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Gonda News: अस्पतालों में जरा भी कम न हुई दलालों की सक्रियता
Sun, 14 Sep 2025 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 14 Sep 2025 11:55 PM IST
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गोंडा। जिला महिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में दलालों की सक्रियता जरा भी कम नहीं हुई है। सरकारी अस्पताल में असुविधाओं का डर दिखाकर ये दलाल मरीजों को निजी अस्पताल में ले जाते हैं। इसकी शिकायत आम तीमारदारों से लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री तक कर चुके है। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष भी बाहरी लोगों के दखल को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए सिर्फ तीमारदारों को ही प्रवेश देने की बात कह चुकी हैं, लेकिन इसका जरा भी असर नहीं दिख रहा है।
जिले के सरकारी अस्पतालों से दलाल प्रतिदिन तमाम मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जा रहे हैं। बीते 13 जुलाई को मझवा जानकीनगर निवासी शिवम के दो बेटों की मौत के बाद उन्होंने महिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले जाने वाली आशा बहू का नाम लिखकर डीएम व सीएमओ से शिकायत की, लेकिन जांच फाइल में ही दब गई।
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील को पत्र लिखकर अवगत कराया कि जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर अपने दलालों के माध्यम से मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पताल ले जाते हैं। इससे सरकार की बदनामी होती है।
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वहीं, बीते चार सितंबर को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में बिना काम के लोग टहलते नजर आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीमारदारों को ही अस्पताल में प्रवेश दिया जाए। एक मरीज के साथ एक तीमारदार का पास जारी किया जाए, लेकिन न महिला आयोग की अध्यक्ष की सख्ती काम आई और न ही विदेश राज्यमंत्री की चिट्ठी का कोई असर दिखाई पड़ा। दोनों अस्पतालों में रविवार को भी दलालों का गैंग सक्रिय नजर आया। वहीं, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे से निगरानी बढ़ाकर बिना काम के अस्पतालों में घूमने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी की गई है।
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जिले के सरकारी अस्पतालों से दलाल प्रतिदिन तमाम मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जा रहे हैं। बीते 13 जुलाई को मझवा जानकीनगर निवासी शिवम के दो बेटों की मौत के बाद उन्होंने महिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले जाने वाली आशा बहू का नाम लिखकर डीएम व सीएमओ से शिकायत की, लेकिन जांच फाइल में ही दब गई।
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विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील को पत्र लिखकर अवगत कराया कि जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर अपने दलालों के माध्यम से मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पताल ले जाते हैं। इससे सरकार की बदनामी होती है।
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वहीं, बीते चार सितंबर को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में बिना काम के लोग टहलते नजर आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीमारदारों को ही अस्पताल में प्रवेश दिया जाए। एक मरीज के साथ एक तीमारदार का पास जारी किया जाए, लेकिन न महिला आयोग की अध्यक्ष की सख्ती काम आई और न ही विदेश राज्यमंत्री की चिट्ठी का कोई असर दिखाई पड़ा। दोनों अस्पतालों में रविवार को भी दलालों का गैंग सक्रिय नजर आया। वहीं, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे से निगरानी बढ़ाकर बिना काम के अस्पतालों में घूमने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी की गई है।