{"_id":"5eb03b688ebc3e90233f06e5","slug":"people-get-on-the-road-as-soon-as-they-get-a-discount-gonda-news-lko520202497","type":"story","status":"publish","title_hn":"छूट मिली तो लोगों ने लांघी लक्ष्मण रेखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छूट मिली तो लोगों ने लांघी लक्ष्मण रेखा
विज्ञापन
People get on the road as soon as they get a discount
- फोटो : GONDA
गोंडा। कोरोना महामारी के बीच सोमवार तो छूट मिली को लॉकडाउन ध्वस्त नजर आया। जिला ऑरेंज जोन में है, इसके बावजूद लोगों ने न सिर्फ लक्ष्मण रेखा लांघी, बल्कि बेखौफ होकर पूरे दिन फर्राटा भी भरा। स्थिति यह रही कि नो पार्किंग जोन भी खुल गया और हर तरफ जाम जैसी स्थिति नजर आई। पुलिस तो शराब बिक्री कराने में जुटी रही, सड़कों पर रोकटोक नाम मात्र की ही रही।
कोरोना संकट को देखते हुए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन लागू होने से लोग पाबंदियों में रहे। लॉकडाउन टू तक तो स्थिति ठीक रही और लोगों ने भरपूर सहयोग भी किया। जिले में तीन कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने से भी लोग खुद की चिंता कर रहे थे। इसी बीच सरकार की ओर से जिले को ऑरेंज जोन में शामिल किया गया और छूट की घोषणा हो गई।
रविवार की देर शाम तक आदेश भी जारी हो गए, इसके बाद तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। साहित्यकार डॉ. श्रीनारायण तिवारी कहते हैं कि सरकार ने छूट लोगों को राहत देने के लिए दी है न कि रोग से मुुक्ति मिल गई है। इसे ध्यान में रखना चाहिए। शिक्षक राजकिशोर शुक्ल कहते हैं कि स्थिति बहुत ही भयावह हो गई है, ऐसे ही लोग सड़कों पर निकलेंगे तो बीमारी बढ़ने के आसार बढ़ेंगे। इस तरह जानकार लोगों ने स्थिति की चिंता भी जताई है।
विज्ञापन
लॉकडाउन के 40 दिनों में पहली बार जाम की ऐसी स्थिति दिखी। बड़गांव चौराहे पर पुलिस को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए जूझना पड़ा। ऐसी ही स्थिति मिश्रौलिया चौकी और स्टेशन रोड तक रही। हाल यह रहा है कि ट्रक और अन्य वाहन काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
वहीं गुरुनानक चौक से नो पार्किंग जोन की व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। चौक तक लोग धड़ल्ले से वाहनों से जाते दिखे। पूरे शहर का गजब हाल रहा है। डाकघर चौराहे पर सोशल डिस्टेंसिंग तोड़कर दुकान लगाने वालों को एक सिपाही ने सबक सिखाया तब जाकर एक दूसरे से दूरी बनाई।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने छूट को लेकर कई निर्देश दिए। उन्होने दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के साथ ही लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने को कहा है। इसके अलावा उन्होने व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की है।
विज्ञापन
कोरोना संकट को देखते हुए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन लागू होने से लोग पाबंदियों में रहे। लॉकडाउन टू तक तो स्थिति ठीक रही और लोगों ने भरपूर सहयोग भी किया। जिले में तीन कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने से भी लोग खुद की चिंता कर रहे थे। इसी बीच सरकार की ओर से जिले को ऑरेंज जोन में शामिल किया गया और छूट की घोषणा हो गई।
विज्ञापन
रविवार की देर शाम तक आदेश भी जारी हो गए, इसके बाद तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। साहित्यकार डॉ. श्रीनारायण तिवारी कहते हैं कि सरकार ने छूट लोगों को राहत देने के लिए दी है न कि रोग से मुुक्ति मिल गई है। इसे ध्यान में रखना चाहिए। शिक्षक राजकिशोर शुक्ल कहते हैं कि स्थिति बहुत ही भयावह हो गई है, ऐसे ही लोग सड़कों पर निकलेंगे तो बीमारी बढ़ने के आसार बढ़ेंगे। इस तरह जानकार लोगों ने स्थिति की चिंता भी जताई है।
विज्ञापन
लॉकडाउन के 40 दिनों में पहली बार जाम की ऐसी स्थिति दिखी। बड़गांव चौराहे पर पुलिस को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए जूझना पड़ा। ऐसी ही स्थिति मिश्रौलिया चौकी और स्टेशन रोड तक रही। हाल यह रहा है कि ट्रक और अन्य वाहन काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
वहीं गुरुनानक चौक से नो पार्किंग जोन की व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। चौक तक लोग धड़ल्ले से वाहनों से जाते दिखे। पूरे शहर का गजब हाल रहा है। डाकघर चौराहे पर सोशल डिस्टेंसिंग तोड़कर दुकान लगाने वालों को एक सिपाही ने सबक सिखाया तब जाकर एक दूसरे से दूरी बनाई।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने छूट को लेकर कई निर्देश दिए। उन्होने दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के साथ ही लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने को कहा है। इसके अलावा उन्होने व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की है।