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Gonda News: 871 ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्र ठप, कारण बताओ नोटिस
Mon, 24 Aug 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:18 PM IST
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पंचायत भवन गुरसडी में सीएससी से संबंधित कार्य करते पंचायत सहायक धीरेंद्र प्रताप सिंह। - संवाद
गोंडा। जिले की 871 ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्रों का संचालन ठप है। इन पंचायतों में ओएसआर (स्वयं के संसाधन से आय) शून्य है। मामले में प्रभारी डीपीआरओ जीडी जैन ने संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जिले की 1192 ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से आधार पंजीकरण व संशोधन, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक खाता खोलने, नकद निकासी, बिजली-पानी व मोबाइल बिल भुगतान समेत करीब 207 सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इनके संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को दी गई है। ओएसआर पोर्टल की 21 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, 1192 में सिर्फ 321 ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्रों से आय हुई। यानी महज 26.93 प्रतिशत पंचायतों में ही केंद्र संचालित मिले, जबकि 871 पंचायतों में आय शून्य रही। इससे ग्रामीणों को कई सेवाओं के लिए ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब कर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नवाबगंज में सबसे खराब स्थिति
नवाबगंज की 71 में सिर्फ पांच पंचायतों में जनसुविधा केंद्र संचालित मिले। यहां संचालन का प्रतिशत 7.04 रहा। इटियाथोक में 14.12, वजीरगंज में 13.33, तरबगंज में 14.81, पंडरीकृपाल में 19.30 और परसपुर में 21.33 प्रतिशत पंचायतों में ही केंद्र संचालित मिले। मुजेहना में 48.28 प्रतिशत पंचायतों में केंद्र संचालित मिले, जो जिले में सबसे बेहतर स्थिति है।
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तीन दिन में खाते सक्रिय कराने के निर्देश
सभी संबंधित पंचायतों के ओएसआर खाते तीन दिन में सक्रिय कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खाते सक्रिय न होने का कारण साक्ष्य सहित स्पष्ट करने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
-जीडी जैन, प्रभारी डीपीआरओ
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अधिकारियों के मुताबिक, जिले की 1192 ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से आधार पंजीकरण व संशोधन, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक खाता खोलने, नकद निकासी, बिजली-पानी व मोबाइल बिल भुगतान समेत करीब 207 सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इनके संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को दी गई है। ओएसआर पोर्टल की 21 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, 1192 में सिर्फ 321 ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्रों से आय हुई। यानी महज 26.93 प्रतिशत पंचायतों में ही केंद्र संचालित मिले, जबकि 871 पंचायतों में आय शून्य रही। इससे ग्रामीणों को कई सेवाओं के लिए ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब कर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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नवाबगंज में सबसे खराब स्थिति
नवाबगंज की 71 में सिर्फ पांच पंचायतों में जनसुविधा केंद्र संचालित मिले। यहां संचालन का प्रतिशत 7.04 रहा। इटियाथोक में 14.12, वजीरगंज में 13.33, तरबगंज में 14.81, पंडरीकृपाल में 19.30 और परसपुर में 21.33 प्रतिशत पंचायतों में ही केंद्र संचालित मिले। मुजेहना में 48.28 प्रतिशत पंचायतों में केंद्र संचालित मिले, जो जिले में सबसे बेहतर स्थिति है।
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तीन दिन में खाते सक्रिय कराने के निर्देश
सभी संबंधित पंचायतों के ओएसआर खाते तीन दिन में सक्रिय कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खाते सक्रिय न होने का कारण साक्ष्य सहित स्पष्ट करने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
-जीडी जैन, प्रभारी डीपीआरओ