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Gonda News: सरयू का जलस्तर घटा, मगर दुश्वारियां बरकरार

Mon, 24 Aug 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 24 Aug 2026 11:34 PM IST
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Saryu's water level recedes, but hardships persist
गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद
नवाबगंज/विश्नोहरपुर/करनैलगंज। सरयू नदी के जलस्तर में तीन दिन से आ रही कमी ने प्रशासन और तटवर्ती ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। हालांकि, बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी माझा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कटान तेज होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, खेतों में पानी भरा होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। रास्तों पर कीचड़ और जलभराव ने आवागमन मुश्किल कर दिया है। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहरा गया है।
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बीते दिनों सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने पर माझा क्षेत्र जलमग्न हो गया था। अब पानी घटने लगा है, लेकिन दुल्लापुर, माझा राठ, जैतपुर, तुलसीपुर माझा, महेशपुर, दुर्गागंज माझा आदि गांवों में जनजीवन अभी सामान्य नहीं हुआ है। जलभराव के चलते मच्छर पनपने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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निषाद पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार निषाद ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर टीकाकरण और जांच अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले स्थानों पर मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव और ग्रामीणों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराना अब प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
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विश्नोहरपुर संवाद के अनुसार, माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर घटने से कुछ राहत तो है, लेकिन अब कटान का भय सताने लगा है। दत्तनगर और साकीपुर गोकुला आदि गांवों में खेतों में भरे पानी से धान की फसलें और मवेशियों का चारा (चरी-बाजरा) पूरी तरह सड़ चुका है। कटान प्रभावितों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है।
दत्तनगर से पलायन कर चुके लोग अभी तक अपने घर नहीं लौटे हैं। हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। करोड़ों की लागत से बनी पेयजल टंकियां शोपीस साबित हो रही हैं। ढेमवा मार्ग कटान की जद में है, लेकिन प्रशासन शांत है। राहत किट वितरण न होने से ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है।
करनैलगंज संवाद के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कटान तेज होने से तटवर्ती किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। दो दिन में करीब आठ किलोमीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े दायरे में कटान से सैकड़ों बीघे कृषि भूमि नदी में समा चुकी है।

सोमवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.00 मीटर था, जो खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर नीचे है। नदी में कुल डिस्चार्ज 2,86,418 क्यूसेक दर्ज किया गया। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि जलस्तर और डिस्चार्ज दोनों घट रहे हैं। इसलिए फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है। हालांकि, लगातार कट रहे खेतों को देखकर ग्रामीण दहशत में हैं।

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

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