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ग्रामीणों को सताने लगा बाढ़ का खौफ
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sun, 19 Jun 2016 11:58 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम पंचायत सिकटिहवा के मजरे ओड़ाझार खुर्द तथा बंदरीजोत के लोगों को पहाड़ी नालों की बाढ़ का खौफ अभी से सताने लगा है। रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर डीएम से बाढ़ की तबाही से बचाने तथा गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञात हो कि ओड़ाझार खुर्द तथा बंदरीजोत गांव तीन पहाड़ी नालों से घिरा हुआ है। बारिश के समय गांव के निकट बहने वाले पहाड़ी नाला सिरिया पैतिसवा व कठरिवा में बाढ़ आने के बाद यह दोनों गांव टापू बन जाते हैं।
रविवार को प्रदर्शन में शामिल रामतीरथ, गुड्डू, रामगोपाल, स्वामीनाथ, श्यामनरायन, राम नरेश, केदार नाथ व पृथ्वीनाथ आदि ने बताया कि बारिश के मौसम में करीब चार महीने तक दोनों गांवों की करीब दो हजार आबादी नारकीय जीवन जीने के लिए विवश हो जाती है।
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पुल तथा संपर्क मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण बाढ़ के समय में हम लोगों को जान जोखिम में डालकर घर से बाहर निकलना पड़ता है। इन लोगों का आरोप है कि जन प्रतिनिधि गांव की समस्याओं के समाधान का आश्वासन तो देते है, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद इन लोगों का दर्शन भी नहीं मिलता। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र उनकी समस्याओं का निराकर नहीं हुआ तो वह लोग तहसील तथा जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
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ज्ञात हो कि ओड़ाझार खुर्द तथा बंदरीजोत गांव तीन पहाड़ी नालों से घिरा हुआ है। बारिश के समय गांव के निकट बहने वाले पहाड़ी नाला सिरिया पैतिसवा व कठरिवा में बाढ़ आने के बाद यह दोनों गांव टापू बन जाते हैं।
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रविवार को प्रदर्शन में शामिल रामतीरथ, गुड्डू, रामगोपाल, स्वामीनाथ, श्यामनरायन, राम नरेश, केदार नाथ व पृथ्वीनाथ आदि ने बताया कि बारिश के मौसम में करीब चार महीने तक दोनों गांवों की करीब दो हजार आबादी नारकीय जीवन जीने के लिए विवश हो जाती है।
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पुल तथा संपर्क मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण बाढ़ के समय में हम लोगों को जान जोखिम में डालकर घर से बाहर निकलना पड़ता है। इन लोगों का आरोप है कि जन प्रतिनिधि गांव की समस्याओं के समाधान का आश्वासन तो देते है, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद इन लोगों का दर्शन भी नहीं मिलता। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र उनकी समस्याओं का निराकर नहीं हुआ तो वह लोग तहसील तथा जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।