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82 क्रय केंद्रो पर नहीं हुई बोहनी,सचिवों के हड़ताल से सुस्त खरीद
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गोंडा के मसकनवा में धान क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में धान खरीद शुरू होने के दस दिन बाद भी 81 क्रय केंद्रों पर एक छटाक धान की खरीद नहीं हुई। किसान गेहूं व गन्ने की बुुवाई के लिए धान बेचने की जल्दबाजी में लगे हैं तो वहीं सचिवों की हड़ताल पर जाने के चलते साधन सहकारी समितियों पर बने क्रय केंद्रों पर ताला लटकता रहा।
सचिवों हड़ताल की जानकारी होने के बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। जिले में 88 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद 28 फरवरी तक होनी है। इस बार धान खरीद का लक्ष्य 82300 एमटी निर्धारित की गई है। लेकिन दस दिन बाद अभी तक मात्र 13.36 एमटी धान की खरीद हो सकी।
जिले में किसानों को धान बेचकर मिले पैसे से खेत की सिंचाईं व जोताई कर गेहूं, गन्ना व सरसों के साथ अन्य फसलों की बोआई करनी है। लेकिन दस सरकारी क्रय केंद्रों पर ताला लटकने की वजह से किसानों के मनसूबों पर पानी फिर रहा है, जिससे किसान बिचौलियों के हाथों सस्ते दर पर धान बेचने पर मजबूर हैं।
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शासन के निर्देश के मुताबिक प्रशासन को अपनी तैयारियां तो चाक चौबंद रखनी ही चाहिए थी, लेकिन सचिवों की हड़ताल के चलते पीसीएफ के साधन सहकारी समितियों पर बने क्रय केंद्रों पर कर्मचारी नदारद रहे। धान खरीद को लेकर शासन के निर्देशों का पालन करने को लेकर जिले के आला अधिकारी कितना गंभीर हैं। अमर उजाला की टीम ने बुधवार को क्रय केंद्रों की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
मसकनवा में क्रय केंद्र के चयनित स्थानों पर सन्नाटा छाया रहा। यहां न तो खरीद का बैनर लगा न ही गोदाम प्रभारी व क्रय संबधित समान दिखाई पड़ा। बुधवार सुबह दस बजे दो केंद्रों पर प्रभारी नदारद रहे। फोन पर गोदाम प्रभारी घनश्याम ने बताया कि जनरेटर को आज सही कराया जाएगा। करीब तीस किसान धान बेचने के लिए संपर्क कर चुके हैं। जल्द ही खरीद शुरू की जाएगी।
कटरा बजार के वीरपुर क्रय केंद्र पर धान खरीद की बोहनी नहीं हो पाई। क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा था तथा न कोई खरीद का संसाधन दिखाई पड़ा न ही गोदाम प्रभारी उपस्थित रहे। गोदाम प्रभारी केशवराम मिश्र ने बताया कि अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई।
प्रभारियों की हड़ताल है इसलिये खरीद शुरू नहीं हो पाई। कटरा बाजार के ही पूरे बहोरी क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र के सामने मवेशी घूमते दिखाई पड़े। क्रय केंद्र राजगढ़ अमीनपुर जो मझौवा में संचालित है। वहां भी सन्नाटा पसरा रहा।
बेलसर में खरीद शुरू नहीं हो सकी। यहां तो आला अधिकारियों को धान खरीद केंद्र की न तो जानकारी है न ही वे खरीद में रुचि ले रहे हैं। ऐसे में किसानों को भटकना पड़ रहा है। जिलाधिकारी धान क्रय केंद्रों को स्थिति सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं।
साथ ही संबंधित अधिकारियों को धान क्रय केंद्र की जांच व मूल्यांकन करने का निर्देश दे चुके हैं। जिससे किसानों को बिचौलियों के हाथ धान बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। लेकिन विकास खंड बेलसर में धान क्रय केंद्रों का अता पता नहीं है।
अमर उजाला प्रतिनिधि ने जब केंद्रों की जानकारी खंड विकास अधिकारी बेलसर से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता है कि धान क्रय केंद्र कहां खुले हैं। जानकारी के लिए तहसीलदार तरबगंज, एसडीएम तरबगंज से बात कीजिए। तहसीलदार तरबगंज पैगाम हैदर से बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें धान क्रय केंद्र की जानकारी नहीं है। इसके लिए एसडीएम से बात करें। एसडीएम तरबगंज को फोन मिलाने पर उनके फोन की घंटी बजती रही लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ।
