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Gonda News: गोंडा में ही पूरा हो सकता डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना
Fri, 24 Apr 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 24 Apr 2026 11:21 PM IST
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डॉ. डीएन सिंह व डॉ. अपर्णा वर्मा। संवाद
गोंडा। इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद अब जिले के मेधावी छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर नए विकल्प तलाश रहे हैं। कई विद्यार्थियों के मन में आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस जरूर है, लेकिन अब उन्हें बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत नहीं है। जिले में ही डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना साकार हो सकता है। स्वशासी मेडिकल कॉलेज और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कम खर्च में बेहतर शिक्षा का अवसर दे रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं भी बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
45 हजार सालाना फीस में करें एमबीबीएस
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिएट में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत (आरक्षित वर्ग 40 प्रतिशत) अंक प्राप्त किए हैं, वे नीट देकर एमबीबीएस में प्रवेश पा सकते हैं। यहां एमबीबीएस की सालाना फीस करीब 45 हजार रुपये है, जो निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में बेहद कम है। छात्र-छात्राएं घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी नीट की तैयारी कर सकते हैं। कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है।
इंजीनियरिंग की सालाना फीस 57 हजार
मां पाटेश्वरी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. अपर्णा वर्मा ने बताया कि यहां कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल शाखाओं में प्रत्येक में 60-60 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश के लिए जेईई मेन उत्तीर्ण करके या सीयूईटी यूजी के स्कोर के आधार पर भी काउंसिलिंग के जरिये दाखिला मिल सकता है। इसके लिए इंटर में गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में न्यूनतम 50 प्रतिशत (आरक्षित वर्ग 45 प्रतिशत) अंक आवश्यक हैं। वार्षिक फीस मात्र 57 हजार रुपये है।
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45 हजार सालाना फीस में करें एमबीबीएस
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिएट में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत (आरक्षित वर्ग 40 प्रतिशत) अंक प्राप्त किए हैं, वे नीट देकर एमबीबीएस में प्रवेश पा सकते हैं। यहां एमबीबीएस की सालाना फीस करीब 45 हजार रुपये है, जो निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में बेहद कम है। छात्र-छात्राएं घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी नीट की तैयारी कर सकते हैं। कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है।
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इंजीनियरिंग की सालाना फीस 57 हजार
मां पाटेश्वरी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. अपर्णा वर्मा ने बताया कि यहां कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल शाखाओं में प्रत्येक में 60-60 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश के लिए जेईई मेन उत्तीर्ण करके या सीयूईटी यूजी के स्कोर के आधार पर भी काउंसिलिंग के जरिये दाखिला मिल सकता है। इसके लिए इंटर में गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में न्यूनतम 50 प्रतिशत (आरक्षित वर्ग 45 प्रतिशत) अंक आवश्यक हैं। वार्षिक फीस मात्र 57 हजार रुपये है।

डॉ. डीएन सिंह व डॉ. अपर्णा वर्मा। संवाद
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