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Gonda News: मेहनत से हासिल किया कामयाबी का उजाला
Tue, 13 May 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 13 May 2025 11:49 PM IST
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गोंडा के फातिमा स्कूल में सीबीएसई का परिणाम आने के बाद खुशी जताते विद्यार्थी। - संवाद
गोंडा। सीबीएसई का मंगलवार को परिणाम आते ही मेधावियों का चेहरा खुशी से खिल गया। इंटर में जिला टॉप करने वाली क्लीनिक संचालक की बेटी ने बताया कि मोबाइल का उपयोग अपनी पढ़ाई के लिए करें, जिससे प्रगति का मार्ग तय हो। वहीं, हाईस्कूल के जिला टाॅपर का कहना है कि लक्ष्य तय करके की गई पढ़ाई से ही कामयाबी हासिल हो सकती है। पेश है रिपोर्ट-
इंटर के मेधावी बोले- पढ़ाई को नहीं बनने दिया बोझ
आराध्या सिंह 97 प्रतिशत, बीवीएस पब्लिक स्कूल बभनान
सफलता का मंत्र : नियमित पढ़ाई की। पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन के साथ ही गुरुजनों की मदद ली। सफलता में स्कूल प्रबंधक का विशेष योगदान रहा। विषय की गहराई में पहुंचने में हरसंभव मदद की। पढ़ाई को कभी बोझ नहीं बनने दिया। विषय को अपनी पसंद बनाया। साथ ही लक्ष्य बनाकर पढ़ाई की। सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया है।
लक्ष्य : आईएएस
पिता : अजय कुमार सिंह, क्लीनिक संचालक
माता : सुशीला सिंह, गृहिणी
निवास : नरथरी चौराहा, बुद्धिबाजार, बस्ती
योजना बना पढ़ाई कर पाई सफलता
मुस्कान दूबे 96.6 प्रतिशत, सेंट माइकल काॅन्वेंट स्कूल मनकापुर
सफलता का मंत्र : सभी विषयों को बराबर समय दिया। नियमित योजना बनाकर पढ़ाई की। स्कूल के शिक्षकों की विशेष मदद मिली। पढ़ाई के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है। बारीकी से विषय को समझने की कोशिश की। शिक्षक, माता-पिता व परिजनों का विशेष सहयोग मिला।
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लक्ष्य : आईएएस बनना
पिता : नरेंद्र दूबे, किसान
माता : बिंदू दूबे, गृहिणी
निवास : परसिया बहोरीपुर
हाईस्कूल के मेधावी बोले- मोबाइल फोन से बनाई दूरी
प्रभव अरोरा 98.6 प्रतिशत, फातिमा स्कूल
सफलता का मंत्र : रोजाना पढ़ाई की। खाली समय में करेंट अफेयर्स से भी जुड़ाव रहा। मोबाइल से दूरी रखी। कभी-कभी पढ़ाई के लिए कुछ देर के लिए मोबाइल का इस्तेमाल किया। माता-पिता व शिक्षकों का विशेष सहयोग मिला है। मां-पिता को सफलता का श्रेय दिया है।
लक्ष्य : इंजीनियर बनना
पिता : दीपक अरोरा, प्राइवेट टीचर
माता : लता अरोरा, प्राइवेट टीचर
निवास : पटेलनगर
पावनी मिश्रा 98.4 प्रतिशत, फातिमा स्कूल
सफलता का मंत्र : नियमित पढ़ाई की। स्कूल में पढ़ाए गए विषयों का नियमित अभ्यास किया। पढ़ाई के लिए ही मोबाइल का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया से दूरी रखी। माता-पिता व शिक्षकों का विशेष सहयोग मिला।। सफतला का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया है।
लक्ष्य : डॉक्टर बनना।
पिता : अम्ब्रीश मिश्र, प्राइवेट नौकरी
माता : सुरभि मिश्रा, सरकारी टीचर
निवास : रघुकुल नगर सिविल लाइंस
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इंटर के मेधावी बोले- पढ़ाई को नहीं बनने दिया बोझ
आराध्या सिंह 97 प्रतिशत, बीवीएस पब्लिक स्कूल बभनान
सफलता का मंत्र : नियमित पढ़ाई की। पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन के साथ ही गुरुजनों की मदद ली। सफलता में स्कूल प्रबंधक का विशेष योगदान रहा। विषय की गहराई में पहुंचने में हरसंभव मदद की। पढ़ाई को कभी बोझ नहीं बनने दिया। विषय को अपनी पसंद बनाया। साथ ही लक्ष्य बनाकर पढ़ाई की। सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया है।
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लक्ष्य : आईएएस
पिता : अजय कुमार सिंह, क्लीनिक संचालक
माता : सुशीला सिंह, गृहिणी
निवास : नरथरी चौराहा, बुद्धिबाजार, बस्ती
योजना बना पढ़ाई कर पाई सफलता
मुस्कान दूबे 96.6 प्रतिशत, सेंट माइकल काॅन्वेंट स्कूल मनकापुर
सफलता का मंत्र : सभी विषयों को बराबर समय दिया। नियमित योजना बनाकर पढ़ाई की। स्कूल के शिक्षकों की विशेष मदद मिली। पढ़ाई के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है। बारीकी से विषय को समझने की कोशिश की। शिक्षक, माता-पिता व परिजनों का विशेष सहयोग मिला।
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लक्ष्य : आईएएस बनना
पिता : नरेंद्र दूबे, किसान
माता : बिंदू दूबे, गृहिणी
निवास : परसिया बहोरीपुर
हाईस्कूल के मेधावी बोले- मोबाइल फोन से बनाई दूरी
प्रभव अरोरा 98.6 प्रतिशत, फातिमा स्कूल
सफलता का मंत्र : रोजाना पढ़ाई की। खाली समय में करेंट अफेयर्स से भी जुड़ाव रहा। मोबाइल से दूरी रखी। कभी-कभी पढ़ाई के लिए कुछ देर के लिए मोबाइल का इस्तेमाल किया। माता-पिता व शिक्षकों का विशेष सहयोग मिला है। मां-पिता को सफलता का श्रेय दिया है।
लक्ष्य : इंजीनियर बनना
पिता : दीपक अरोरा, प्राइवेट टीचर
माता : लता अरोरा, प्राइवेट टीचर
निवास : पटेलनगर
पावनी मिश्रा 98.4 प्रतिशत, फातिमा स्कूल
सफलता का मंत्र : नियमित पढ़ाई की। स्कूल में पढ़ाए गए विषयों का नियमित अभ्यास किया। पढ़ाई के लिए ही मोबाइल का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया से दूरी रखी। माता-पिता व शिक्षकों का विशेष सहयोग मिला।। सफतला का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया है।
लक्ष्य : डॉक्टर बनना।
पिता : अम्ब्रीश मिश्र, प्राइवेट नौकरी
माता : सुरभि मिश्रा, सरकारी टीचर
निवास : रघुकुल नगर सिविल लाइंस