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20 साल बाद बुजुर्ग मिला इंसाफ
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13जीडीएपी5-गोंडा के धानेपुर थाना परिसर में पुलिस हेल्प डेस्क की मदद से 20साल बाद शेषराम मिला 12000 बकाय?
- फोटो : GONDA
गोडा। गांव के ही एक दबंग को 12000 रुपये उधार देना शेषराम को इस कदर महंगा पड़ा कि उसे बकाया रुपया दुबारा पाने में 20 साल गुजर गए। भला हो धानेपुर पुलिस के हेल्प डेस्क का जिसने आखिरकार किसी तरह से वृद्ध के बकाए रुपये को दिला दिया। जैसे ही वृद्ध के बकाया रुपये उसे दुबारा मिले, उसकी बूढ़ी आंखें डबडबा आईं। खुशी व कृतज्ञता से भरे शेषराम के हृदय में पुलिस के प्रति आभार जताने के लिए शब्द नहीं निकल पा रहे थे।
धानेपुर थाना क्षेत्र के पूरे हाड़ा गांव में शेषराम (65) ने 20 साल पहले गांव के ही शेर बहादुर उर्फ कल्लू को 12 हजार रुपये ऊधार दिए थे। जब जरूरत पड़ने पर शेषराम ने रुपये मांगे तो शेर बहादुर उर्फ कल्लू रुपया देने से मुकर गया। प्रशासन व पुलिस में अच्छी रसूख होने के कारण शेर बहादुर उर्फ कल्लू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इंसाफ की जंग लड़ते-लड़ते 20 साल गुजर गए लेकिन अपना बकाया रुपये पाने के लिए वह दौड़ता रहा। आखिरकार उसने अपने बकाए रुपये का मामला हाल में थानाध्यक्ष रतन कुमार पांडेय के सामने रखा।
थानाध्यक्ष ने वृद्ध शेषराम के दर्द को समझा और इस मामले का निस्तारण कराने के लिए पुलिस हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक वकील सिंह को निर्देश दिया। पुलिस के सख्त रवैये के बाद आखिरकार शेर बहादुर उर्फ कल्लू ढीला पड़ गया और उसने रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली फिर उपनिरीक्षक वकील सिंह व कांस्टेबल बृजेश यादव की मौजूदगी में उसने वृद्ध शेषराम को उसके बकाया 12 हजार रुपये रुपये लौटा दिए। 20 साल बाद अपने बकाए रुपये को पाते ही वृद्ध शेषराम की आंखें डबडबा आईं। शेषराम ने बताया कि वह बकाया रुपये पाने की उम्मीद छोड़ चुका था लेकिन थानाध्यक्ष रतन पांडेय की अगुवाई में धानेपुर पुलिस ने उसे इंसाफ दिला दिया।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के पूरे हाड़ा गांव में शेषराम (65) ने 20 साल पहले गांव के ही शेर बहादुर उर्फ कल्लू को 12 हजार रुपये ऊधार दिए थे। जब जरूरत पड़ने पर शेषराम ने रुपये मांगे तो शेर बहादुर उर्फ कल्लू रुपया देने से मुकर गया। प्रशासन व पुलिस में अच्छी रसूख होने के कारण शेर बहादुर उर्फ कल्लू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इंसाफ की जंग लड़ते-लड़ते 20 साल गुजर गए लेकिन अपना बकाया रुपये पाने के लिए वह दौड़ता रहा। आखिरकार उसने अपने बकाए रुपये का मामला हाल में थानाध्यक्ष रतन कुमार पांडेय के सामने रखा।
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थानाध्यक्ष ने वृद्ध शेषराम के दर्द को समझा और इस मामले का निस्तारण कराने के लिए पुलिस हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक वकील सिंह को निर्देश दिया। पुलिस के सख्त रवैये के बाद आखिरकार शेर बहादुर उर्फ कल्लू ढीला पड़ गया और उसने रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली फिर उपनिरीक्षक वकील सिंह व कांस्टेबल बृजेश यादव की मौजूदगी में उसने वृद्ध शेषराम को उसके बकाया 12 हजार रुपये रुपये लौटा दिए। 20 साल बाद अपने बकाए रुपये को पाते ही वृद्ध शेषराम की आंखें डबडबा आईं। शेषराम ने बताया कि वह बकाया रुपये पाने की उम्मीद छोड़ चुका था लेकिन थानाध्यक्ष रतन पांडेय की अगुवाई में धानेपुर पुलिस ने उसे इंसाफ दिला दिया।
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