{"_id":"5d3351bf8ebc3e6cde2379ae","slug":"preparing-to-remove-320-rojgar-sevak-gonda-news-lko4718692105","type":"story","status":"publish","title_hn":"320 रोजगार सेवकों को हटाने की तैयारी, अफसरों से रिकवरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
320 रोजगार सेवकों को हटाने की तैयारी, अफसरों से रिकवरी
विज्ञापन
गोंडा। मनरेगा से कार्य न करने और श्रमिकों को रोजगार न देनी वाली पंचायतों की मुश्किलें बढ़ गई है। दो वित्तीय वर्ष में 320 ग्राम पंचायतों में एक भी कार्य नहीं हुए, इससे करीब 25 हजार मजदूरों को रोजगार नहीं मिला। ग्राम्य विकास विभाग ने 320 पंचायतों के मनरेगा कार्य से जुड़े 1200 कर्मियों और प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्य न करने वाली पंचायतों के रोजगार सेवकों को अब हटाने की तैयारी हो रही है, वहीं दो वर्ष में दिए गए मानदेय की रिकवरी मनरेगा के अफसरों से की जाएगी। मनरेगा के कार्यों की अनदेखी करने वाली पंचायतों में नोटिस जारी होने के बाद खलबली मची है। खंड विकास अधिकारियों से जिम्मेदारी तय करते हुए रिपोर्ट मांगी गई है।
मनरेगा योजना से जिले के 1054 पंचायतों में विकास कार्य होते हैं। दो लाख से अधिक जाब कार्ड श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार देने के लिए वर्ष 2017-18 व 2018-19 में 900 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं तैयार हुईं। इस बजट से दो लाख मजदूरों को 100-100 दिन का रोजगार हर साल पंचायतों को देना था, लेकिन 320 पंचायतों ने एक भी कार्य नहीं किए और श्रमिकों को रोजगार नही दिया। जिससे इन पंचायतों में मजदूरों का पलायन भी हुआ। श्रमिकों को गांव छोड़कर बड़े शहरों में मजदूरी के लिए जाना पड़ा।
शासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया। ग्राम्य विकास विभाग ने ऐसी पंचायतों को चिन्हित करके ग्राम रोजगार सेवकों को हटाने के साथ ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, तकनीकी सहायकों, ग्राम प्रधानों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दिया। अभी इन पंचायतों के 320 ग्राम प्रधानों के साथ ही कर्मियों सहित 1200 लोगों को नोटिस दिया है। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जवाब तलब करके कार्रवाई प्रस्तावित करें। यही नहीं शासन ने कार्य न होने के दौरान ग्राम रोजगार सेवकों को दिए गए मानदेय का भुगतान की रिकवरी करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
कार्य बंद होने पर दिए गए मानदेय की होगी रिकवरी
पहली बार शासन ने मानदेय रिकवरी के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिन पंचायतों में कार्य बंद था, वहां के रोजगार सेवकों को मानदेय दिए जाने की समीक्षा होगी। मानदेय की रिकवरी अफसरों से होगी। इसमें किए गए भुगतान की 25 फीसदी धनराशि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, 25 फीसदी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी से, 25 फीसदी खंड विकास अधिकारी और 25 फीसदी उपायुक्त मनरेगा से होगी। इसके लिए ब्लाकों से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
बीईओ को जारी की गई चेतावनी
खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई है और कार्य न कराने वाली पंचायतों के प्रधानों व पंचायत कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लापरवाही करने पर खंड विकास अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। निर्देशों के तहत कार्यवाई की जा रही है। -हरिश्चंद्र प्रजापति, उपायुक्त श्रम रोजगार
लापरवाह लोगों पर होगी कार्रवाई
मनरेगा में कार्य न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। हर पंचायतों को कार्य करने के निर्देश हैं, इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। -आशीष कुमार, सीडीओ
विज्ञापन
मनरेगा योजना से जिले के 1054 पंचायतों में विकास कार्य होते हैं। दो लाख से अधिक जाब कार्ड श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार देने के लिए वर्ष 2017-18 व 2018-19 में 900 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं तैयार हुईं। इस बजट से दो लाख मजदूरों को 100-100 दिन का रोजगार हर साल पंचायतों को देना था, लेकिन 320 पंचायतों ने एक भी कार्य नहीं किए और श्रमिकों को रोजगार नही दिया। जिससे इन पंचायतों में मजदूरों का पलायन भी हुआ। श्रमिकों को गांव छोड़कर बड़े शहरों में मजदूरी के लिए जाना पड़ा।
विज्ञापन
शासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया। ग्राम्य विकास विभाग ने ऐसी पंचायतों को चिन्हित करके ग्राम रोजगार सेवकों को हटाने के साथ ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, तकनीकी सहायकों, ग्राम प्रधानों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दिया। अभी इन पंचायतों के 320 ग्राम प्रधानों के साथ ही कर्मियों सहित 1200 लोगों को नोटिस दिया है। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जवाब तलब करके कार्रवाई प्रस्तावित करें। यही नहीं शासन ने कार्य न होने के दौरान ग्राम रोजगार सेवकों को दिए गए मानदेय का भुगतान की रिकवरी करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
कार्य बंद होने पर दिए गए मानदेय की होगी रिकवरी
पहली बार शासन ने मानदेय रिकवरी के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिन पंचायतों में कार्य बंद था, वहां के रोजगार सेवकों को मानदेय दिए जाने की समीक्षा होगी। मानदेय की रिकवरी अफसरों से होगी। इसमें किए गए भुगतान की 25 फीसदी धनराशि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, 25 फीसदी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी से, 25 फीसदी खंड विकास अधिकारी और 25 फीसदी उपायुक्त मनरेगा से होगी। इसके लिए ब्लाकों से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
बीईओ को जारी की गई चेतावनी
खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई है और कार्य न कराने वाली पंचायतों के प्रधानों व पंचायत कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लापरवाही करने पर खंड विकास अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। निर्देशों के तहत कार्यवाई की जा रही है। -हरिश्चंद्र प्रजापति, उपायुक्त श्रम रोजगार
लापरवाह लोगों पर होगी कार्रवाई
मनरेगा में कार्य न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। हर पंचायतों को कार्य करने के निर्देश हैं, इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। -आशीष कुमार, सीडीओ