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ऑल वेदर बल्ब की रोशनी में कोहरे में भी अपनी रफ्तार से दौड़ेंगी रोडवेज बसें
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गोंडा। मौसम के करवट लेते ही कोहरे का कहर शुरू हो गया है। कोहरे में भी बसों को निर्धारित रफ्तार में दौड़ाने के लिए परिवहन निगम ने 94 बसों में ऑल वेदर बल्ब लगाए हैं।
जिससे रोडवेज के चालकों को घने कोहरे में भी 200 मीटर तक रास्ता साफ दिखाई पड़ेगा। इससे वह निर्धारित स्पीड में तो बस दौड़ाएंगे ही यात्रियों को भी समय से उनके गंतव्य तक पहुंचाने में आसानी होगी।
परिवहन निगम गोंडा के बेड़े में कुल 94 बसों में से अनुबंधित 11 बसों में भी ऑल वेदर बल्ब लगाए गए हैं। इसके साथ परिवहन निगम की बसों के लिए ऑल वेदर बल्ब रिजर्व में रखे गए हैं।
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जिससे जिन बसों के बल्ब फ्यूज होंगे उन्हें बदलने में आसानी होगी। यहां से हर रोज दिल्ली समेत कानपुर, लखनऊ प्रयागराज के लिए बसें रवाना होती हैं। लंबी दूरी की तकरीबन छह बसें हैं तो कानपुर, लखनऊ मिलाकर हर रोज 30 बसें रवाना की जाती हैं।
परिवहन निगम की बसों में लगने वाले ऑल वेदर बल्ब की खासियत है कि वह घने कोहरे में बसों के सामने 200 मीटर तक कोहरे को काटकर रास्ता साफ कर देता है। इससे चालकों को बसों को दौड़ाने में जहां आसानी होती है।
वहीं चालक व परिचालक समेत बस के यात्रियों को भी सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में आसानी होती है। गहरे पीले रंग यह बल्ब कोहरे को काटने में कारगर साबित होता है। इसकी कीमत भी 140 व 120 रुपये है।
इसमें 140 रुपये कीमत वाले ऑल वेदर बल्ब की क्वालिटी 120 रुपये कीमत वाले बल्ब से बेहतर होती है। यह बल्ब न्यूनतम छह माह तक काम करता है, जबकि अधिकतम इसकी कोई मियाद नहीं है।
सड़कों ने बढ़ाई रोजवेड की स्पीड
परिवहन निगम की बसों को तीन साल पहले 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाता है। इसका कारण टूटी व गड्ढायुक्त सड़कें थीं। मगर जब से सड़कों जनपद के साथ ही आसपास के जनपदों में भी सड़कें बेहतर हो गईं।
तभी से निगम की बसों की स्पीड भी बढ़ा दी गई है। अब गोंडा से दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज जाने वाली बसें से 50 से 70 किलोमीटर की रफ्तार में दौड़ने लगी हैं। इसके जनपद से 90 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली बसों की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा है।
निगम ने एक साल पहले ही खत्म कर दिया फॉग लाइट
परिवहन निगम ने एक साल पहले फॉग लाइट का कॉन्सेप्ट खत्म कर दिया है। इससे पहले निगम की बसों में फॉग लाइट लगाई जाती थी।
मगर सड़कों को गड्ढे व जर्क के कारण फॉग लाइट अक्सर टूटकर गिर जाती थी। जिससे चालकों को कोहरे में बसों को दौड़ाने में परेशानी झेलनी पड़ती थी। कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए निगम ने एक साल पहले ही फॉग लाइट का कॉन्सेप्ट खत्म करके बसों में ऑल वेदर बल्ब लगाने का फैसला लिया था।
मौसम के करवट लेने से कोहरे का कहर शुरू हो गया है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षित यात्रा को देखते हुए परिवहन निगम की सभी 94 बसों में ऑल वेदर बल्ब लगा दिए गए हैं। कुछ बसों में पहले से भी यह बल्ब लगे थे। जिन बसों के बल्ब फ्यूज हो गए थे। उन्हें बदल दिया गया है। इसलिए बदले मौसम में कोहरे के दौरान भी रोडवेज की बसों में यात्रा करना सुरक्षित है।
-वीरेन्द्र वर्मा, एआरएम, रोडवेज गोंडा
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जिससे रोडवेज के चालकों को घने कोहरे में भी 200 मीटर तक रास्ता साफ दिखाई पड़ेगा। इससे वह निर्धारित स्पीड में तो बस दौड़ाएंगे ही यात्रियों को भी समय से उनके गंतव्य तक पहुंचाने में आसानी होगी।
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परिवहन निगम गोंडा के बेड़े में कुल 94 बसों में से अनुबंधित 11 बसों में भी ऑल वेदर बल्ब लगाए गए हैं। इसके साथ परिवहन निगम की बसों के लिए ऑल वेदर बल्ब रिजर्व में रखे गए हैं।
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जिससे जिन बसों के बल्ब फ्यूज होंगे उन्हें बदलने में आसानी होगी। यहां से हर रोज दिल्ली समेत कानपुर, लखनऊ प्रयागराज के लिए बसें रवाना होती हैं। लंबी दूरी की तकरीबन छह बसें हैं तो कानपुर, लखनऊ मिलाकर हर रोज 30 बसें रवाना की जाती हैं।
परिवहन निगम की बसों में लगने वाले ऑल वेदर बल्ब की खासियत है कि वह घने कोहरे में बसों के सामने 200 मीटर तक कोहरे को काटकर रास्ता साफ कर देता है। इससे चालकों को बसों को दौड़ाने में जहां आसानी होती है।
वहीं चालक व परिचालक समेत बस के यात्रियों को भी सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में आसानी होती है। गहरे पीले रंग यह बल्ब कोहरे को काटने में कारगर साबित होता है। इसकी कीमत भी 140 व 120 रुपये है।
इसमें 140 रुपये कीमत वाले ऑल वेदर बल्ब की क्वालिटी 120 रुपये कीमत वाले बल्ब से बेहतर होती है। यह बल्ब न्यूनतम छह माह तक काम करता है, जबकि अधिकतम इसकी कोई मियाद नहीं है।
सड़कों ने बढ़ाई रोजवेड की स्पीड
परिवहन निगम की बसों को तीन साल पहले 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाता है। इसका कारण टूटी व गड्ढायुक्त सड़कें थीं। मगर जब से सड़कों जनपद के साथ ही आसपास के जनपदों में भी सड़कें बेहतर हो गईं।
तभी से निगम की बसों की स्पीड भी बढ़ा दी गई है। अब गोंडा से दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज जाने वाली बसें से 50 से 70 किलोमीटर की रफ्तार में दौड़ने लगी हैं। इसके जनपद से 90 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली बसों की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा है।
निगम ने एक साल पहले ही खत्म कर दिया फॉग लाइट
परिवहन निगम ने एक साल पहले फॉग लाइट का कॉन्सेप्ट खत्म कर दिया है। इससे पहले निगम की बसों में फॉग लाइट लगाई जाती थी।
मगर सड़कों को गड्ढे व जर्क के कारण फॉग लाइट अक्सर टूटकर गिर जाती थी। जिससे चालकों को कोहरे में बसों को दौड़ाने में परेशानी झेलनी पड़ती थी। कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए निगम ने एक साल पहले ही फॉग लाइट का कॉन्सेप्ट खत्म करके बसों में ऑल वेदर बल्ब लगाने का फैसला लिया था।
मौसम के करवट लेने से कोहरे का कहर शुरू हो गया है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षित यात्रा को देखते हुए परिवहन निगम की सभी 94 बसों में ऑल वेदर बल्ब लगा दिए गए हैं। कुछ बसों में पहले से भी यह बल्ब लगे थे। जिन बसों के बल्ब फ्यूज हो गए थे। उन्हें बदल दिया गया है। इसलिए बदले मौसम में कोहरे के दौरान भी रोडवेज की बसों में यात्रा करना सुरक्षित है।
-वीरेन्द्र वर्मा, एआरएम, रोडवेज गोंडा