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शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:47 PM IST
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गोंडा स्थित ट्रांसफार्मर मरम्मत कार्यशाला का गुरुवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल मिश्र ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अवर अभियंता से लेकर एसडीओ व एक्सईएन को निर्देशित किया कि जिले के अलावा यहां से गैर जनपदों को जो भी ट्रांसफार्मर भेजे जाएं, उनकी गुणवत्ता मानक पर आधारित होनी चाहिए। अगर ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता से संबंधित कोई शिकायत उन्हें मिलती है तो इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग में लगी कार्यदाई संस्थाओं से लेकर इसकी मॉनिटरिंग करने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने 10 केवीए से लेकर 100 केवीए व 250 केवीए से लेकर 630 केवीए के मीडियम क्षमता के ट्रांसफार्मरों का लेखा-जोखा देखा।
साथ ही कार्यशाला में लगी ओवेन मशीनों का भी जायजा लिया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मौजूदा समय वह गोंडा में बनने वाले ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति मंडल के अन्य तीन जनपदों के अतिरिक्त फैजाबाद व बस्ती मंडल के जिलों में भी कर रहे हैं।
मैनपावर और संसाधन की उनके पास कोई कमी नहीं है। यही कारण है कि जैसे ही कोई ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के लिए वर्कशाप में आता है तो उसे 24 से 48 घंटे के भीतर तैयार कर दे दिया जाता है।
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उन्होंने बताया कि ठंड के पीक सीजन में लोड पड़ने पर ट्रांसफार्मर ज्यादा फुंकते हैं। जिसकी व्यवस्था उन्होंने पहले से कर रखी है।
गोंडा के अलग-अलग तीन शेडों में लो क्षमता (10 केवीए से 100 केवीए) के 50 से ऊपर ट्रांसफार्मर उनके पास बने हुए उपलब्ध हैं। जबकि मीडियम क्षमता के भी ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है।
ट्रांसफार्मर मरम्मत का काम करने वाली कार्यदाई संस्थाओं को ट्रांसफार्मर की रिपेयरिंग गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं इसकी रिपयेरिंग में होने वाली लापरवाही के लिए इसके जिम्मेदारों को भी चेतावनी दी गई है। अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने 10 केवीए से लेकर 100 केवीए व 250 केवीए से लेकर 630 केवीए के मीडियम क्षमता के ट्रांसफार्मरों का लेखा-जोखा देखा।
साथ ही कार्यशाला में लगी ओवेन मशीनों का भी जायजा लिया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मौजूदा समय वह गोंडा में बनने वाले ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति मंडल के अन्य तीन जनपदों के अतिरिक्त फैजाबाद व बस्ती मंडल के जिलों में भी कर रहे हैं।
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मैनपावर और संसाधन की उनके पास कोई कमी नहीं है। यही कारण है कि जैसे ही कोई ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के लिए वर्कशाप में आता है तो उसे 24 से 48 घंटे के भीतर तैयार कर दे दिया जाता है।
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उन्होंने बताया कि ठंड के पीक सीजन में लोड पड़ने पर ट्रांसफार्मर ज्यादा फुंकते हैं। जिसकी व्यवस्था उन्होंने पहले से कर रखी है।
गोंडा के अलग-अलग तीन शेडों में लो क्षमता (10 केवीए से 100 केवीए) के 50 से ऊपर ट्रांसफार्मर उनके पास बने हुए उपलब्ध हैं। जबकि मीडियम क्षमता के भी ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है।
ट्रांसफार्मर मरम्मत का काम करने वाली कार्यदाई संस्थाओं को ट्रांसफार्मर की रिपेयरिंग गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं इसकी रिपयेरिंग में होने वाली लापरवाही के लिए इसके जिम्मेदारों को भी चेतावनी दी गई है। अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।