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जिला कांग्रेस कमेटी में रार, निशाने पर आए अध्यक्ष
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गोंडा। जिला कांग्रेस कमेटी में जिलाध्यक्ष को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जिलाध्यक्ष बने पंकज चौधरी को लेकर पार्टी का एक बड़ा तबका सवाल उठा रहा है। यहां तक छपिया व खोड़ारे थाने में उनके विरुद्ध दर्ज गंभीर मामलों के मुकदमों को सामने रखकर कांग्रेस के पदाधिकारी विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि जब अध्यक्ष ही दागी होगा तो हम दूसरे दलों के दागी नेताओं का विरोध कैसे करेंगे। पार्टी में विरोध को देखते हुए शहर के एक निजी स्कूल में कांग्रेस के प्रदेश सचिव ब्रह्म स्वरूप सागर व गोंडा के प्रभारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू ने पहुंच कर बैठक भी की।
पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्त्ताओं के गुपचुप बैठक कर मामले को शांत करने का प्रयास किया और 31 अगस्त तक चुप रहने की सलाह भी दी। अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान काफी बहस हुई और वहां पर जिलाध्यक्ष के विरोधी खेमे के लोग ही थे, उन्होंने कई गंभीर आरोपों को रखा। बैठक में कांग्रेस के अब्दुल रहमान, केटी तिवारी, अमरजीत सिंह, त्रिलोकीनाथ तिवारी आदि कई कद्दावर नेता मौजूद रहे। सभी ने जिलाध्यक्ष के चयन को अनुचित बताया।
पार्टी की तरफ से आए नेताओं ने समझौते पर जोर भी दिया लेकिन आक्रोश बढ़ता ही गया। लोगों ने इस्तीफे तक की पेशकश कर दी। यहीं नहीं कांग्रेस के परसपुर ब्लॉक के अध्यक्ष राम सिंह के साथ कई ब्लाक अध्यक्षों ने इस्तीफा दे भी दिया। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के प्रदेश सचिव जिला प्रभारी ने सभी को समझाया और भरोसा दिया कि कार्यकर्त्ताओं की भावनाओं की कद्र होगी। पूर्व शहर अध्यक्ष अमरजीत सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी का अंदरूनी मामला है, सभी की बात को पार्टी नेताओं ने सुना है। कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने में हम लोग जुटे हैं।
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राजनीति दबाव में मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है। मेरे ऊपर दर्ज मुकदमा राजनीति दबाव में हुआ था और मैं निर्दोष था। हम पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं पार्टी के कार्यकर्त्ता हमारे साथ हैं। -पंकज चौधरी, जिलाध्यक्ष कांग्रेेस
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पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्त्ताओं के गुपचुप बैठक कर मामले को शांत करने का प्रयास किया और 31 अगस्त तक चुप रहने की सलाह भी दी। अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान काफी बहस हुई और वहां पर जिलाध्यक्ष के विरोधी खेमे के लोग ही थे, उन्होंने कई गंभीर आरोपों को रखा। बैठक में कांग्रेस के अब्दुल रहमान, केटी तिवारी, अमरजीत सिंह, त्रिलोकीनाथ तिवारी आदि कई कद्दावर नेता मौजूद रहे। सभी ने जिलाध्यक्ष के चयन को अनुचित बताया।
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पार्टी की तरफ से आए नेताओं ने समझौते पर जोर भी दिया लेकिन आक्रोश बढ़ता ही गया। लोगों ने इस्तीफे तक की पेशकश कर दी। यहीं नहीं कांग्रेस के परसपुर ब्लॉक के अध्यक्ष राम सिंह के साथ कई ब्लाक अध्यक्षों ने इस्तीफा दे भी दिया। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के प्रदेश सचिव जिला प्रभारी ने सभी को समझाया और भरोसा दिया कि कार्यकर्त्ताओं की भावनाओं की कद्र होगी। पूर्व शहर अध्यक्ष अमरजीत सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी का अंदरूनी मामला है, सभी की बात को पार्टी नेताओं ने सुना है। कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने में हम लोग जुटे हैं।
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राजनीति दबाव में मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है। मेरे ऊपर दर्ज मुकदमा राजनीति दबाव में हुआ था और मैं निर्दोष था। हम पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं पार्टी के कार्यकर्त्ता हमारे साथ हैं। -पंकज चौधरी, जिलाध्यक्ष कांग्रेेस