फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   The department lags in providing the armor of Ayushman to the migrant workers

प्रवासी कामगारों को आयुष्मान का कवच देने में विभाग फिसड्डी

Thu, 29 Oct 2020 10:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 10:00 PM IST
विज्ञापन
The department lags in providing the armor of Ayushman to the migrant workers
गोंडा। कोरोना संक्रमण से जहां एक ओर पूरा देश जूझ रहा है वहीं गरीब तबके के लोगों की सेहत अब सरकार के लिए चुनौती बन गई है। इस दौर में जिले में आने वाले प्रवासियों व उनके परिवार के सदस्यों का अब आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। इस विषय पर जिले स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्य शुरू किया गया था। मगर अब यहां लापरवाही बरती जा रही है।
विज्ञापन

आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार तिवारी ने बताया कि शासन से जिले के 793 लाभार्थियों की सूची आई है। जिनके गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे। मगर हकीकत में सभी प्रवासी मजदूरों को आयुष्मान के कवच ये संतृप्त नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन

गोंडा सदर ब्लॉक के 39, बभनजोत के 110, बेलसर के 49, छपिया के 46, करनैलगंज के 76, हलधरमऊ के 29, इटियाथोक के 21, झंझरी के 39, कटरा बाजार के 26, मनकापुर के 96, मुजेहना के 65, नवाबगंज के 15, पंड़री कृपाल के 19, परसपुर के 53, रुपईडीह के 37, तरबगंज के 37 तथा वजीरगंज ब्लॉक के 36 प्रवासी कामगार परिवारों के गोल्डन कार्ड बनने थे। कुछ को छोड़ दिया जाये तो ये निर्देश खाली हवा ही होकर रह गये।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनवाने एवं आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत निशुल्क इलाज का लाभ लेने की सुविधा जनपद में 19 सरकारी व छह निजी चिकित्सालयों समेत कुल 25 चिकित्सालयों में उपलब्ध है। इसमें से तीन जनपद स्तरीय चिकित्सालय बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय तथा रेलवे अस्पताल एवं सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा सतीश चंद्र पांडेय मेमोरियल हॉस्पिटल (एससीपीएम हॉस्पिटल), आरएन पांडेय मेमोरियल हॉस्पिटल, आशा देव मेमोरियल हॉस्पिटल, गायत्री हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल तथा अवध हॉस्पिटल शामिल हैं।

आयुष्मान योजना के तहत चिह्नित परिवारों से अपने सदस्यों का गोल्डन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने की अपील की गई थी। अभी भी जो लोग चिह्नित हैं, यदि उनका कार्ड नहीं बना है तो वे बनवाकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
- डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed