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झमाझम बारिश से लबालब हुईं सड़कें और खेत, किसान अब बेचैनी
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गोंडा। प्री मानसून की पहली बरसात रेकॉर्ड बना रहा है। लगातार बारिश से खेतों के साथ ही सड़कें भी लबालब हो गई हैं। बीते शुक्रवार भोर से शुरू हुई झमाझम बारिश रुक रुक कर रविवार तक होती रही।
सोमवार को तो सुबह शुरू हुई बारिश देररात तक चलती रही। इससे पूरे जिले में बारिश से लोगों का हालबेहाल रहा। बारिश से खेत खलिहान ही बल्कि शहर व कस्बों की सड़कें भी पानी से लबालब रहीं।
वहीं जून में बारिश तय लक्ष्य के करीब पहुंच चुकी है। पूरे माह में 250 मिली. बारिश होने का लक्ष्य है जो अभी ही 175 मिली. बारिश हो चुकी है। यही नही सिर्फ रविवार व सोमवार को ही 90 मिली. बारिश हुई है। अब यह बारिश किसानों को भी झटका दे रही है। वैसे बारिश से मौसम सुहाना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है।
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बारिश से नालों की सफाई न होने के कारण शहर के साथ ही कई नगर क्षेत्रों के मुख्य मार्ग पूरी तरह से नाले बन गए। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं खेतों के जलमग्न हो जाने से किसानों ने धान की रोपाई व नर्सरी का कार्य तेज कर दिया है।
जिले में हुई इस बरसात के बाद मौसम पूरी तरह से खुशगवार हो गया है। वहीं मौसम सुहाना देख बच्चे भी खुद को बाहर निकलने से नहीं रोक सके। सोमवार की भोर में शुरू हुई झमाझम बरसात देर शाम तक जारी रही। वहीं आसमान पर छाए घने काले बादल व लगातार चल रही पूर्वोत्तर हवा के कारण मौसम का मिजाज काफी नरम हो गया।
प्री मानसून की यह बरसात जिले के सभी हिस्सों में रुक रुक कर जारी है। जून में हो रही यह बरसात धान की खेती के लिए संजीवनी से कम नही है। अपेक्षित बरसात होने के कारण जहां आम के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं धान की बोआई करने वाले किसान को मन चाही मुराद मिल गई।
जिले के अन्य हिस्सों में किसानों ने खेत में पानी देख धान की रोपाई का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। जिले में होने वाली यह बरसात मेंथा खेती के साथ ही सब्जी की खेती के लिए नुकसान दे बताई जा रही है। लेकिन गन्ना, मक्का, उर्द, धान, ज्वार, बाजरा, चरी, जई आदि फसलों के लिए अच्छा है।
झमाझम बारिश के कारण किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए हैं। किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। बारिश के चलते मौसम सुहाना हो गया है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें कीचड़ व गंदगी से लबालब हो गई हैं। कीचड़ व गंदगी के चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं कई दिनों से तेज धूप व उमस के चलते पड़ रही गर्मी से लोगों को निजात मिल गई हैं। मूसलाधार बारिश सेे खेतों में किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए।
इस बारिश से गन्ना किसानों को भी काफी फायदा हुआ है। इस बारिश ने जहां लोगों को खुश कर दिया है वहीं कीचड़ व जलभराव से लोगों को असुविधा भी झेलनी पड़ रही है। गांवों के साथ-साथ शहरों में भी कीचड़ व जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरवलिया कलहंस निवासी उमाशंकर सिंह की गाय घास चर रही थी तभी कटरा फीडर एक का 11 हजार केवी लाइन का तार अचानक टूटकर जमीन पर गिर गया। जिसकी चपेट में आकर उनकी गाय की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने लाइन बंद करवाने के लिए बिजली घर फोन किया तो नंबर बंद बताया तो संबंधित लाइनमैन को कॉल किया तो उनका भी नंबर स्विच ऑफ बताया। जेई सूरज प्रसाद का कहना है प्रकरण संज्ञान में है।
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सोमवार को तो सुबह शुरू हुई बारिश देररात तक चलती रही। इससे पूरे जिले में बारिश से लोगों का हालबेहाल रहा। बारिश से खेत खलिहान ही बल्कि शहर व कस्बों की सड़कें भी पानी से लबालब रहीं।
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वहीं जून में बारिश तय लक्ष्य के करीब पहुंच चुकी है। पूरे माह में 250 मिली. बारिश होने का लक्ष्य है जो अभी ही 175 मिली. बारिश हो चुकी है। यही नही सिर्फ रविवार व सोमवार को ही 90 मिली. बारिश हुई है। अब यह बारिश किसानों को भी झटका दे रही है। वैसे बारिश से मौसम सुहाना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है।
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बारिश से नालों की सफाई न होने के कारण शहर के साथ ही कई नगर क्षेत्रों के मुख्य मार्ग पूरी तरह से नाले बन गए। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं खेतों के जलमग्न हो जाने से किसानों ने धान की रोपाई व नर्सरी का कार्य तेज कर दिया है।
जिले में हुई इस बरसात के बाद मौसम पूरी तरह से खुशगवार हो गया है। वहीं मौसम सुहाना देख बच्चे भी खुद को बाहर निकलने से नहीं रोक सके। सोमवार की भोर में शुरू हुई झमाझम बरसात देर शाम तक जारी रही। वहीं आसमान पर छाए घने काले बादल व लगातार चल रही पूर्वोत्तर हवा के कारण मौसम का मिजाज काफी नरम हो गया।
प्री मानसून की यह बरसात जिले के सभी हिस्सों में रुक रुक कर जारी है। जून में हो रही यह बरसात धान की खेती के लिए संजीवनी से कम नही है। अपेक्षित बरसात होने के कारण जहां आम के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं धान की बोआई करने वाले किसान को मन चाही मुराद मिल गई।
जिले के अन्य हिस्सों में किसानों ने खेत में पानी देख धान की रोपाई का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। जिले में होने वाली यह बरसात मेंथा खेती के साथ ही सब्जी की खेती के लिए नुकसान दे बताई जा रही है। लेकिन गन्ना, मक्का, उर्द, धान, ज्वार, बाजरा, चरी, जई आदि फसलों के लिए अच्छा है।
झमाझम बारिश के कारण किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए हैं। किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। बारिश के चलते मौसम सुहाना हो गया है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें कीचड़ व गंदगी से लबालब हो गई हैं। कीचड़ व गंदगी के चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं कई दिनों से तेज धूप व उमस के चलते पड़ रही गर्मी से लोगों को निजात मिल गई हैं। मूसलाधार बारिश सेे खेतों में किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए।
इस बारिश से गन्ना किसानों को भी काफी फायदा हुआ है। इस बारिश ने जहां लोगों को खुश कर दिया है वहीं कीचड़ व जलभराव से लोगों को असुविधा भी झेलनी पड़ रही है। गांवों के साथ-साथ शहरों में भी कीचड़ व जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरवलिया कलहंस निवासी उमाशंकर सिंह की गाय घास चर रही थी तभी कटरा फीडर एक का 11 हजार केवी लाइन का तार अचानक टूटकर जमीन पर गिर गया। जिसकी चपेट में आकर उनकी गाय की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने लाइन बंद करवाने के लिए बिजली घर फोन किया तो नंबर बंद बताया तो संबंधित लाइनमैन को कॉल किया तो उनका भी नंबर स्विच ऑफ बताया। जेई सूरज प्रसाद का कहना है प्रकरण संज्ञान में है।