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Gonda News: विनियमित शिक्षकों की जाएगी नौकरी, बकाया भुगतान की तैयारी
Wed, 15 Nov 2023 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 15 Nov 2023 11:59 PM IST
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गोंडा। जिले में 100 से अधिक विनियमित शिक्षकों की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी जानी तय है। ऐसे में उन्हें जल्द ही माध्यमिक शिक्षा विभाग बकाया वेतन भुगतान की तैयारी कर रहा है। इन शिक्षकों के हटाए जाने से तरबगंज व मनकापुर समेत करनैलगंज के एक दर्जन विद्यालयों में पठन-पाठन पर असर पड़ सकता है। इसको लेकर जल्द ही नई तैनाती के लिए विभाग अनुरोध करेगा।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1993 व उसके बाद जिलेभर के शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्तियों को भरने के लिए प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों की तैनाती की गई थी। इसके बाद से तदर्थ शिक्षक विद्यालयों में पाठन-पाठन कर रहे थे। पिछले वर्ष जुलाई से सभी का वेतन रोक दिया गया है। इन्हें सेवा चयन बोर्ड भर्ती परीक्षा पास करने की बाध्यता की गई थी। इसके लिए 30 अंक अधिभार दिए गए थे। मगर प्रदेश भर में सिर्फ 24 तदर्थ शिक्षक ही परीक्षा पास कर सके थे।
सुप्र्रीम कोर्ट ने बाकी तदर्थ शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया है। ऐसे में इनका वेतन भुगतान के बाद विद्यालय से कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसका सबसे ज्यादा असर तरबगंज व मनकापुर के अलावा करनैलगंज के कुछ विद्यालयों पर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के 26 अगस्त 2020 के आदेश के अनुपालन के लिए कवायदें शुरू कर दी गई हैं।
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करीब 117 तदर्थ शिक्षक किए जाएंगे बाहर
अधिकारियों ने बताया कि 1993 के बाद से लगभग जिले में 117 तदर्थ शिक्षक बाहर किए जाएंगे। वहीं, कई शिक्षकों की सेवा समाप्त होने के साथ उनकी मौत भी हो चुकी है। ऐसे में उनका बकाया वेतन भुगतान सत्यापन के बाद उनके आश्रितों को दिया जाएगा। वहीं, 2000 के बाद नियुक्ति पाने वाले 100 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई गई थी।
कार्यावधि तक किया जाएगा वेतन भुगतान
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में वेतन भुगतान के बाद लगभग 117 तदर्थ शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाएगी। इन सभी को गैर कानूनी तरीके से विद्यालयों में नियु किक्तया गया था। वर्ष 2000 के बाद नियुक्त होने वाले अशासकीय विद्यालयों के 100 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई गई थी। सत्यापन के बाद कार्यावधि तक जल्द वेतन भुगतान किया जाएगा।
- राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1993 व उसके बाद जिलेभर के शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्तियों को भरने के लिए प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों की तैनाती की गई थी। इसके बाद से तदर्थ शिक्षक विद्यालयों में पाठन-पाठन कर रहे थे। पिछले वर्ष जुलाई से सभी का वेतन रोक दिया गया है। इन्हें सेवा चयन बोर्ड भर्ती परीक्षा पास करने की बाध्यता की गई थी। इसके लिए 30 अंक अधिभार दिए गए थे। मगर प्रदेश भर में सिर्फ 24 तदर्थ शिक्षक ही परीक्षा पास कर सके थे।
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सुप्र्रीम कोर्ट ने बाकी तदर्थ शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया है। ऐसे में इनका वेतन भुगतान के बाद विद्यालय से कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसका सबसे ज्यादा असर तरबगंज व मनकापुर के अलावा करनैलगंज के कुछ विद्यालयों पर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के 26 अगस्त 2020 के आदेश के अनुपालन के लिए कवायदें शुरू कर दी गई हैं।
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करीब 117 तदर्थ शिक्षक किए जाएंगे बाहर
अधिकारियों ने बताया कि 1993 के बाद से लगभग जिले में 117 तदर्थ शिक्षक बाहर किए जाएंगे। वहीं, कई शिक्षकों की सेवा समाप्त होने के साथ उनकी मौत भी हो चुकी है। ऐसे में उनका बकाया वेतन भुगतान सत्यापन के बाद उनके आश्रितों को दिया जाएगा। वहीं, 2000 के बाद नियुक्ति पाने वाले 100 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई गई थी।
कार्यावधि तक किया जाएगा वेतन भुगतान
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में वेतन भुगतान के बाद लगभग 117 तदर्थ शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाएगी। इन सभी को गैर कानूनी तरीके से विद्यालयों में नियु किक्तया गया था। वर्ष 2000 के बाद नियुक्त होने वाले अशासकीय विद्यालयों के 100 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई गई थी। सत्यापन के बाद कार्यावधि तक जल्द वेतन भुगतान किया जाएगा।
- राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक