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अब परिषदीय स्कूलों में टैबलेट से लगेगी बायोमीट्रिक हाजिरी
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फोटो-25-गोंडा में मनकापुर के कंपोजिट विद्यालय सोनबरसा में अभिभावकों को जागरूक करते बच्चे व शिक्षक
- फोटो : GONDA
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गोंडा। परिषदीय स्कूलों को हाईटेक बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू हो गया है। स्मार्ट स्कूल तैयार करने के साथ हर स्कूल के प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षकों को टैबलेट मिलेगी। इससे बायोमीट्रिक हाजिरी होगी। 17 बीआरसी पर निगरानी के लिए तकनीकी सुविधा केंद्र स्थापित होंगे। केंद्र के लिए 40. 80 लाख का बजट तय किया गया है। प्रत्येक बीआरसी को इसके लिए दो लाख 40 हजार रुपये का बजट मिलेगा। इससे स्कूलों को जोड़ा जाएगा और हर स्थिति पर नजर रहेगी। राज्य स्तर पर विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित होगा, जिससे हर स्कूलों की निगरानी होगी।
परीक्षाओं को रिजल्ट भी दर्ज होगा
इस बार राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम विद्या समीक्षा केंद्र में प्रतिदिन शिक्षकों व विद्यार्थियों की हाजिरी दर्ज की जाएगी। हर तीन माह पर होने वाली परीक्षाओं का रिजल्ट भी यहां दर्ज होगा। स्कूल चलो अभियान, स्कूलों की मान्यता, शिक्षकों के शिक्षणेत्तर कामों को कम करने में मदद मिलेगी। प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट दिए जाने की योजना में विस्तार करते हुए प्रधानाध्यापक के अलावा स्कूल के एक और शिक्षक को टैबलेट दिया जाएगा। टैबलेट से बायोमीट्रिक हाजिरी लगाई जाएगी। इसे कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। बीआरसी और एआरपी आदि को भी टैबलेट दिया जाना है। जिले में करीब 5400 टैबलेट की जरूरत होगी। 2611 परिषदीय स्कूलों के साथ ही 85 एआरपी भी टैबलेट पाएंगे।
स्कूलों में नामांकन अभियान के साथ होगा पौधरोपण
परिषदीय स्कूलों का संचालन 16 जून से शुरू हो गया है। साथ ही पढ़ाई की कई तरह की पहल हो रही है। मानसून आने से स्कूलों में भी पौधरोपण अभियान चल रहा है। स्कूलों में नामांकन के साथ ही बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि पहली अप्रैल से ही नवीन सत्र शुरू हो चुका है। अभी जो नामांकन अवशेष हैं वह हो रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। हर तीन माह पर परीक्षाएं होनी है, जिसकी तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
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परीक्षाओं को रिजल्ट भी दर्ज होगा
इस बार राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम विद्या समीक्षा केंद्र में प्रतिदिन शिक्षकों व विद्यार्थियों की हाजिरी दर्ज की जाएगी। हर तीन माह पर होने वाली परीक्षाओं का रिजल्ट भी यहां दर्ज होगा। स्कूल चलो अभियान, स्कूलों की मान्यता, शिक्षकों के शिक्षणेत्तर कामों को कम करने में मदद मिलेगी। प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट दिए जाने की योजना में विस्तार करते हुए प्रधानाध्यापक के अलावा स्कूल के एक और शिक्षक को टैबलेट दिया जाएगा। टैबलेट से बायोमीट्रिक हाजिरी लगाई जाएगी। इसे कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। बीआरसी और एआरपी आदि को भी टैबलेट दिया जाना है। जिले में करीब 5400 टैबलेट की जरूरत होगी। 2611 परिषदीय स्कूलों के साथ ही 85 एआरपी भी टैबलेट पाएंगे।
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स्कूलों में नामांकन अभियान के साथ होगा पौधरोपण
परिषदीय स्कूलों का संचालन 16 जून से शुरू हो गया है। साथ ही पढ़ाई की कई तरह की पहल हो रही है। मानसून आने से स्कूलों में भी पौधरोपण अभियान चल रहा है। स्कूलों में नामांकन के साथ ही बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि पहली अप्रैल से ही नवीन सत्र शुरू हो चुका है। अभी जो नामांकन अवशेष हैं वह हो रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। हर तीन माह पर परीक्षाएं होनी है, जिसकी तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
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