फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Students are being cheated on sport

खेलकूद के नाम पर छले जा रहे विद्यार्थी

Wed, 16 Sep 2015 11:52 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 16 Sep 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
इतना ही नहीं विद्यालयों में विद्यार्थियों से वसूले जाने वाले शुल्क में से दो माह का शुल्क जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जिला अंश के नाम पर भी जमा कराया जा रहा है।
विज्ञापन


जिले में कुल 317 यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 45 राजकीय/अनुदानित कॉलेज हैं जबकि 12 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं। तीन राजकीय आश्रम पद्धति कॉलेज संचालित हैं। शेष 257 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित है। इन वित्त विहीन माध्यमिक कॉलेजों में एक लाख 25 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं कक्षा नौ से कक्षा 12 तक में पंजीकृत हैं।
विज्ञापन


अहम बात ये है कि ब्लॉक, तहसील से लेकर जिला स्तर तक  होने वाले माध्यमिक विद्यालयों के खेलकूद, सकाउट गाइड व रेडक्रॉस के कार्यक्रमों में वित्त विहीन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता न के बराबर होती है जबकि इन बच्चों का शुल्क जिला अंश दान में प्रत्येक वर्ष जमा कराया जाता है। ऐसे में सवा लाख छात्र-छात्राओं के साथ खेलकूद सहित अन्य प्रतियोगिताओं के नाम पर छला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर साल विभाग में जमा होते हैं लाखों रुपये
गोंडा। वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष संबंधित कॉलेजों में पंजीकृत छात्रों की संख्या के आधार पर क्रीड़ा, स्काउट-गाइड व रेडक्रॉस शुल्क के नाम पर लाखों रुपये जमा कराए जाते हैं। प्रति विद्यार्थी के हिसाब दो माह का दस रुपये क्रीड़ा शुल्क, सात रुपये स्काउट-गाइड शुल्क व दो रुपये रेडक्रॉस शुल्क जमा कराया कराया जाता है। इस तरह करीब 50 लाख रुपये का खेल हर साल हो रहा है।

ये है शासनादेश
शिक्षा निदेशक माध्यमिक अमर नाथ वर्मा ने बीते 11 सितंबर को जारी आदेश में कहा है कि वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों में क्रीड़ा शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जबकि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को इसे तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि वित्त विहीन विद्यालयों से प्रति विद्यार्थी के हिसाब से क्रीड़ा, स्काडट-गाइड व रेडक्रॉस का शुल्क जिला अंश खातें में जमा कराया जाता है। उन्होंने ने बताया कि अवैध वसूली कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। डीआइओएस ने क्रीड़ा शुल्क न लिए जाने के प्राविधान वाले आदेश से अन्भिज्ञता जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed