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खेती के लिए तैयार की जाएगी बीहड़, बंजर भूमि
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गोंडा। किसानों की आय दोगुनी करने एवं उपज बढ़ाने की दृष्टि से जिले में स्थित बंजर, बीहड़ व समस्याग्रस्त जमीनों को खेती के लायक बनाया जाएगा। इससे हजारों हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य बनेगी और किसानों की समस्या दूर होगी।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि बीहड़, बंजर, जलभराव और समस्याग्रस्त भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषक समृद्धि योजना का लोकार्पण करते हुए आगामी 5 वर्ष यानी 2022 तक के लिए इस योजना की शुरुआत की थी।
सरकार का ध्येय है कि इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक बेकार पड़ी भूमि में कुल 1.71,186 हेक्टेयर भूमि का उपचार, सुधार करते हुए कृषि योग्य बनाकर कृषकों के विकास व आय में वृद्धि की जाय। इस योजना के क्रियान्वयन के लिएु प्रदेश सरकार ने 477.33 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी किया है।
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इस योजना के अंतर्गत सारा कार्य मनरेगा के माध्यम से किया जा रहा है। भूमि की मेड़बंधी, समतलीकरण करते हुए आवश्यक सभी कार्य कराते हुए भूमि का सुधार किया जा रहा है। जो किसान भूमि की खराब दशा होने के कारण खेती व फलोद्यान नहीं कर पाते थे अब उनको फायदा होगा।
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जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि बीहड़, बंजर, जलभराव और समस्याग्रस्त भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषक समृद्धि योजना का लोकार्पण करते हुए आगामी 5 वर्ष यानी 2022 तक के लिए इस योजना की शुरुआत की थी।
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सरकार का ध्येय है कि इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक बेकार पड़ी भूमि में कुल 1.71,186 हेक्टेयर भूमि का उपचार, सुधार करते हुए कृषि योग्य बनाकर कृषकों के विकास व आय में वृद्धि की जाय। इस योजना के क्रियान्वयन के लिएु प्रदेश सरकार ने 477.33 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी किया है।
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इस योजना के अंतर्गत सारा कार्य मनरेगा के माध्यम से किया जा रहा है। भूमि की मेड़बंधी, समतलीकरण करते हुए आवश्यक सभी कार्य कराते हुए भूमि का सुधार किया जा रहा है। जो किसान भूमि की खराब दशा होने के कारण खेती व फलोद्यान नहीं कर पाते थे अब उनको फायदा होगा।