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Gonda News: भागो-भागो ट्रेन में आग लग गई...

Thu, 23 Jan 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 23 Jan 2025 11:51 PM IST
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Run-Run The train caught fire...
कटरा बाजार के असरना जोलाहनुरवा गांव में रोते-बिलखते मृतक के परिजन। - संवाद 
कटरा बाजार (गोंडा)। भागो-भागो ट्रेन में आग लग गई...। हर किसी की जुबान पर सिर्फ यही बात थी। जिसे जिधर रास्ता मिला वह बोगी से कूदने लगा।इसी बीच दूसरे रेलवे ट्रैक पर तेजी से ट्रेन आई और कई लोग चपेट में आकर जान गंवा बैठे। ये कहना है कटरा बाजार के असरना गांव के जोलाहन पुरवा निवासी मो. सगीर का। फोन पर बातचीत में सगीर ने बताया कि वह गाेंडा के ही छह साथियों के साथ कमाई के सिलसिले में पुष्पक एक्सप्रेस से मुंबई जा रहे थे। तभी बुधवार शाम जलगांव में हादसा हुआ। जिसमें जोलाहन पुरवा के ही नसीरुद्दीन समेत 12 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।
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सगीर ने रोते हुए बताया कि वह सभी स्लीपर कोच में थे। बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे थे। एकाएक झटका खाकर ट्रेन रुकने लगी। इसी बीच शोर मचा कि ट्रेन में आग लग गई है। लोग यही बात कहते हुए दरवाजे की तरफ भागकर बाहर कूदने लगे। सगीर ने बताया कि वो और उनके पांच साथी भी जल्दी से ट्रेन से उतर गए। मगर नसीरुद्दीन दूसरी साइड के दरवाजे से उतरकर बगल के रेलवे ट्रैक पर चला गया। उस ट्रैक पर तेजी से ट्रेन आई और पलक झपकते ही कई लोग उसकी चपेट में आ गए।
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हादसे में नसीरुद्दीन समेत 12 लोगों की मौत हो गई। कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सगीर ने बताया कि नसीरुद्दीन का शव लेकर वह लोग गांव आ रहे हैं। रास्ते में हैं। शुक्रवार तक पहुंच जाएंगे।
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पहली बार मुंबई जा रहा था नसीरुद्दीन

कटरा बाजार के असरना गांव के जोलाहनपुरवा निवासी सिराजुद्दीन ने बताया कि उनके छोटे भाई नसीरुद्दीन सिद्दीकी (19) ने कक्षा नौ तक पढ़ाई की थी। वह कमाई के सिलसिले में घर से निकला था और साथियों संग पहली बार मुंबई जा रहा था। वह गांव के मो. सगीर, अजहरुद्दीन और देवापसिया निवासी मो. शोएब, पुत्तु, जुमेरात व रिजवान के साथ मंगलवार दोपहर घर से निकला था। नसीरुद्दीन चार भाइयों में सबसे छोटा था।




भाभी से लिया था किराये का पैसा

सिराजुद्दीन ने बताया कि उनकी मां हृदय रोग से जूझ रही हैं। वह उनका इलाज कराने के लिए मंगलवार को लखनऊ गए थे। छोटा भाई नसीरुद्दीन मुंबई जाने के लिए अपनी भाभी से किराये के पैसे लेकर गया था। भाई कलामुद्दीन ने बताया कि उनके पिता सऊदी अरब में मजदूरी करते हैं। बाकी लोग यहां रहकर किसानी व मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। बुधवार देर शाम अजहरुद्दीन ने हादसे में नसीरुद्दीन की मौत की खबर दी तो परिजनों में कोहराम मच गया। सिराजुद्दीन की पत्नी जाहिदा रो-रोकर कह रही थीं कि अगर पता होता कि ये उसका आखिरी सफर होगा तो वह उसे किराया ही न देतीं। कहा- बीमार मां को नसीरुद्दीन की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। उन्हें पता चलेगा कि लाडला बेटा नहीं रहा तो वह तड़पकर मर जाएंगी। नसीरुद्दीन के चचेरे भाई ननके ने बताया कि बृहस्पतिवार को बाइसवां पर्व है। मगर नसीरुद्दीन की मौत के चलते पर्व नहीं मनाया गया। इस हादसे के कारण यह पर्व नहीं मनाया गया। पूरे गांव में मातम पसरा है। गांव के 55 घरों में चूल्हा तक नहीं जला। सिर्फ रोने की आवाज ही आ रही है।
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