri, 02 Jun 2017 10:07 PM IST
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 सपा सरकार ने एल्गिन-चरसड़ी बांध का निर्माण  गलत जगह पर ही नहीं कराया, बल्कि बांध को बनाने का तरीका भी गलत था। जिसकी वजह से बंधा बार-बार टूट जाता है। इस बांध के नाम पर तीन सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया है।
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जबकि हर साल ही इसकी मरम्मत के नाम पर भी घोटाला होता रहा है। यह आरोप शुक्रवार को सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस बांध घोटाले की जांच कराएगी।   मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह एल्गिन-चरसड़ी बांध का निरीक्षण करने पहुंचे।
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 सिंचाई मंत्री ने यहां पहले  पुराने बांध के अवशेष हिस्से कट वन से एल्गिन-चरसडी बांध की अधिकारियों से जानकारी ली और फिर मोटरबोट से करीब पांच किलोमीटर तक बंधे का किनारे-किनारे निरीक्षण भी किया।  सिंचाई मंत्री ने कहा कि इस बंधे के निर्माण में तीन अरब का घोटाला किया गया है।
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इसके मरम्मत पर भी हर साल घोटाला किया जा रहा है। कहा कि सपा सरकार ने इसका निर्माण न सिर्फ गलत जगह पर कराया बल्कि इसका डिजाइन भी गलत था। मंत्री ने कहा कि इसकी पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे। इस बीच बाढ़ से निपटने के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों को उन्होंने इसकी मरम्मत के अलावा बाढ़ से किसी प्रकार की धन-जन हानि न होने के निर्देश दिए।

कहा कि शासन की पहली प्राथमिकता है कि किसी भी क्षेत्र में बाढ की स्थिति नहीं आनी चाहिये। यदि ऐसी नौबत आती है तो उससे निपटने के लिए हर समय हमें तैयार रहना है।  सिंचाई मंत्री ने कहा कि अभी तक नहरों में सिल्ट सफाई का पैसा बरसात के समय में दिया जाता था जबकि हमने सभी जिलों को पैसा रिलीज कर दिया है। यूपी में पानी का अभाव नहीं है इसलिए अभी तक टेल तक पानी पहुंचाने की बात हो रही थी।

अब किसानों के खेत तक पानी पहुंचाया जाएगा। सिंचाई मंत्री ने कहा कि देश की संपदा धरती है और नदियां इसी संपदा का एक अंग। इसलिए नदियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सिंचाई मंत्री ने माना कि सिंचाई विभाग की जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। अधिकारियों को इनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा।             
    
इधर सिंचाई मंत्री बंधे का निरीक्षण कर रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ उनके  ठीक सामने बंधे के किनारे इकट्ठा ग्रामीण नए सिरे से नई जगह पर बांध बनाए जाने के विरोध में नारेबाजी की। जिसे लेकर ग्रामीणों ने मंत्री का घेराव भी किया। हालांकि बाद में जिलाधिकारी ने जैसे-जैसे सबको समझा-बुझाकर शांत किया। ग्रामीणों का कहना था कि बांध को कटे हुए 9 महीने बीत चुके हैं।

लेकिन अभी तक किसी अधिकारी व नेता ने यहां आकर उनका दुख-दर्द जानने की कोई पहल नहीं की। ऊपर से नई जगह पर बांध बनाए जाने की पहल जरूर शुरू हो गई है। नये परिसीमन में दो ग्राम पंचायतों नकहरा व काशीपुर का अस्तित्व समाप्त करके वह किसी भी कीमत पर बांध का निर्माण नहीं होने देंगे। क्योंकि इससे उनकी अजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। मंत्री का घेराव करने के लिए सबसे पहले महिलाएं आगे आईं।

जिनके पीछे-पीछे सैकड़ों पुरुष भी आ गए। डीएम, एसपी ने किसी तरह से उन्हें समझाने की कोशिश भी की। लेकिन महिलाएं एक कदम पीछे नहीं हटी। बाद में कोतवाली करनैलगंज व जरवल रोड की पुलिस के साथ महिला सिपाहियों को भी बुलाना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें बांध की कोई जरुरत नहीं है बाढ़ से उनकी खेती अच्छी होती है। अगर प्रशासन बांध बनाना ही चाहता है तो वह पुराने बांध के स्थान पर ही बांध का निर्माण कराये। 
   
शुक्रवार को सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के निरीक्षण के दौरान जिले का  कोई भी नेता बंधे पर नहीं नजर आया।  सिंचाई मंत्री के साथ सिर्फ बाराबंकी सांसद प्रियंका रावत मौजूद रहीं। जिन्होंने अपने इलाके के ग्रामीणों की समस्याएं उन्हें गिनाई और उनसे इलाकाई लोगों को बाढ़ से बचाने की कार्ययोजना का जिक्र किया। पर जिले से किसी नेता के बंधे पर न होने के कारण न तो बंधे की किसी कार्ययोजना का कोई जिक्र मंत्री के सामने हो सका।

न ही यहां के लोगों को क्या चाहिए, क्या नहीं। इसका कोई पता चल पाया। इस दौरान उनके साथ सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव, डीएम जेबी सिंह, एसपी उमेश कुमार सिंह, ज्वांइट मजिस्ट्रेट एसडीएम अर्चना वर्मा, एडीएम त्रिलोकी सिंह व सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर भी थे।

          
सिंचाई मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सीएम ने सिंचाई विभाग की परियोजनाओं की जांच के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में गठित कमेटी कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उससे रिकवरी के साथ कार्रवाई भी की जाएगी। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंचाई मंत्री ने कहा कि जिले के बाढ़ खंड में पिछले तीन वर्षों में जितने भी कार्य हुए हैं उन सभी की जांच कराए जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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