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किसानों के सामने आलू भंडारण की चुनौती

Wed, 10 Feb 2016 11:45 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 10 Feb 2016 11:45 PM IST
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Potatoes storage challenges facing farmers
जिले में इस बार करीब 4195 हेक्टेयर में आलू की बोवाई की गई है। उद्यान विभाग जिले में करीब 1,15,290 मीट्रिक टन आलू के पैदावार होने का अनुमान लगा रखा है। जबकि किसानों का कहना है कि पूरे जिले में होने वाले आलू उत्पादन का स्टाक रखने के लिए  एक ही कोल्ड स्टोर होने से  किसानों के सामने भंडारण व निकासी के समय मुश्किल खड़ी कर सकती है।
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सीजन के समय में में कोल्ड स्टोर में आलू भंडारण के लिए कभी-कभी पड़ोस के जिले के किसान भी अपनी उपज को भंडारित कराने आ जाते हैं। सूखे वाले मौसम की मार झेल रहे किसान इस बार आलू से कमाई की आस लगाए हैं। ऐसे में वे जल्द से जल्द स्टोर में जमा करने के लिए परेशान हैं।
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किसानों का कहना है समय से आलू भंडारण न होने की स्थिति से आलू की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। यहीं नही आलू में सड़न की स्थिति बन जाती है।

जिले में है मात्र एक कोल्ड स्टोर
कोल्ड स्टोर                क्षमता
वजीरगंज कोल्ड स्टोरेज -        67,000 क्ंिवटल

पिछले साल व मौजूदा साल में आलू की खेती व उत्पादन
फसल व उत्पादन                 वर्ष 2014-15        वर्ष 2015-16
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* आलू का बोया गया क्षेत्रफल-         2,000 हेक्टेयर         4195 हेक्टर
* आलू का उत्पादन    (संभावित)-        55,000 मीट्रिक टन     1,15,295 मीट्रिक टन

भंडारण में होती है परेशानी
किसानों का कहना है कि आलू के भंडारण व निकासी के समय किसानों को काफी परेशानी होती है । जिले में केवल एक कोल्ड स्टोर होने से किसानों को भण्डारण में दिक्कत होती है। वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम चड़ऊवा निवासी राजू ने बताया कि समय से आलू भंडारण न होने से आलू में सड़न की स्थिति आ जाती है। ग्राम अजब नगर के आशाराम का कहना है कि एक ही कोल्ड स्टोर होने से सीजन में काफी भीड़ हो जाने से किसानों के सामने समस्या आ जाती है।

चन्दहा गांव के प्रहलाद का कहना है कि भंडारण तो हर साल हो जाता है लेकिन इसके लिए स्टोर पर दो दो दिन किसानों को रुकना पड़ जाता है। किसानों की आलू भंडारण व निकासी के समय भीड़ बढ़ जाती है। धानेपुर के किसान राधेश्याम वर्मा ने बताया कि प्रशासन को जिले में बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को फिर से चालू कराने चाहिए।

खोदाई के 20 दिन बाद करें भंडारण
इस बाबत कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ डॉ. उपेन्द्र नाथ सिंह ने बताया कि आलू की खोदाई करने के बाद कुछ दिन रुक कर भंडारण कराना चाहिए। जिससे आलू का छिलका मजबूत हो जाए। किसान आलू की खोदाई करने के बाद घर पर उसे ढेरी बना कर रखें। ताकि आलू के छिलके मजबूत हो जाएं। आलू की खोदाई करने के कम से कम 20 दिन बाद उसका कोल्ड स्टोरेज में भंडारण करना चाहिए।


आलू भंडारण की नही है समस्या
किसान आलू की खोदाई करना अब शुरू करेंगे। कई साल से जिले के पांच शीतग्रह बन्द पड़े हैं। जिले में केवल एक कोल्ड स्टोर चल रहा है। फिलहाल कोल्ड स्टोर में भंडारण की पर्याप्त क्षमता है। जिले में जो आलू उत्पादित होता है उसका आधा हिस्सा मंडी में व बाजार में खपत हो जाता है। सूखे से इस बार आलू उत्पादन में 10 से 15 फीसद उत्पादन घटने की उम्मीद है। ऐसे में आलू भंडारण की समस्या नही है। -डॉ. आरके पाल, डीएचओ  गोंडा। 
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