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हंगामे के चलते गन्ना परिषद की बैठक स्थगित

Mon, 30 Dec 2019 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 11:15 PM IST
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Sugarcane Council meeting postponed due to uproar
मनकापुर (गोंडा)। गन्ना विकास परिषद अध्यक्ष की अध्यक्षता में सोमवार को बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव न पूरा करने व अपूर्ण अभिलेख होने के कारण हंगामा हुआ था। जिसके बाद बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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कस्बा स्थित गन्ना विकास परिषद कार्यालय में सोमवार को गन्ना चेयरमैन ओमप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में पूर्व सूचना के अनुसार बैठक बुलाई गई। जिसका कोरम भी पूरा रहा। बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही गन्ना परिषद के सदस्य रईस अहमद ने परिषद के सचिव/सीनियर सीडीआई सुनील कुमार शुक्ला से आय-व्यय का ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए कहा।
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आय का ब्योरा दो प्रति में दिया गया, लेकिन व्यय का ब्योरा न दे पाने से गन्ना सदस्यों ने बैठक में हंगामा करते हुए सीडीआई से इस बात को पूछा कि परिषद की धनराशि खर्च करने के लिए क्या अध्यक्ष व सदस्यों से कोई अनुमति ली जाती है या नहीं? इसका संतोषजनक जबाब सीडीआई नहीं दे सके।
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इससे नाराज सदस्यों ने कहा कि फिर बैठक कराने का क्या औचित्य है? यही नहीं अध्यक्ष व सदस्यों ने पूछा कि गन्ना परिषद के कमेटी द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों पर किसी भी सड़क का निर्माण क्यों नहीं किया गया तो सचिव/सीडीआई ने कहा कि किसी भी प्रस्ताव की स्वीकृति स्थानीय विधायक व सांसद के अनुमोदन के बाद जिला योजना में प्रस्ताव स्वीकृत होता है। इस पर अध्यक्ष व सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सब सांसद व विधायक ही प्रस्ताव पास करते हैं तो परिषद के अध्यक्ष व सदस्यों के गठन व अधिकारों का क्या औचित्य है।
इसी बात से नाराज अध्यक्ष ने बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया। इसका सभी उपस्थति सदस्यों ने समर्थन किया जिसके कारण गन्ना परिषद की होने वाली बैठक निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। इस मौके पर चैयरमैन ओम प्रकाश सिंह व गन्ना परिषद सदस्य सुरेश सिंह, रईस अहमद, बनवारी लाल, नारायण प्रताप बहादुर सिंह, नंदकिशोर मिश्रा, गन्ना सचिव सुनील कुमार शुक्ल आदि लोग मौजूद रहे।
गन्ना परिषद के चैयरमैन ने जब परिषद की आमदनी व 20 प्रतिशत मद सड़कों पर खर्च करने का हिसाब पूछा तो सीडीआई सुनील कुमार शुक्ल ने हाथ खड़ा कर लिए। कमेटी के दबाव पर सीडीआई ने जो आंकड़ा प्रस्तुत किया वह चौंकाने वाला था।

जिसमे गन्ना परिषद मनकापुर में मदवार स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष व्यय जो विभिन्न मदों में थी वह तीस करोड़ दो लाख पैसठ हजार आठ सौ छत्तीस रुपये (30265836.00) व एनएस कमेटी गौराचौकी गन्ना परिषद मनकापुर के अधीन मदवार वर्ष 19-20 में अट्ठाइस करोड़ बारह लाख सात हजार चौतीस रुपये (28127034.00) दिखाये गये। इसमें एक मद जिसे अदृश्य मद का रूप दिया गया, उसमें दस करोड़ तैतालीस लाख पांच हजार छ: सौ चौदह रुपये (10435614.00) का जबाब नहीं दे सके। जिस पर नाराज अध्यक्ष व सदस्यों ने जांच करवाकर कार्रवाई कराने की बात कही।
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