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Gonda News: सरयू लाल निशान के पार, भिखारीपुर-सकरौर में कटान तेज

Sun, 27 Sep 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 27 Sep 2026 11:38 PM IST
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Saryu crosses danger mark; erosion intensifies at Bhikharipur-Sakraur
ऐली परसौली में सरयू में पानी बढ़ने के बाद शुरू हुई कटान। - संवाद
करनैलगंज/उमरी बेगमगंज/विश्नोहरपुर। सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ने से माझा क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। रविवार दोपहर 12 बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.260 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 19 सेंटीमीटर ऊपर है। करीब 36 घंटे में जलस्तर एक मीटर से अधिक बढ़ा है। इसी बीच भिखारीपुर-सकरौर तटबंध के किमी 14 पर कटान शुरू हो गई। हालांकि प्रशासन ने निरोधात्मक कार्रवाई करके कटान रोकने का दावा किया है। उधर, नवाबगंज के माझा क्षेत्र के कई मजरों के किनारे तक पानी पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर नाव से आवागमन हो रहा है।
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सोनौली मोहम्मदपुर के बच्ची माझा में रविवार को स्पर संख्या 19 और 20 के बीच कटान शुरू हो गई। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बोरियां, बोल्डर समेत अन्य सामग्री डालकर बचाव कार्य शुरू कराया। कर्मचारियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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नवाबगंज के दत्तनगर बाड़ी माझा में कटान तेज हो गई है। गांव के राम सजीवन का छप्पर कटान की जद में आ गया है। पानी और कटान बढ़ने की वजह से परिवार रात में जागकर हालात पर नजर रख रहा है। ब्योंदा माझा में करीब आधा दर्जन मजरों के किनारे पानी पहुंच गया है। साकीपुर के चहलवा मजरा में पानी भरने से आवागमन नाव से हो रहा है।
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बाड़ी माझा के पुल्लन ने बताया कि पानी धान के खेतों में पहुंच गया है। तेज हवा चलने से गिरी धान की फसल अब पानी में डूबने से बर्बाद होने की आशंका है। माझाराठ में भी कटान जारी है। रामगोपाल के अनुसार दो महीने में सैकड़ों बीघा खेत कट चुके हैं लेकिन अभी मुआवजा नहीं मिला है। तेज हवा से धान और गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है।
36 घंटे में एक मीटर से अधिक बढ़ा जलस्तर
25 सितंबर की रात आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.080 मीटर था। 26 सितंबर की सुबह यह 105.400 और 27 सितंबर की सुबह आठ बजे 106.140 मीटर पहुंच गया। रविवार दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 106.260 मीटर हो गया। इस दौरान बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी बढ़ी है। रविवार दोपहर 12 बजे कुल 4,19,473 क्यूसेक पानी नदी में पहुंच रहा था।
जलस्तर बढ़ने से नकहरा, चंदापुर किटौली और माझा रायपुर समेत नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहले से बारिश के कारण नाले, तालाब और खेत पानी से भरे हैं। ऐसे में नदी का पानी आबादी की ओर बढ़ने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बांध की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरी बचाव उपाय किए जा रहे हैं।



बाढ़ चौकियां अलर्ट
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि तटबंध पर कटान की सूचना मिली थी। तत्काल टीमों को भेजा गया है। वर्तमान में कटान बंद है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। टीमें गठित कर प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कराई जा रही है।

ऐली परसौली में सरयू में पानी बढ़ने के बाद शुरू हुई कटान। - संवाद

ऐली परसौली में सरयू में पानी बढ़ने के बाद शुरू हुई कटान। - संवाद

ऐली परसौली में सरयू में पानी बढ़ने के बाद शुरू हुई कटान। - संवाद

ऐली परसौली में सरयू में पानी बढ़ने के बाद शुरू हुई कटान। - संवाद

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