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सचिवों हड़ताल की जानकारी होने के बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। जिले में 88 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद 28 फरवरी तक होनी है। इस बार धान खरीद का लक्ष्य 82300 एमटी निर्धारित की गई है। लेकिन दस दिन बाद अभी तक मात्र 13.36 एमटी धान की खरीद हो सकी।
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जिले में किसानों को धान बेचकर मिले पैसे से खेत की सिंचाईं व जोताई कर गेहूं, गन्ना व सरसों के साथ अन्य फसलों की बोआई करनी है। लेकिन दस सरकारी क्रय केंद्रों पर ताला लटकने की वजह से किसानों के मनसूबों पर पानी फिर रहा है, जिससे किसान बिचौलियों के हाथों सस्ते दर पर धान बेचने पर मजबूर हैं।
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शासन के निर्देश के मुताबिक प्रशासन को अपनी तैयारियां तो चाक चौबंद रखनी ही चाहिए थी, लेकिन सचिवों की हड़ताल के चलते पीसीएफ के साधन सहकारी समितियों पर बने क्रय केंद्रों पर कर्मचारी नदारद रहे। धान खरीद को लेकर शासन के निर्देशों का पालन करने को लेकर जिले के आला अधिकारी कितना गंभीर हैं। अमर उजाला की टीम ने बुधवार को क्रय केंद्रों की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
मसकनवा में क्रय केंद्र के चयनित स्थानों पर सन्नाटा छाया रहा। यहां न तो खरीद का बैनर लगा न ही गोदाम प्रभारी व क्रय संबधित समान दिखाई पड़ा। बुधवार सुबह दस बजे दो केंद्रों पर प्रभारी नदारद रहे। फोन पर गोदाम प्रभारी घनश्याम ने बताया कि जनरेटर को आज सही कराया जाएगा। करीब तीस किसान धान बेचने के लिए संपर्क कर चुके हैं। जल्द ही खरीद शुरू की जाएगी।
कटरा बजार के वीरपुर क्रय केंद्र पर धान खरीद की बोहनी नहीं हो पाई। क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा था तथा न कोई खरीद का संसाधन दिखाई पड़ा न ही गोदाम प्रभारी उपस्थित रहे। गोदाम प्रभारी केशवराम मिश्र ने बताया कि अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई।
प्रभारियों की हड़ताल है इसलिये खरीद शुरू नहीं हो पाई। कटरा बाजार के ही पूरे बहोरी क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र के सामने मवेशी घूमते दिखाई पड़े। क्रय केंद्र राजगढ़ अमीनपुर जो मझौवा में संचालित है। वहां भी सन्नाटा पसरा रहा।
बेलसर में खरीद शुरू नहीं हो सकी। यहां तो आला अधिकारियों को धान खरीद केंद्र की न तो जानकारी है न ही वे खरीद में रुचि ले रहे हैं। ऐसे में किसानों को भटकना पड़ रहा है। जिलाधिकारी धान क्रय केंद्रों को स्थिति सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं।
साथ ही संबंधित अधिकारियों को धान क्रय केंद्र की जांच व मूल्यांकन करने का निर्देश दे चुके हैं। जिससे किसानों को बिचौलियों के हाथ धान बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। लेकिन विकास खंड बेलसर में धान क्रय केंद्रों का अता पता नहीं है।
अमर उजाला प्रतिनिधि ने जब केंद्रों की जानकारी खंड विकास अधिकारी बेलसर से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता है कि धान क्रय केंद्र कहां खुले हैं। जानकारी के लिए तहसीलदार तरबगंज, एसडीएम तरबगंज से बात कीजिए। तहसीलदार तरबगंज पैगाम हैदर से बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें धान क्रय केंद्र की जानकारी नहीं है। इसके लिए एसडीएम से बात करें। एसडीएम तरबगंज को फोन मिलाने पर उनके फोन की घंटी बजती रही लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ।