{"_id":"5e3311468ebc3e4b3268db60","slug":"the-spirit-of-sacrifice-and-harmony-develops-by-joining-the-yagna-gonda-news-lko505766119","type":"story","status":"publish","title_hn":"यज्ञ में शामिल होने से विकसित होती त्याग व सौहार्द की भावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यज्ञ में शामिल होने से विकसित होती त्याग व सौहार्द की भावना
विज्ञापन
गोंडा के खमरौनी स्थित कामाख्या देवी मंदिर में यज्ञ के दौरान जुटे श्रद्धालु।
- फोटो : GONDA
गोंडा। बेलसर ब्लॉक के परसपुर रगड़गंज मार्ग पर खमरौनी में स्थित ज्वाला माई कामाख्या देवी मंदिर में चल रहे ग्यारह दिवसीय महा शतचंडी यज्ञ में पंचम दिवस गुरुवार को भारी संख्या में पूजा पाठ करने आने वाले भक्तों की भीड़ से वातावरण भक्तिमय हो गया है। यज्ञ मंडप में गुरुवार को अयोध्या परसपुर व पसका सहित हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ में शामिल होकर मंडप का परिक्रमा करते हुए देवी माता से परिवार के सुख शांति व समृद्धि की कामना की।
यज्ञ आयोजक गुजरात के सूरत स्थित सिद्ध मनोकामना हनुमान पीठ के पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर स्वामी रामसेवक दास उर्फ त्यागी बापू ने कहा कि यज्ञ में भाग लेने से परिवार व समाज में सेवा, समर्पण, त्याग व सौहार्द की भावना विकसित होती है। यज्ञ में डाली गई पवित्र वनस्पतियों की आहुति से निकले धुएं से पर्यावरण स्वच्छ होता है। यज्ञशाला के लीला मंडप में सायंकाल श्याम सुंदर बांके बिहारी रासलीला मंडल में बाल कृष्ण के माखन चोरी की मनोहारी लीला का मंचन किया गया।
श्रद्धालुओं के प्रति संरक्षक समाजसेवी सिपाही शरण तिवारी ने स्वागत व आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नीरज दास शास्त्री ने मानस के बालकांड से संत चरित पर सारगर्भित प्रवचन दिया। शतचंडी यज्ञ के विभिन्न कार्यक्रमों का संयोजन समाजसेवी सत्य प्रकाश उपध्याय, दुर्गा प्रसाद तिवारी, आचार्य सूरजदास ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यज्ञ आयोजक गुजरात के सूरत स्थित सिद्ध मनोकामना हनुमान पीठ के पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर स्वामी रामसेवक दास उर्फ त्यागी बापू ने कहा कि यज्ञ में भाग लेने से परिवार व समाज में सेवा, समर्पण, त्याग व सौहार्द की भावना विकसित होती है। यज्ञ में डाली गई पवित्र वनस्पतियों की आहुति से निकले धुएं से पर्यावरण स्वच्छ होता है। यज्ञशाला के लीला मंडप में सायंकाल श्याम सुंदर बांके बिहारी रासलीला मंडल में बाल कृष्ण के माखन चोरी की मनोहारी लीला का मंचन किया गया।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं के प्रति संरक्षक समाजसेवी सिपाही शरण तिवारी ने स्वागत व आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नीरज दास शास्त्री ने मानस के बालकांड से संत चरित पर सारगर्भित प्रवचन दिया। शतचंडी यज्ञ के विभिन्न कार्यक्रमों का संयोजन समाजसेवी सत्य प्रकाश उपध्याय, दुर्गा प्रसाद तिवारी, आचार्य सूरजदास ने किया।
विज्ञापन