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एफसीआई ने अनाज देने से किया मना

Tue, 23 Feb 2016 11:07 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 23 Feb 2016 11:07 PM IST
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) योजना को सरकार के ही उपक्रम ठेंगा दिखाने लगे हैं। भारतीय खाद्य निगम ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आवंटित पूरा अनाज दे पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में इस योजना की शुरुआत में ही करीब दो लाख लाभार्थियों को तगड़ा झटका लग सकता है। अधिकारियों की ढिलाई ऐसे ही रही तो दो लाख लाभार्थी पहले दौर में अनाज पाने से वंचित रह जाएंगे।
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इस बाबत चाहे आपूर्ति विभाग हो या आवश्यक वस्तु निगम या फिर खाद्य रसद विभाग अपनी जिम्मेदारी से भाग कर दूसरे की खामी बता रहे हैं। जहां तक एफसीआई का सवाल है तो इसके प्रबंधक ने भी योजना के लिए आवंटित अनाज को 100 प्रतिशत आपूर्ति कर देने की बात कही है।
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इन विभागीय सूत्रों की मानें तो इस बाबत अभी कोई भी विभाग इस बात से आश्वस्त नहीं है कि सभी लाभार्थियों को एक साथ अनाज मिल सकेगा। इसकी एक नजीर तो आज तक अनाज उठान का आज तक रोस्टर का न बन पाना भी है। यह हाल इस योजना की तैयारी का तब है, जब इसे प्रदेश के सभी जिलों में एक मार्च 2016 को एक साथ लांच किया जा रहा है।
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जिले में लगता है राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम भी पहले की योजना की तरह लापरवाही की भेंट चढ़नेे वाला है। चार विभाग के अधिकारीे मिलकर अभी तक इस योजना के लिए अनाज उठान का निर्धारण तक नहीं कर सके हैं।

पहले से रोस्टर का निर्धारण होने से ही एफसीआई के बफर से अनाजको उठा कर ब्लॉकवार आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम में पहुंचाने व उसके बाद वहां से कोटेदारों के अनाज उठान करने के दौरान निगरानी हो सकती है। रोस्टर में गड़बड़ी होने या उसके मुताबिक अनाज का उठान न हो पाने से अनाज में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी होती है। इस बाबत एसएफसी के जिला प्रबंधक राकेश पाण्डेय का कहना है कि रोस्टर तय कर लिया जाएगा।

डीएसओ गोंडा विमल कुमार शुक्ल ने बताया कि योजना अभी शुरूआती दौर में है, इस वजह से कुछ दिक्कतें आ रही हैं। यहां के भारतीय खाद्य निगम को जिले के अलावा देवीपाटन मंडल के बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती को भी अनाज की आपूर्ति करनी है। हो सकता है विभाग के पास इस समय पर्याप्त अनाज न हो। उनके यहां अनाज बाहर से भी आता है। एफसीआई अभी इस योजना के लिए पूरा अनाज नहीं दे रही है।

जिला प्रबंधक एसएफसी गोंडा राकेश पाण्डेय का कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जितने लाभार्थियों के लिए अनाज का आवंटन मांगा गया है भारतीय खाद्य निगम उतना अनाज नहीं दे रही है। विभाग के  डिमांड के मुताबिक एफसीआई ने 55 फीसदी चावल व 79 फीसदी गेहूं देने की बात कही है। हालांकि बात चल रही है कि 100 फीसदी की आपूर्ति हो जाए।

वाणिज्यिक प्रबंधक एफसीआई गोंडा राम अचल ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के  तहत चयनित लाभार्थियों के सापेक्ष जितना आवंटन मांगा गया है, उसकी 100 फीसदी आपूर्ति कर दी जाएगी। अनाज की आपूर्ति पूरी होगी।

अलग अलग लाभार्थियों को मिलने वाला अनाज व रेट
* अन्त्योदय लाभार्थी को प्रतिकार्ड गेहूं -         10 किलो    2.00 रु. प्रति किलो
* अन्त्योदय लाभार्थी को प्रतिकार्ड चावल-     25 किलो    3.00 रु.प्रति किलो
* एनएफएसए कार्डधारक को प्रति यूनिट गेहूं-     02 किलो     2.00 रु. प्रति किलो
* एनएफएसए कार्डधारक को प्रति यूनिट चावल- 03 किलो     3.00 रु. प्रति किलो

जिले में योजना की फैक्ट फाइल
* कुल चयनित लाभार्थी -                 4,11,839
* कुल अन्त्योदय लाभार्थी-                   65,026
* लाभार्थियों को आवंटित गेहूं -             7131.812 एमटी
* लाभार्थियों को आवंटित चावल -            4394.694 एमटी
* अन्त्योदय लाभार्थियों को आंवटित गेहूं-        650.260 एमटी
* अन्त्योदय लाभार्थियों को आवंटित चावल-    1625.650 एमटी
नोट- एनएफएसए योजना के लाभार्थियों में सभी बीपीएल कार्डधारकों के अलावा गरीब एपीएल कार्डधारकों को शामिल कर दिया गया है। जबकि इस योजना में अन्त्योदय कार्ड़धारक भी अलग से शामिल किये गये हैं।

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