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Gonda News: विवि स्थापना को लेकर सेवानिवृत शिक्षकों ने खोला मोर्चा
Thu, 13 Apr 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 13 Apr 2023 11:57 PM IST
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गोंडा। मंडल मुख्यालय पर मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के स्थापना की मांग तेज हो रही है। विभिन्न संगठनों के साथ अब महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक भी मैदान में उतर आए हैं। बृहस्पतिवार को एलबीएस महाविद्यालय में बैठक कर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने की रणनीति बनी।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. ओंकार पाठक ने कहा कि बलरामपुर के लोग चाहे जितना जोर लगा लें, विश्वविद्यालय गोंडा मंडल मुख्यालय पर ही स्थापित होगा। इसके लिए जो रणनीति बनाई गई है, उसपर अगले कुछ दिनों में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि बलरामपुर के लोग भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन वे अपनी योजना में सफल नहीं होंगे। बलरामपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना तर्कहीन है। डॉ. पीएन लाल ने कहा कि सबसे पहले मैंने ही वर्ष 2000 में यहां पर विश्वविद्यालय की मांग की थी। उन्होंने कहा कि जब देवीपाटन के नाम से गोंडा में मंडल की स्थापना हो सकती है तो विश्वविद्यालय की क्यों नहीं हो सकती। डॉ. संतराम मिश्र ने कहा कि गोंडा की केंद्रीय स्थिति यहां विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सर्वथा उपयुक्त है।
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डॉ. मिथिलेश मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा से संबंधित सर्वोच्च प्रतिष्ठान शीर्षस्थ केंद्र पर ही स्थापित होना चाहिए। डॉ. जीएल प्रजापति ने कहा कि यदि गोंडा की महत्ता न होती तो यहां देवीपाटन मंडल ही स्थापित न होता। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम त्रिपाठी, मंगल प्रसाद, एके नंद, अर्जुन वर्मा, विष्णु प्रसाद, अयोध्या प्रसाद ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य आरके पांडेय, ऑक्टा महामंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, संजय पांडेय, मंसाराम वर्मा, मुकुल सिन्हा, मनीष शर्मा, पुष्यमित्र मिश्र, संतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. ओंकार पाठक ने कहा कि बलरामपुर के लोग चाहे जितना जोर लगा लें, विश्वविद्यालय गोंडा मंडल मुख्यालय पर ही स्थापित होगा। इसके लिए जो रणनीति बनाई गई है, उसपर अगले कुछ दिनों में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि बलरामपुर के लोग भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन वे अपनी योजना में सफल नहीं होंगे। बलरामपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना तर्कहीन है। डॉ. पीएन लाल ने कहा कि सबसे पहले मैंने ही वर्ष 2000 में यहां पर विश्वविद्यालय की मांग की थी। उन्होंने कहा कि जब देवीपाटन के नाम से गोंडा में मंडल की स्थापना हो सकती है तो विश्वविद्यालय की क्यों नहीं हो सकती। डॉ. संतराम मिश्र ने कहा कि गोंडा की केंद्रीय स्थिति यहां विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सर्वथा उपयुक्त है।
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डॉ. मिथिलेश मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा से संबंधित सर्वोच्च प्रतिष्ठान शीर्षस्थ केंद्र पर ही स्थापित होना चाहिए। डॉ. जीएल प्रजापति ने कहा कि यदि गोंडा की महत्ता न होती तो यहां देवीपाटन मंडल ही स्थापित न होता। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम त्रिपाठी, मंगल प्रसाद, एके नंद, अर्जुन वर्मा, विष्णु प्रसाद, अयोध्या प्रसाद ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य आरके पांडेय, ऑक्टा महामंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, संजय पांडेय, मंसाराम वर्मा, मुकुल सिन्हा, मनीष शर्मा, पुष्यमित्र मिश्र, संतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।