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Gonda News: खेतों में कटान कर रही सरयू
Sat, 13 Jul 2024 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 13 Jul 2024 12:28 AM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर घटने से फिलहाल बाढ़ का संकट तो कम हुआ है लेकिन खेतों में कटान तेज हो गई है। तेजी से कट रही जमीन और नदी का रुख बांध की तरफ होता दिखाई दे रहा है।
करनैलगंज तहसील क्षेत्र में घटते जलस्तर से खेत व खाली पड़ी जमीन पर सरयू नदी कटान कर रही है। बढ़े जलस्तर के बाद जिन आठ गांवों में पानी भर गया। वहां के ताल-तलैया व खेत अब भी पानी से लबालब हैं। पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है। हजारों बीघे फसल या तो पानी में डूब चुकी है या खेत काटकर नदी ने अपने आगोश में ले लिया है। जिससे जहां किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है, वहीं जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। जानकारों का कहना है कि अभी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। आने वाले दिनों में सरयू फिर से अपने तेवर दिखा सकती है।
बीते नौ जुलाई को सरयू ने 57 सेंटीमीटर की बढ़त बनाकर हाहाकार मचा दिया था। लेकिन यह ठहराव अधिक दिनों तक नहीं रहा। दूसरे ही दिन से गिरिजा, शारदा व सरयू बैराजों के घटे डिस्चार्ज ने सरयू के तेवर में कमी लाते हुए तेजी से जलस्तर को घटा दिया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के आंकड़ों की मानें तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 106.206 दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान 106.07 से 13 सेमी ऊपर है। बांध की निगरानी कर रहे अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि नदी में पानी का डिस्चार्ज लगातार हो रहा है। बांध को अभी कोई खतरा नहीं है। लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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विश्नोहरपुर के माझा क्षेत्र में सरयू के जलस्तर में बीते 24 घंटे में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद माझा क्षेत्र अभी भी पूरी तरह पानी से घिरा है। दत्तनगर, साकीपुर, गोकुला, ब्योंदा माझा, उपरहर, जैतपुर गांव बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं। यहां पानी घटने में दो-चार दिन लग सकते हैं। ब्यौदा माझा गांव पूरी तरह पानी की चपेट में आ जाने से लोग पलायन कर सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं। शुक्रवार को पलायन कर आए हरीशचंद्र, उदयराज व रामदेव का परिवार सड़क किनारे खुले में खाना बनाते हुए दिखा। हरीशचंद्र ने बताया कि दो दिन से मवेशी व परिवार के साथ यहीं आश्रय लिए हुए हैं। ग्राम प्रधान केशवराम यादव ने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे एसडीएम विशाल कुमार व नायब तहसीलदार रंजन वर्मा ने निरीक्षण कर बाढ़ के हालात का जायजा लिया। उन्होंने पलायन कर आए लोगों को लंच पैकेट वितरण करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ चौकी ऐली परसौली में प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ से विस्थापित शिवबहादुर, रामदीन, संवारे सहित 50 परिवारों को राहत किट का वितरण किया। इस दौरान एसडीएम तरबगंज विशाल कुमार, नायब तहसीलदार चंदन जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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करनैलगंज तहसील क्षेत्र में घटते जलस्तर से खेत व खाली पड़ी जमीन पर सरयू नदी कटान कर रही है। बढ़े जलस्तर के बाद जिन आठ गांवों में पानी भर गया। वहां के ताल-तलैया व खेत अब भी पानी से लबालब हैं। पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है। हजारों बीघे फसल या तो पानी में डूब चुकी है या खेत काटकर नदी ने अपने आगोश में ले लिया है। जिससे जहां किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है, वहीं जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। जानकारों का कहना है कि अभी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। आने वाले दिनों में सरयू फिर से अपने तेवर दिखा सकती है।
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बीते नौ जुलाई को सरयू ने 57 सेंटीमीटर की बढ़त बनाकर हाहाकार मचा दिया था। लेकिन यह ठहराव अधिक दिनों तक नहीं रहा। दूसरे ही दिन से गिरिजा, शारदा व सरयू बैराजों के घटे डिस्चार्ज ने सरयू के तेवर में कमी लाते हुए तेजी से जलस्तर को घटा दिया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के आंकड़ों की मानें तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 106.206 दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान 106.07 से 13 सेमी ऊपर है। बांध की निगरानी कर रहे अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि नदी में पानी का डिस्चार्ज लगातार हो रहा है। बांध को अभी कोई खतरा नहीं है। लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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विश्नोहरपुर के माझा क्षेत्र में सरयू के जलस्तर में बीते 24 घंटे में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद माझा क्षेत्र अभी भी पूरी तरह पानी से घिरा है। दत्तनगर, साकीपुर, गोकुला, ब्योंदा माझा, उपरहर, जैतपुर गांव बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं। यहां पानी घटने में दो-चार दिन लग सकते हैं। ब्यौदा माझा गांव पूरी तरह पानी की चपेट में आ जाने से लोग पलायन कर सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं। शुक्रवार को पलायन कर आए हरीशचंद्र, उदयराज व रामदेव का परिवार सड़क किनारे खुले में खाना बनाते हुए दिखा। हरीशचंद्र ने बताया कि दो दिन से मवेशी व परिवार के साथ यहीं आश्रय लिए हुए हैं। ग्राम प्रधान केशवराम यादव ने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे एसडीएम विशाल कुमार व नायब तहसीलदार रंजन वर्मा ने निरीक्षण कर बाढ़ के हालात का जायजा लिया। उन्होंने पलायन कर आए लोगों को लंच पैकेट वितरण करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ चौकी ऐली परसौली में प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ से विस्थापित शिवबहादुर, रामदीन, संवारे सहित 50 परिवारों को राहत किट का वितरण किया। इस दौरान एसडीएम तरबगंज विशाल कुमार, नायब तहसीलदार चंदन जायसवाल आदि मौजूद रहे।