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नोएडा से मेडिकल छात्र गौरव को एसटीएफ ने छुड़ाया
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बीएएमएस छात्र गौरव अपहणकांड के आरोपियों के साथ पुलिस टीम।
- फोटो : GONDA
गोंडा। एससीपीएम कॉलेज के अपहृत मेडिकल छात्र गौरव को एसटीएफ तथा गोंडा पुलिस ने नोएडा सकुशल ढूंढ निकाला है। छात्र को अगवा करने वाले बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने एक चिकित्सक समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग में शामिल एक महिला डॉक्टर अभी फरार है। छात्र को अगवा कर 70 लाख की फिरौती मांगी गई थी।
बता दें कि बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र के सत्संग नगर कॉलोनी काशीजोत के रहने वाले डॉ. निखिल हालदार का बेटा गौरव हालदार एससीपीएम कॉलेज में बीएएमएस का प्रथम वर्ष का छात्र है।
गौरव को कॉलेज के बाहर से 18 जनवरी को अगवा कर लिया गया था। गौरव के पिता डॉ. निखिल के फोन पर 19 जनवरी को अपहरणकर्ताओं ने कॉल कर 70 लाख फिरौती की मांगी थी। गौरव के पिता डॉ. निखिल ने कोतवाली नगर में अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसपी शैलेंश कुमार पांडेय ने बताया कि पड़ताल में पता चला कि गौरव को अपहरण करने के बाद एनसीआर में रखा गया है। 21 जनवरी को पता चला कि अपहरणकर्ता फिरौती की रकम लेने के लिए गौरव को लेकर दिल्ली एनसीआर से लखनऊ रवाना हुए हैं।
इस सूचना पर एसटीएफ व गोंडा पुलिस ने नोएडा एक्सप्रेस वे पर कार सवार अपहरणकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया तो अपहरणकर्ताओं ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान के दौरान डॉ. अभिषेक सिंह निवासी अचलपुर थाना वजीरगंज गोंडा, नितेश निवासी बालपुर थाना निहारगंज धौलपुर राजस्थान व मोहित सिंह निवासी परौली कोतवाली करनैलगंज को गिरफ्तार कर लिया गया। कार की पिछली सीट के नीचे से अपहृत गौरव को सकुशल छुड़ा लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक पिस्टल 32 बोर, चार कारतूस, स्विफ्ट डिजायर कार व नशे के इंजेक्शन बरामद हुुए हैं।
एसपी के मुताबिक पूछताछ में डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि उसने वर्ष 2013-2014 में बंगलुरु से बीएएमएस किया है। उसकी बुआ की शादी बहराइच के पयागपुर में हुई है। बुआ के बेटे रोहित और मोहित का परिचय गौरव से था। मोहित दिल्ली के करोलबाग में कपड़े की एक दुकान पर काम करता था और गोंडा आया जाया करता था।
एसपी ने बताया कि नजफगढ़ में जहां मोहित जिम करने जाता था। वहीं नितेश भी जिम करता था, इसलिए दोनों एक दूसरे से परिचित थे। नितेश इंश्योरेंश में जालसाजी करता था, जबकि अभिषेक नजफगढ़ नांगलोई में एक अस्पताल में डॉक्टर है। जहां डॉ. प्रीति मेहरा भी काम करती है।
रोहित के माध्यम से डॉ. अभिषेक ने गौरव के अपहरण की साजिश रची और कार से सभी गोंडा पहुंचे। यहां गौरव को डॉ. प्रीति ने ही फोन करके बुलाया और अगवा कर कार में उसे नशे का इंजेक्शन देने के बाद लेकर दिल्ली चले गए, जबकि रोहित गोरखपुर चला गया।
नोएडा में गौरव को डॉ. अभिषेक के फ्लैट में रखा गया। जहां उसे कई बार नशे का इंजेक्शन दिया गया। एसपी ने बताया कि घटना में शामिल रोहित तथा सतीश को गोंडा से गिरफ्तार किया गया है।
डॉ. अभिषेक के कहने पर डॉ. प्रीति ने फोन करके हाल ही में गौरव से बातचीत शुरू की थी। बातचीत के दौरान गौरव और डॉ. प्रीति कुछ ही दिनों में ही अच्छे दोस्त बन गए। डॉ. प्रीति ने गौरव को दोस्ती के जाल में फंसा लिया और डॉ. अभिषेक के प्लान के मुताबिक गौरव से मिलने गोंडा पहुंच गई। यहां मुंडेरवा के रहने वाले राहगीर युवक से फोन मांगकर गौरव को कॉल की और उसे एससीपीएम कॉलेज के बाहर बुलाया। जब गौरव मिलने पहुंचा तो उसका अपहरण कर लिया।
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बता दें कि बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र के सत्संग नगर कॉलोनी काशीजोत के रहने वाले डॉ. निखिल हालदार का बेटा गौरव हालदार एससीपीएम कॉलेज में बीएएमएस का प्रथम वर्ष का छात्र है।
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गौरव को कॉलेज के बाहर से 18 जनवरी को अगवा कर लिया गया था। गौरव के पिता डॉ. निखिल के फोन पर 19 जनवरी को अपहरणकर्ताओं ने कॉल कर 70 लाख फिरौती की मांगी थी। गौरव के पिता डॉ. निखिल ने कोतवाली नगर में अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसपी शैलेंश कुमार पांडेय ने बताया कि पड़ताल में पता चला कि गौरव को अपहरण करने के बाद एनसीआर में रखा गया है। 21 जनवरी को पता चला कि अपहरणकर्ता फिरौती की रकम लेने के लिए गौरव को लेकर दिल्ली एनसीआर से लखनऊ रवाना हुए हैं।
इस सूचना पर एसटीएफ व गोंडा पुलिस ने नोएडा एक्सप्रेस वे पर कार सवार अपहरणकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया तो अपहरणकर्ताओं ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान के दौरान डॉ. अभिषेक सिंह निवासी अचलपुर थाना वजीरगंज गोंडा, नितेश निवासी बालपुर थाना निहारगंज धौलपुर राजस्थान व मोहित सिंह निवासी परौली कोतवाली करनैलगंज को गिरफ्तार कर लिया गया। कार की पिछली सीट के नीचे से अपहृत गौरव को सकुशल छुड़ा लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक पिस्टल 32 बोर, चार कारतूस, स्विफ्ट डिजायर कार व नशे के इंजेक्शन बरामद हुुए हैं।
एसपी के मुताबिक पूछताछ में डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि उसने वर्ष 2013-2014 में बंगलुरु से बीएएमएस किया है। उसकी बुआ की शादी बहराइच के पयागपुर में हुई है। बुआ के बेटे रोहित और मोहित का परिचय गौरव से था। मोहित दिल्ली के करोलबाग में कपड़े की एक दुकान पर काम करता था और गोंडा आया जाया करता था।
एसपी ने बताया कि नजफगढ़ में जहां मोहित जिम करने जाता था। वहीं नितेश भी जिम करता था, इसलिए दोनों एक दूसरे से परिचित थे। नितेश इंश्योरेंश में जालसाजी करता था, जबकि अभिषेक नजफगढ़ नांगलोई में एक अस्पताल में डॉक्टर है। जहां डॉ. प्रीति मेहरा भी काम करती है।
रोहित के माध्यम से डॉ. अभिषेक ने गौरव के अपहरण की साजिश रची और कार से सभी गोंडा पहुंचे। यहां गौरव को डॉ. प्रीति ने ही फोन करके बुलाया और अगवा कर कार में उसे नशे का इंजेक्शन देने के बाद लेकर दिल्ली चले गए, जबकि रोहित गोरखपुर चला गया।
नोएडा में गौरव को डॉ. अभिषेक के फ्लैट में रखा गया। जहां उसे कई बार नशे का इंजेक्शन दिया गया। एसपी ने बताया कि घटना में शामिल रोहित तथा सतीश को गोंडा से गिरफ्तार किया गया है।
डॉ. अभिषेक के कहने पर डॉ. प्रीति ने फोन करके हाल ही में गौरव से बातचीत शुरू की थी। बातचीत के दौरान गौरव और डॉ. प्रीति कुछ ही दिनों में ही अच्छे दोस्त बन गए। डॉ. प्रीति ने गौरव को दोस्ती के जाल में फंसा लिया और डॉ. अभिषेक के प्लान के मुताबिक गौरव से मिलने गोंडा पहुंच गई। यहां मुंडेरवा के रहने वाले राहगीर युवक से फोन मांगकर गौरव को कॉल की और उसे एससीपीएम कॉलेज के बाहर बुलाया। जब गौरव मिलने पहुंचा तो उसका अपहरण कर लिया।