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लोक अदालत में निपटे 18 हजार मामले
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:03 PM IST
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न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 18181 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। इस दौरान वाहन दुर्घटना के पीड़ित 19 याचियों को कुल 55 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया व बैंकों का 45 लाख रुपये और बीमे के 25 लाख रुपये ऋण की वसूली भी की गई।
जिला जज उमेश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें मुकदमों की सुनवाई करते हुए जिला जज ने 10 वाद, एडीजे प्रथम अशोक सिंह ने 13 वाद, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश रामचंद्र ने 258 वाद, एडीजे द्वितीय सुनील कुमार ने सात वाद, एफटीसी सुरेंद्र सिंह ने दो वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया।
सीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने 2646, सिविल जज जूनियर डिवीजन बलरामपुर रवि गुप्ता ने 19, जेडी उतरौला प्रदीप कुमार ने 226, जेएम प्रथम हेमंत कुमार कुशवाहा ने 300 वाद, जेएम द्वितीय बबिता पाठक ने 335 वाद, जेडी प्रथम विकास ने 532 वाद व जेडी द्वितीय मयंक ने 234 वादों का निस्तारण कराया।
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इसी तरह पावर कार्पोरेशन के 5134, एलआईसी के 3452, बैंक के 628, चकबंदी के 251, व्यापार कर के 1995, जिला आपूर्ति विभाग के 187, जिला उपभोक्ता के छह, स्टाम्प के पांच, एडीएम के 10 तथा तीनों तहसीलों में राजस्व के 805 एवं फौजदारी के 1126 मुकदमों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।
सीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना के पीड़ित 19 याचियों को 55 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया तथा एलआईसी के 25 लाख व बैंकों के 45 लाख रुपये ऋण की वसूली भी कराई गई।
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जिला जज उमेश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें मुकदमों की सुनवाई करते हुए जिला जज ने 10 वाद, एडीजे प्रथम अशोक सिंह ने 13 वाद, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश रामचंद्र ने 258 वाद, एडीजे द्वितीय सुनील कुमार ने सात वाद, एफटीसी सुरेंद्र सिंह ने दो वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया।
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सीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने 2646, सिविल जज जूनियर डिवीजन बलरामपुर रवि गुप्ता ने 19, जेडी उतरौला प्रदीप कुमार ने 226, जेएम प्रथम हेमंत कुमार कुशवाहा ने 300 वाद, जेएम द्वितीय बबिता पाठक ने 335 वाद, जेडी प्रथम विकास ने 532 वाद व जेडी द्वितीय मयंक ने 234 वादों का निस्तारण कराया।
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इसी तरह पावर कार्पोरेशन के 5134, एलआईसी के 3452, बैंक के 628, चकबंदी के 251, व्यापार कर के 1995, जिला आपूर्ति विभाग के 187, जिला उपभोक्ता के छह, स्टाम्प के पांच, एडीएम के 10 तथा तीनों तहसीलों में राजस्व के 805 एवं फौजदारी के 1126 मुकदमों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।
सीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना के पीड़ित 19 याचियों को 55 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया तथा एलआईसी के 25 लाख व बैंकों के 45 लाख रुपये ऋण की वसूली भी कराई गई।