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ढाई हजार स्कूलों में आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं

Thu, 31 Aug 2017 11:02 PM IST
गोंडा
गोंडा Updated Thu, 31 Aug 2017 11:02 PM IST
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There are still no basic amenities in two and a half thousand schools
रुपईडीह के ही प्राथमिक विद्यालय मंगलनगर में मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह से अभाव है।
जिले के परिषदीय स्कूलों की हालत दिन पर दिन बिगड़ती ही जा रही है। अफसरों के लाख दावों के बावजूद इन स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। बैठने के लिए बेंच तो दूर कायदे की टाटपट्टी भी नहीं है। 450 स्कूलों में शौचालय बने ही नहीं हैं तो करीब ढाई हजार स्कूलों के शौचालय इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं।
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850 स्कूलों तो पेयजल सुविधा तक नहीं है। पांच सौ प्राथमिक व 350 उच्च प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं जहां आज भी बाउंड्रीवॉल नहीं बनी हैं।  ऐसे में यहां पढ़ने वाले करीब 2.25 लाख नौनिहाल परेशानियों के बीच शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।  
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अधिकतर स्कूलों में समस्याओं का अंबार लगा है। किसी स्कूल में बिजली न होने से बच्चे गर्मी व उमस से जूझ रहे हैं तो कहीं हैंडपंप की खराबी के कारण पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। पूरे जिले में 153 परिषदीय स्कूलों में हैंडपंप नहीं लगाए गए हैं।
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जहां लगे भी हैं वह या तो खराब पड़े हैं या फिर दूषित पानी दे रहे हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में लगाए गए 876 हैंडपंप रिबोर करने लायक हैं। 290 हैंडपंपों को सामान्य मरम्मत की आवश्यकता है तो 896 हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं।


ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल भी नहीं मिल रहा है। यही हाल बिजली व्यवस्था का भी है। विद्युतीकरण होने के बावजूद अधिकतर स्कूलों में बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। 
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