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Gonda News: भर्ती घोटाले से पहले भी उठ चुके कई मामले
Fri, 19 May 2023 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 19 May 2023 12:20 AM IST
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गोंडा। मनकापुर के एपी इंटर कॉलेज में स्वीपर पद पर प्रदीप कुमार की भर्ती घोटाले से पहले कई मामले भी उठ चुके हैं। बाद में प्रधानाचार्य डॉ. अवध शरण मिश्र को भर्ती घोटाले में आरोपित किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर सीआरओ ने जांच की थी, जिसमें बड़ा खुलासा हो चुका था। जिसमें तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक की भूमिका पर सवाल खड़े हुए थे। दिनांक 29 जून 2021 के दायर प्रकरण पर सीजेएम कोर्ट में 22 अप्रैल 2022 को मुख्य राजस्व अधिकारी को जांच का आदेश जारी हुआ। इसके बाद तत्कालीन सीआरओ जयनाथ यादव ने 13 जुलाई 2022 को जांच रिपोर्ट दाखिल की थी।
स्वीपर भर्ती मामले में प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया के साथ ही वेतन दिए जाने के मामले में अन्य जिम्मेदार अभी भी चुप्पी साधे हैं। माना जा रहा है कि सत्तापक्ष के सांसद का हाथ कुछ लोगों पर होने से कार्रवाई प्रधानाचार्य के आसपास से आगे नहीं बढ़ रही है। मुख्य राजस्व अधिकारी ने सीजेएम के आदेश पर जांच की तो स्पष्ट हुआ कि जिला विद्यालय निरीक्षक की भी निलंबन के अनुमोदन में जिम्मेदारी है। उन्होंने अनुमोदन में नियमों की अनदेखी की। फिलहाल अभी वह मामला न्यायालय में ही प्रचलित था कि राजनीतिक दबाव में एफआईआर की कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली। अब स्वीपर की भर्ती और उसके वेतन दिए जाने की जिम्मेदारी तय होने की चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि वेतन बिल पर प्रबंधक के ही हस्ताक्षर होते हैं। वहीं स्वीपर के मामले में कार्रवाई केे बाद भी वेतन दिए जाने के जिम्मेदारों की पड़ताल अब पुलिस कर रही है।
जांच अधिकारी ने डीआईओएस से मांगा पूरा ब्यौरा
बीते अप्रैल माह में ही जांच अधिकारी व मनकापुर के उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव ने जिला विद्यालय निरीक्षक से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें किस समय, कौन प्रबंधक रहा और नियुक्ति कब हुई। इसकी रिपोर्ट के साथ ही वेतन आदेश के बारे में भी पूरी डिटेल मांगी है। जिसमें कई सफेदपोश की भूमिका सामने आ रही है। यही नहीं वेतन रोक के बाद कैसे जारी रहा, इस बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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आरोपी प्रदीप पर चुप्पी से उठे सवाल
-- एपी इंटर कॉलेज में जिस स्वीपर की नियुक्ति के मामले में प्रधानाचार्य को जेल भेजा जा चुका है। उस प्रदीप कुमार तक पुलिस के हाथ न पहुंचना भी चौंकाने वाला है। पीलखाना मनकापुर का निवासी प्रदीप भी पूरे मामले में आरोपी है लेकिन पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। जबकि नियुक्ति के बाद स्वीपर ने वेतन भी आहरण किया है। यही नहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी के जवाब में यह भी सवाल उठाया गया है कि आखिर 26 नवंबर 2006 को विभाग के दाखिल शपथ-पत्र से प्रदीप कुमार की याचिका खारिज हो गई थी, फिर भी कैसे वेतन मिलता रहा?
भेजी जा चुकी है रिपोर्ट
मनकापुर के एपी इंटर कॉलेज में स्वीपर भर्ती मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी। मामले के जांच अधिकारी को अभिलेख के साथ विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है।
- राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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स्वीपर भर्ती मामले में प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया के साथ ही वेतन दिए जाने के मामले में अन्य जिम्मेदार अभी भी चुप्पी साधे हैं। माना जा रहा है कि सत्तापक्ष के सांसद का हाथ कुछ लोगों पर होने से कार्रवाई प्रधानाचार्य के आसपास से आगे नहीं बढ़ रही है। मुख्य राजस्व अधिकारी ने सीजेएम के आदेश पर जांच की तो स्पष्ट हुआ कि जिला विद्यालय निरीक्षक की भी निलंबन के अनुमोदन में जिम्मेदारी है। उन्होंने अनुमोदन में नियमों की अनदेखी की। फिलहाल अभी वह मामला न्यायालय में ही प्रचलित था कि राजनीतिक दबाव में एफआईआर की कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली। अब स्वीपर की भर्ती और उसके वेतन दिए जाने की जिम्मेदारी तय होने की चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि वेतन बिल पर प्रबंधक के ही हस्ताक्षर होते हैं। वहीं स्वीपर के मामले में कार्रवाई केे बाद भी वेतन दिए जाने के जिम्मेदारों की पड़ताल अब पुलिस कर रही है।
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जांच अधिकारी ने डीआईओएस से मांगा पूरा ब्यौरा
बीते अप्रैल माह में ही जांच अधिकारी व मनकापुर के उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव ने जिला विद्यालय निरीक्षक से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें किस समय, कौन प्रबंधक रहा और नियुक्ति कब हुई। इसकी रिपोर्ट के साथ ही वेतन आदेश के बारे में भी पूरी डिटेल मांगी है। जिसमें कई सफेदपोश की भूमिका सामने आ रही है। यही नहीं वेतन रोक के बाद कैसे जारी रहा, इस बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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आरोपी प्रदीप पर चुप्पी से उठे सवाल
भेजी जा चुकी है रिपोर्ट
मनकापुर के एपी इंटर कॉलेज में स्वीपर भर्ती मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी। मामले के जांच अधिकारी को अभिलेख के साथ विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है।
- राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक