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थम नहीं रहा बाढ़ का कहर, दो युवक डूबे

Wed, 12 Oct 2022 11:34 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 11:34 PM IST
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गोंडा। नेपाल के बैराजों से लगातार आ रहे पानी के कारण जिले में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। नवाबगंज, करनैलगंज व सदर तहसील क्षेत्रों में बाढ़ के प्रकोप से जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त है। उफनाई सरयू के पानी के तेज बहाव में आकर दो युवक भी डूब गए हैं। नदी में डूबे दोनो युवकों के शव की तलाश की जा रही है। बाढ़ के पानी ने अब सांसद और एमएलसी के गांवों को भी अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। कैसरगंज सासंद बृजभूषण शरण सिंह के गांव विश्वनोहरपुर के साथ ही एमएलसी अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह के गांव बहादुरपुर में भी बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को विवश होना पड़ रहा है।
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बाढ़ प्रभावित तीनों तहसील क्षेत्र के पांच सौ गांवों को बाढ़ के पानी ने अपनी चपेट में ले रखा है। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बुधवार को नवाबगंज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत सामग्री का वितरण भी किया। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के चलते नवाबगंज क्षेत्र के तुलसीपुर माझा के पूरे राम प्रसाद गांव निवासी राकेश कुमार (40) का पैर फिसल जाने से वह बाढ़ के पानी के तेज बहाव में डूब गया। काफी देर तक हुई खोजबीन के बाद भी उसका खुच भी पता नही चल सका।
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दूसरी घटना तरबगंज के सरांवा गांव निवासी बाबादीन (24) दत्तनगर की है। यहां गांव में अपनी बहन के घर जा रहा युवक ढेमवा घाट मार्ग पर तेज बहाव के बीच सड़क पार करने लगा। इसी दौरान संतुलन बिगड़ जाने से वह गिर कर डूब गया। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी में डूबे दोनों लोगों की तलाश में पीएसी के गोताखोर को बुलाया गया है।
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बैराजों का पानी मचा रहा जिले में तबाही
नवाबगंज (गोंडा)। पिछले दिनों हुई भारी बारिश तथा नेपाल के बैराजों से सरयू में छोड़ा जा रहा पानी ही तटीय इलाकों में कहर बरपा रहा है। सरयू नदी में हो रही रिकार्ड तोड़ बढ़ोतरी से बाढ़ का पानी माझा इलाकों को अपने आगोश में लेने का अब मैदानी इलाकों में भी फैलना शुरू हो गया है।
चारों तरफ पानी का सैलाब देख कर लोग डरे सहमें हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की सायं करीब चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 93.900 मीटर रहा। जो कि खतरे के लाल निशान से 1.17 मीटर ऊपर था। गुरुवार तक नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर तक और बढ़ोत्तरी की संभावना है।
बाढ़ का पानी भरने से आवागमन बंद
नवाबगंज से ढेमवाघाट मार्ग जाने वाली सड़क पर कई जगह तेज रफ्तार से पानी बहने से आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को निकालने का काम प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है। क्षेत्र में पानी फैलने से हजारों एकड़ फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर चौपट हो चुकी हैं।

तटीय इलाकों में मवेशियों के चारे का संकट भी लोगों को दोहरी परेशानी दे रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी का पानी अब मैदानी क्षेत्र से जुड़े नवाबगंज कस्बे के कालीकुंड मंदिर के साथ मंहगूपुर, बालापुर, कनकपुर, नगवा गांव तक पहुंच गया है। तहसील प्रशासन ने पीड़ितों को बचाने व राहत सामग्री वितरित कराने के कार्य में 132 नावों को जुटा रखा है।
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