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एसआईआर : तार्किक विसंगतियों ने बढ़ाई बीएलओ की चुनौतियां
Fri, 19 Dec 2025 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 19 Dec 2025 11:27 PM IST
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पसका/गोंडा। जिले में लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में तार्किक विसंगतियों ने बीएलओ की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को कड़ाके के ठंड में अलाव के सामने बैठक कर एसआईआर की तार्किक विसंगतियां दूर की गईं। वहीं, कई चौकाने वाले खुलासों से बीएलओ परेशान हैं।
बीएलओ ने बताया कि मतदाताओं ने एसआईआर फॉर्म में माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी के एसआईआर की जानकारी दी गई। मगर जो जानकारी दी गई उसमें कई तरह की विसंगतियां मिल रही है। कई मतदाताओं के पिता की आयु में सिर्फ 13, 14, 15 और 16 साल का ही अंतर है। अब सवाल है कि 22 साल बाद हो रहे एसआईआर में मतदाताओं की आयु इतनी कम कैसे हो सकती है? ऐसे मतदाताओं का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के चलते जहां परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया गया।
वहीं, परसपुर के कंपोजिट विद्यालय लोहंगपुरडीहा में शिक्षक मुरली मनोहर श्रीवास्तव सत्यापन करते नजर आए। उन्होंने बताया कि करीब 100 से अधिक मतदाताओं में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। इसमें से 65 से अधिक मतदाताओं की सत्यापन के बाद विसंगति दूर की गई है। हालांकि आयु में अंतर के लिए मतदाता कोई प्रमाण नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में मुश्किलें हो रही है। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि बूथवार तार्किक विसंगतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को लगाया गया है। सभी विसंगतियां दूर की जा रही हैं।
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अनमैप न होने से मैपिंग में हो रहीं दिक्कतें
बीएलओ के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे शिक्षक रवींद्र निगम ने बताया कि कुछ मतदाताओं की दूसरे जगहों पर गलत मैपिंग हो गई है, जिन्हें अनमैप न करने की वजह से सही जगह मैपिंग नहीं हो पा रही है। हालांकि चुनाव कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर विसंगतियां सत्यापन के बाद दूर हो जाएंगी। अगर किसी मतदाता की जानकारी सही पाई जाती है, इसके बावजूद भी विसंगतियां दिख रही हैं तो नो रिक्वायड एक्शन करके छोड़ दिया जाएगा। एडिट समेत कई विकल्प मौजूद हैं।
अभी भी भर सकते हैं एसआईआर फॉर्म
चुनाव कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि जो मतदाता अभी भी एसआईआर फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं, वे जल्द अपने बीएलओ से संपर्क कर अपना फॉर्म भर दें, वरना मतदाता बनने से वंचित रह सकते हैं। किसी तरह की जानकारी के लिए चुनाव कार्यालय के कंट्रोल रूम के साथ ही संबंधित विधानसभा के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से भी मिलकर समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
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बीएलओ ने बताया कि मतदाताओं ने एसआईआर फॉर्म में माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी के एसआईआर की जानकारी दी गई। मगर जो जानकारी दी गई उसमें कई तरह की विसंगतियां मिल रही है। कई मतदाताओं के पिता की आयु में सिर्फ 13, 14, 15 और 16 साल का ही अंतर है। अब सवाल है कि 22 साल बाद हो रहे एसआईआर में मतदाताओं की आयु इतनी कम कैसे हो सकती है? ऐसे मतदाताओं का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के चलते जहां परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया गया।
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वहीं, परसपुर के कंपोजिट विद्यालय लोहंगपुरडीहा में शिक्षक मुरली मनोहर श्रीवास्तव सत्यापन करते नजर आए। उन्होंने बताया कि करीब 100 से अधिक मतदाताओं में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। इसमें से 65 से अधिक मतदाताओं की सत्यापन के बाद विसंगति दूर की गई है। हालांकि आयु में अंतर के लिए मतदाता कोई प्रमाण नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में मुश्किलें हो रही है। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि बूथवार तार्किक विसंगतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को लगाया गया है। सभी विसंगतियां दूर की जा रही हैं।
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अनमैप न होने से मैपिंग में हो रहीं दिक्कतें
बीएलओ के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे शिक्षक रवींद्र निगम ने बताया कि कुछ मतदाताओं की दूसरे जगहों पर गलत मैपिंग हो गई है, जिन्हें अनमैप न करने की वजह से सही जगह मैपिंग नहीं हो पा रही है। हालांकि चुनाव कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर विसंगतियां सत्यापन के बाद दूर हो जाएंगी। अगर किसी मतदाता की जानकारी सही पाई जाती है, इसके बावजूद भी विसंगतियां दिख रही हैं तो नो रिक्वायड एक्शन करके छोड़ दिया जाएगा। एडिट समेत कई विकल्प मौजूद हैं।
अभी भी भर सकते हैं एसआईआर फॉर्म
चुनाव कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि जो मतदाता अभी भी एसआईआर फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं, वे जल्द अपने बीएलओ से संपर्क कर अपना फॉर्म भर दें, वरना मतदाता बनने से वंचित रह सकते हैं। किसी तरह की जानकारी के लिए चुनाव कार्यालय के कंट्रोल रूम के साथ ही संबंधित विधानसभा के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से भी मिलकर समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।