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Gonda News: बिलिंग में हेरफेर की आशंका, जीपीएस से होगी जांच
Sun, 06 Oct 2024 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 06 Oct 2024 11:32 PM IST
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गोंडा। देवीपाटन जोन के जिलों में हर महीने तीन लाख यूनिट विद्युत खपत हो रही है। मगर बिलिंग एजेंसी के आंकड़े में दर्ज नहीं हो पा रही है। ऐसे में 20 प्रतिशत लाइन लॉस आने के बाद पॉवर कार्पोरेशन के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। अब अधिकारियों ने जीपीएस सिस्टम से बिलिंग की हकीकत जाने के लिए रणनीति बनाई। जिसके बाद बिजली की बिलों में गड़बड़ी के चलते लंबे समय से भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं की शिकायतों की हकीकत सामने आएगी।
देवीपाटन जोन के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में करीब 14 लाख से उपभोक्ता हैं। हर महीने तीन लाख युनिट विद्युत खपत हो रही है। मगर बिलिंग एजेंसी टीडीएस के आंकड़े में दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर महीने 20 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस होने के चलते पॉवर कार्पोरेशन को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। ऐसे में बिलिंग में बड़े पैमाने पर हेरफेर की आशंकाएं हैं। नियमों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं बिजली बिल नहीं मिल पा रही है। ऐसे में कनेक्शन लेने के कई वर्ष बाद भी उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है। जोन के जिले गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में लगातार बकाए की रकम बढ़ती जा रही है। विभाग के अधिकारियों के साथ ही उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में विभाग ने बिलिंग एजेंसी की रैंडम जांच कराने के लिए निर्णय लिया गया है।
देवीपाटन मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल का कहना है कि पॉवर कार्पोरेशन के मास्टर डाटा से बिलिंग मशीन की लोकेशन निकाली गई। लंबे समय से विद्युत बिल का भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं को चिहिंत किया गया है। इसके लिए एसडीओ को 10-10 उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी गई। जीपीएस के माध्यम से अधिकारी बिल जारी करने के लोकेशन तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। अगर बिल उचित स्थान पर पहुंचकर बनाई गई तो भुगतान न करने वाले उपभोक्ता का कनेक्शन काटा जाएगा। वरना संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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देवीपाटन जोन के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में करीब 14 लाख से उपभोक्ता हैं। हर महीने तीन लाख युनिट विद्युत खपत हो रही है। मगर बिलिंग एजेंसी टीडीएस के आंकड़े में दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर महीने 20 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस होने के चलते पॉवर कार्पोरेशन को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। ऐसे में बिलिंग में बड़े पैमाने पर हेरफेर की आशंकाएं हैं। नियमों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं बिजली बिल नहीं मिल पा रही है। ऐसे में कनेक्शन लेने के कई वर्ष बाद भी उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है। जोन के जिले गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में लगातार बकाए की रकम बढ़ती जा रही है। विभाग के अधिकारियों के साथ ही उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में विभाग ने बिलिंग एजेंसी की रैंडम जांच कराने के लिए निर्णय लिया गया है।
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देवीपाटन मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल का कहना है कि पॉवर कार्पोरेशन के मास्टर डाटा से बिलिंग मशीन की लोकेशन निकाली गई। लंबे समय से विद्युत बिल का भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं को चिहिंत किया गया है। इसके लिए एसडीओ को 10-10 उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी गई। जीपीएस के माध्यम से अधिकारी बिल जारी करने के लोकेशन तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। अगर बिल उचित स्थान पर पहुंचकर बनाई गई तो भुगतान न करने वाले उपभोक्ता का कनेक्शन काटा जाएगा। वरना संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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