{"_id":"61115dc78ebc3e7581741040","slug":"police-removed-the-shop-the-elderly-gave-his-life-gonda-news-lko5906318133","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने हटवा दी दुकान, बुजुर्ग ने मुफलिसी में दे दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने हटवा दी दुकान, बुजुर्ग ने मुफलिसी में दे दी जान
विज्ञापन
गोंडा। मनकापुर बाजार में पटरी पर पटहर की दुुकान लगाने वाले एक बुजुर्ग की दुकान पुलिस ने हटवा दी। इससे बुजुर्ग की माली हालत खराब होने लगी। एक तो बीमारी ऊपर से परिवार के सामने आन खड़ी हुई रोजी-रोटी की समस्या ने बुर्जुग को इतना आहत किया कि उसने फंदे पर लटककर जान दे दी।
बुजुर्ग के पास से अलग-अलग दो सुसाइट नोट मिले। इसमें दुकान हटवाने व बीमारी के कारण जान देने की बात कही गयी है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के कस्बा मनकापुर स्थित मोहल्ला सुभाष नगर निवासी काली प्रसाद उर्फ भगेलू पटवा (62)पुत्र बालेश्वर पटवा कस्बा के चौक बाजार में वर्षों से फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान लगाकर करधन, फीता, जूतिया, चूड़ी, बिंदी आदि सामान बेचकर अपना व परिवार का खर्च चला रहे थे।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन में पटरी दुकानदारों को पुलिस ने हटा दिया। इसके बाद से भगेलू परेशान व बीमार रहने लगा। उसके पास दवा खरीदने तक के पैसे भी नहीं बचे।
इसी से परेशान हो कर भगेलू ने रविवार रात अपने घर के आंगन में बीम के रॉड पर रस्सी के फंदे के सहारे लटककर जान दे दी। पड़ोसी ने अपने छत से जब भगेलू का शव लटकता देेेखा तो इसकी सूचना उसकी पत्नी व मोहल्ले वालों के साथ ही पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
मृतक भगेलू की बड़ी बेटी आरती ने बताया कि उसके पिता कम पढ़े लिखे थे, लेकिन मरने से पहले एक पीले रंग कागज पर सुसाइड नोट छोड़ गए हैं। इसमें लिखा है कि दो साल से लॉक डाउन के कारण पुलिस वालों ने फुटपाथ पर लगने वाली दुकान हटा दी। गरीबी के कारण एक एक पैसे को मजबूर हैं।
एक दूसरे कागज में बीमारी व मुफलिसी से तंग आकर जीवन लीला खत्म करने की बात लिखी गयी। कोतवाल श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि भगेलू के दामाद संजय कुमार पुत्र राम लखन निवासी वजीरगंज बाजार ने सूचना दी है कि उसके ससुर भगेलू ने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की है।
विज्ञापन
बुजुर्ग के पास से अलग-अलग दो सुसाइट नोट मिले। इसमें दुकान हटवाने व बीमारी के कारण जान देने की बात कही गयी है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन
कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के कस्बा मनकापुर स्थित मोहल्ला सुभाष नगर निवासी काली प्रसाद उर्फ भगेलू पटवा (62)पुत्र बालेश्वर पटवा कस्बा के चौक बाजार में वर्षों से फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान लगाकर करधन, फीता, जूतिया, चूड़ी, बिंदी आदि सामान बेचकर अपना व परिवार का खर्च चला रहे थे।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन में पटरी दुकानदारों को पुलिस ने हटा दिया। इसके बाद से भगेलू परेशान व बीमार रहने लगा। उसके पास दवा खरीदने तक के पैसे भी नहीं बचे।
इसी से परेशान हो कर भगेलू ने रविवार रात अपने घर के आंगन में बीम के रॉड पर रस्सी के फंदे के सहारे लटककर जान दे दी। पड़ोसी ने अपने छत से जब भगेलू का शव लटकता देेेखा तो इसकी सूचना उसकी पत्नी व मोहल्ले वालों के साथ ही पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
मृतक भगेलू की बड़ी बेटी आरती ने बताया कि उसके पिता कम पढ़े लिखे थे, लेकिन मरने से पहले एक पीले रंग कागज पर सुसाइड नोट छोड़ गए हैं। इसमें लिखा है कि दो साल से लॉक डाउन के कारण पुलिस वालों ने फुटपाथ पर लगने वाली दुकान हटा दी। गरीबी के कारण एक एक पैसे को मजबूर हैं।
एक दूसरे कागज में बीमारी व मुफलिसी से तंग आकर जीवन लीला खत्म करने की बात लिखी गयी। कोतवाल श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि भगेलू के दामाद संजय कुमार पुत्र राम लखन निवासी वजीरगंज बाजार ने सूचना दी है कि उसके ससुर भगेलू ने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की है।