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Gonda News: गिरफ्तारी का डर और गिफ्ट का लालच देकर 61.30 लाख का लगाया चूना
Mon, 12 Oct 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:30 PM IST
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गोंडा। एक महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर 21 लाख 30 हजार 600 रुपये ठग लिए गए। एक अन्य मामले में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर विदेश से कीमती गिफ्ट भेजने का झांसा देकर एक युवती और उसके परिवार से 40 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पहले मामले में पुलिस ने संबंधित खाते में पूरी रकम होल्ड करा ली है। दोनों मामलों में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
मालवीय नगर निवासी वीना श्रीवास्तव के मुताबिक, नौ अक्तूबर को उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नाम आने और गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाया। इसके बाद जांच के नाम पर उपलब्ध रकम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सरकारी खाते में जमा कराने को कहा। विश्वास दिलाने के लिए आरबीआई, सेबी और अन्य एजेंसियों के नाम से कथित दस्तावेज भी भेजे गए। आरोपियों की बातों में आकर वीना ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते से 14 लाख 300 रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से सात लाख 30 हजार 300 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 21 लाख 30 हजार 600 रुपये की ठगी हुई।
दूसरे मामले में बनगाई बरवार गांव निवासी चांदनी सिंह का कहना है कि उनकी बेटी की इंस्टाग्राम पर फराज राजपूत नामक व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई। बाद में दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल पर बात होने लगी। आरोप है कि युवक ने अपने जन्मदिन के बहाने पायल से आधार कार्ड मांगा और विदेश से उपहार भेजने की बात कही। कुछ समय बाद कूरियर के नाम पर संपर्क करने वाले व्यक्ति ने गिफ्ट छुड़ाने के लिए 10 हजार रुपये मांगे। इसके बाद पार्सल में सोने का हार, हीरे की अंगूठी और 50 हजार डॉलर होने के साथ ही कूरियर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने, फ्लाइट में परेशानी और अन्य बहानों से लगातार रकम की मांग की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। परिवार का दावा है कि रकम जुटाने के लिए उन्हें अपनी जमा-पूंजी और संपत्ति तक बेचनी पड़ी। आरोपियों की ओर से इसके बाद भी डेढ़ लाख रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई है।
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सीओ सदर अभिषेक दवाच्या ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से ठगी की पूरी रकम होल्ड करा ली है। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद तीन से चार बैंक कार्यदिवस में रकम पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।
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मालवीय नगर निवासी वीना श्रीवास्तव के मुताबिक, नौ अक्तूबर को उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नाम आने और गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाया। इसके बाद जांच के नाम पर उपलब्ध रकम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सरकारी खाते में जमा कराने को कहा। विश्वास दिलाने के लिए आरबीआई, सेबी और अन्य एजेंसियों के नाम से कथित दस्तावेज भी भेजे गए। आरोपियों की बातों में आकर वीना ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते से 14 लाख 300 रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से सात लाख 30 हजार 300 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 21 लाख 30 हजार 600 रुपये की ठगी हुई।
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दूसरे मामले में बनगाई बरवार गांव निवासी चांदनी सिंह का कहना है कि उनकी बेटी की इंस्टाग्राम पर फराज राजपूत नामक व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई। बाद में दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल पर बात होने लगी। आरोप है कि युवक ने अपने जन्मदिन के बहाने पायल से आधार कार्ड मांगा और विदेश से उपहार भेजने की बात कही। कुछ समय बाद कूरियर के नाम पर संपर्क करने वाले व्यक्ति ने गिफ्ट छुड़ाने के लिए 10 हजार रुपये मांगे। इसके बाद पार्सल में सोने का हार, हीरे की अंगूठी और 50 हजार डॉलर होने के साथ ही कूरियर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने, फ्लाइट में परेशानी और अन्य बहानों से लगातार रकम की मांग की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। परिवार का दावा है कि रकम जुटाने के लिए उन्हें अपनी जमा-पूंजी और संपत्ति तक बेचनी पड़ी। आरोपियों की ओर से इसके बाद भी डेढ़ लाख रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई है।
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सीओ सदर अभिषेक दवाच्या ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से ठगी की पूरी रकम होल्ड करा ली है। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद तीन से चार बैंक कार्यदिवस में रकम पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।