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1.5 करोड़ लेकर संस्था फरार
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2015 11:38 PM IST
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जिले की पांच ब्लॉकों में छह कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के निर्माण का करीब एक करोड़ 53 लाख रुपये लेकर कार्यदायी संस्था पिछले पांच साल से फरार है। विद्यालय भवन निर्माण के लिए लखनऊ की एक संस्था को ठेका दिया गया था।
बीएसए ने संस्था के खिलाफ नगर कोतवाली में गबन तथा धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ की ओर से जिले के शिवपुरा, उतरौला, पचपेड़वा, पचपेड़वा जंगल तथा बलरामपुर देहात ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भवन बनवाने की संस्तुति वर्ष 2006 तथा 2009 के बीच की गई थी।
भवन निर्माण के लिए शासन ने कुल एक करोड़ 90 लाख 45 हजार रुपये बजट पास किया था। भवन निर्माण के लिए यूपी इन्स्ट्रूमेंट लि. पीसीएफ बिल्डिंग लखनऊ को ठेका दिया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी व डायट प्राचार्य/बीएसए ने भवन निर्माण की शर्तों के साथ अनुबंध कर संस्था को भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी थी।
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चार अगस्त 2009 को भवन निर्माण के लिए संस्था को एक करोड़ 53 लाख 57 हजार 300 रुपये की राशि अवमुक्त की गई। संस्था ने सभी भवनों का निर्माण मानक विहीन ढंग से आधा-अधूरा ही कराया तथा बिना बताए ही संस्था के अधिकारी तथा कर्मचारी गायब हो गए।
कस्तूरबा विद्यालय देहात के भवन की संस्था ने नींव ही नहीं रखी। अनुबंध पत्र में यह साफ लिखा गया था कि यदि कार्य मानक के अनुरूप न हुआ तो संस्था से अनुबंध समाप्त करते हुए राशि की रिकवरी की जाएगी। पिछले पांच साल से जिले के अधिकारी संस्था के लोगों को ढूंढ रहे है।
संस्था बिना भवन हैंडओवर किये ही गायब है। भवन निर्माण की जांच में भी अधिकारियों को भारी गड़बड़ी मिली है। संस्था से संपर्क न हो पाने के कारण बीएसए ने संस्था को अनुबंध उल्लंघन का दोषी मानते हुए नगर कोतवाली में गबन तथा धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
कोतवाल श्रीनाथ यादव ने बताया कि बीएसए की तहरीर पर कार्यदायी संस्था यूपी इन्स्ट्रूमेंट लि. के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की विवेचना उप निरीक्षक एके त्रिगुनायक से कराई जा रही है।
कार्यदायी संस्था द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के भवन निर्माण ने अनुबंध की शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया है। संस्था के लोग सामने आकर आरोपों का जवाब भी देने से कतरा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद संस्था के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है। -जय सिंह, बीएसए बलरामपुर
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बीएसए ने संस्था के खिलाफ नगर कोतवाली में गबन तथा धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ की ओर से जिले के शिवपुरा, उतरौला, पचपेड़वा, पचपेड़वा जंगल तथा बलरामपुर देहात ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भवन बनवाने की संस्तुति वर्ष 2006 तथा 2009 के बीच की गई थी।
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भवन निर्माण के लिए शासन ने कुल एक करोड़ 90 लाख 45 हजार रुपये बजट पास किया था। भवन निर्माण के लिए यूपी इन्स्ट्रूमेंट लि. पीसीएफ बिल्डिंग लखनऊ को ठेका दिया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी व डायट प्राचार्य/बीएसए ने भवन निर्माण की शर्तों के साथ अनुबंध कर संस्था को भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी थी।
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चार अगस्त 2009 को भवन निर्माण के लिए संस्था को एक करोड़ 53 लाख 57 हजार 300 रुपये की राशि अवमुक्त की गई। संस्था ने सभी भवनों का निर्माण मानक विहीन ढंग से आधा-अधूरा ही कराया तथा बिना बताए ही संस्था के अधिकारी तथा कर्मचारी गायब हो गए।
कस्तूरबा विद्यालय देहात के भवन की संस्था ने नींव ही नहीं रखी। अनुबंध पत्र में यह साफ लिखा गया था कि यदि कार्य मानक के अनुरूप न हुआ तो संस्था से अनुबंध समाप्त करते हुए राशि की रिकवरी की जाएगी। पिछले पांच साल से जिले के अधिकारी संस्था के लोगों को ढूंढ रहे है।
संस्था बिना भवन हैंडओवर किये ही गायब है। भवन निर्माण की जांच में भी अधिकारियों को भारी गड़बड़ी मिली है। संस्था से संपर्क न हो पाने के कारण बीएसए ने संस्था को अनुबंध उल्लंघन का दोषी मानते हुए नगर कोतवाली में गबन तथा धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
कोतवाल श्रीनाथ यादव ने बताया कि बीएसए की तहरीर पर कार्यदायी संस्था यूपी इन्स्ट्रूमेंट लि. के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की विवेचना उप निरीक्षक एके त्रिगुनायक से कराई जा रही है।
कार्यदायी संस्था द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के भवन निर्माण ने अनुबंध की शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया है। संस्था के लोग सामने आकर आरोपों का जवाब भी देने से कतरा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद संस्था के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है। -जय सिंह, बीएसए बलरामपुर