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Gonda News: नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की...
Wed, 04 Jun 2025 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 04 Jun 2025 11:07 PM IST
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पसका (गोंडा)। योगमाया भगवान कृष्ण की शक्ति का प्रतीक है। जो उन्हें कंस के अत्याचारों से लड़ने और धर्म की स्थापना करने में मदद करती है। ईश्वर की सत्ता तभी फलीभूति होती है जब उन्हें शक्ति प्रदान होती है। ये बातें परसपुर के अंदूपुर के पूरेकल्पी में आयोजित सात दिवसीय देवी भागवत महापुराण कथा में प्रवाचक अर्जुन शास्त्री ने कहीं।
प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जिस समय पृथ्वी पर कंस, जरासंध, दंतवक्र, शिशुपाल जैसे अधर्मी राजाओं का अत्याचार बढ़ा उस समय पृथ्वी दुखी होकर भगवान ब्रह्मा की सभा में पहुंचीं।
अपने कष्ट बताकर रोने लगी। तब भगवान विष्णु ने योगमाया भगवती की आराधना की और उनसे निवेदन किया कि आप स्वयं चलकर यशोदा के गर्भ से अवतार लें और मैं स्वयं देवकी के गर्भ से अवतार लूंगा। आप अपनी माया से इन दुष्टों के बलों को क्षीण करेंगी और हम उनका वध करेंगे। श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुन श्रोता नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की... हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की...का जयघोष करने लगे। कथा के दौरान सतपाल पांडेय, रामानंद पांडेय, नंदप्रकाश, सरपंच आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जिस समय पृथ्वी पर कंस, जरासंध, दंतवक्र, शिशुपाल जैसे अधर्मी राजाओं का अत्याचार बढ़ा उस समय पृथ्वी दुखी होकर भगवान ब्रह्मा की सभा में पहुंचीं।
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अपने कष्ट बताकर रोने लगी। तब भगवान विष्णु ने योगमाया भगवती की आराधना की और उनसे निवेदन किया कि आप स्वयं चलकर यशोदा के गर्भ से अवतार लें और मैं स्वयं देवकी के गर्भ से अवतार लूंगा। आप अपनी माया से इन दुष्टों के बलों को क्षीण करेंगी और हम उनका वध करेंगे। श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुन श्रोता नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की... हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की...का जयघोष करने लगे। कथा के दौरान सतपाल पांडेय, रामानंद पांडेय, नंदप्रकाश, सरपंच आदि मौजूद रहे।
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