फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Rishabh is earning lakhs from mushroom farming

Gonda News: मशरूम की खेती से लाखों की कमाई कर रहे ऋषभ

Tue, 03 Jun 2025 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Tue, 03 Jun 2025 11:32 PM IST
विज्ञापन
Rishabh is earning lakhs from mushroom farming
जानकीनगर में मशरूम प्लांट के बारे में जानकारी देते ऋषभ तिवारी। - संवाद  
झंझरी (गोंडा)। मजबूत इरादे और कड़ी मेहनत हमेशा तरक्की के द्वार खोलती है। जिले के छपिया ब्लॉक के मसकनवा निवासी ऋषभ तिवारी ने इसे बखूबी साबित किया है। एक दवा कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक (एमआर) की नौकरी छोड़कर उन्होंने मशरूम की खेती शुरू की और आज वे इससे हर माह चार से पांच लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।
विज्ञापन

ऋषभ तिवारी ने बताया कि उनके पिता राम आशीष तिवारी जनरल स्टोर चलाते हैं। वर्ष 2019 में डी-फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद ऋषभ ने एक दवा कंपनी में एमआर के पद पर काम करना शुरू किया। मेहनत और लगन के बल पर एक वर्ष में ही वे एरिया मैनेजर बन गए, जहां उनका वेतन करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह था। मशरूम की सबसे अधिक सप्लाई देखकर उन्होंने वर्ष 2021 से इस व्यवसाय के बारे में जानकारी लेना शुरू किया। जब उन्हें मशरूम खेती से होने वाले मुनाफे का पता चला, तो वे दंग रह गए। लागत की तुलना में कमाई काफी अच्छी थी। इसी वजह से वर्ष 2023 में उन्होंने नौकरी छोड़कर मशरूम खेती को अपना व्यवसाय बनाया। कुरुक्षेत्र, हरियाणा की एक कंपनी से जुड़कर मशरूम खेती की पूरी तैयारी की और बहराइच रोड, जानकीनगर (इंडियन ऑयल के पीछे) पर एक फार्म स्थापित किया।
विज्ञापन


मशरूम खेती की शुरुआत
ऋषभ ने 22 फीट लंबाई और 50 फीट चौड़ाई वाले झोपड़ी का निर्माण कराया और मशरूम के बीज बोए, जिसकी लागत करीब दो लाख रुपये आई। शुरुआत में ही उन्हें हर माह 25 से 30 हजार रुपये की आमदनी होने लगी। इसके बाद उन्होंने एसी प्लांट की नर्सरी बनाई, जहां से प्रति माह लगभग 40 क्विंटल मशरूम का उत्पादन होता है। मशरूम को बाजार में प्रति किलो 130 रुपये के भाव बेचा जाता है, जबकि एक किलो मशरूम तैयार करने की लागत लगभग 90 से 95 रुपये है। ऋषभ के अनुसार, मशरूम की फसल 28 से 30 दिनों में तैयार हो जाती है और उसके बाद प्रतिदिन कटाई की जाती है। वर्तमान में उनका मासिक मुनाफा चार से पांच लाख रुपये तक पहुंच चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई राज्यों के किसान ले रहे जानकारी
ऋषभ तिवारी से हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और बिहार के लगभग 1500 किसान मशरूम की खेती की जानकारी लेते हैं। वे किसानों को खाद और बीज भी सप्लाई करते हैं, जिससे खेती में उनकी मदद होती है और वे अच्छा मुनाफा कमा पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed