{"_id":"607dc2678ebc3ebd050e8668","slug":"panchayat-elections-for-the-first-time-in-five-villages-enthusiasm-shown-gonda-news-lko574918932","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गांवों में पहली बार पंचायत चुनाव, दिखा उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच गांवों में पहली बार पंचायत चुनाव, दिखा उत्साह
विज्ञापन
मनकापुर (गोंडा)। आजादी के 73 साल बाद जंगलों में रहने वाले वनटांगिया परिवारों ने पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हिस्सा लेकर गांव की सरकार चुनने को मतदान किया। मताधिकार को लेकर पांचों गांवों के मतदाताओं में गजब का उत्साह दिखा।
अंग्रेजी हुकूमत से जंगल क्षेत्र में पौधों की देखरेख करने के लिए रखे गए मजदूर वहीं बस गए थे। उन्हें सिर्फ खेती के लिए जमीन दी जाती थी, लेकिन उन्हें जमीन पर मालिकाना हक कभी नही मिल सका।
गांव का दर्जा न मिलने के कारण उन्हें वोट देने का अधिकार भी नही था। साल 2018 में प्रदेश शासन ने सभी पांचों वन ग्रामों महेशपुर, अशरफाबाद, बुटहनी, रामगढ व मनीपुर को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद पांचों गावों के लोगों को जमीन पर अधिकार के साथ ही सरकारी योजनाओं का फायदा और वोट देने का अधिकार मिला। इन गांवों के करीब 12 सौ लोगों ने मतदाता बनने के बाद सोमवार को पहली बार पंचायत चुनाव में हिस्सेदारी कर उत्साह के साथ मतदान किया।
गांव के राम बहादुर ने कहा कि पंचायत चुनाव होते तो उन लोगों ने बरसों देखे थे लेकिन मतदान का अवसर पहली बार मिला है। इससे उन्हें भी खुशी हुई है। इसी तरह मालती भी वोट देकर गदगद दिखी।
लोकसभा के बाद पहली बार मतदान
वनटांगिया परिवारों को पंचायत चुनाव में तो पहली बार मतदान का अवसर मिला लेकिन इससे पहले वह लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान में हिस्सेदारी कर चुके हैं। पहली बार वोट देने का अधिकार उन्हें साल 2018 के बाद ही हासिल हुआ था।
अब मतदान तो दूसरी बार करेंगे लेकिन पंचायत चुनाव में अपने पसंद का उम्मीदवार पहली बार चुनेंगे। साल 2019 में पहली बार ईवीएम मशीन से वोट किया था और पंचायत चुनाव में पहली बार बैलेट पेपर पर मतदान करेंगे।
मनकापुर(गोंडा)। मतदाताओं ने पंचायत चुनाव में लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। ब्लाक के 92 ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायत के 112 पदों, ग्राम पंचायत सदस्य की 1156 पदों की 382 मतदेय स्थल पर चुनाव हुआ है। पटीठ गांव में एक पंचायत भवन जिसकी खिड़की, दरवाजा टूटा हुआ है। ब्लाक कर्मियों ने मानक विहीन दशा में दो बूथ बना दिया। जह
ां निर्माणाधीन शौंचालय है। ऐसी स्थिति को देखकर पीठासीन अधिकारी राम लौट व महिला कर्मी पूजा सिंह ने कहा कि ऐसे स्थान पर बूथ नहीं बनाना चाहिए जहां कोई सुविधा न हो।
मतदान अधिकारी के पिता की मौत
उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा के बूथ संख्या 187 पर ड्यूटी में लगे मतदान अधिकारी तीन (सफाई कर्मी) रितेश कुमार श्रीवास्तव के पिता नरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव (71) निवासी पटेल नगर गोंडा की सोमवार की सुबह अचानक मृत्यु हो गई।
इसकी जानकारी होने पर बूथ पर कुछ समय तक मतदान बंद रहा। सूचना पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ ऊदल कुमार ने मतदान शुरू कराया। करीब 12 बजे उक्त कर्मी के स्थान पर दूसरे कर्मी को लगाया गया।
विज्ञापन
अंग्रेजी हुकूमत से जंगल क्षेत्र में पौधों की देखरेख करने के लिए रखे गए मजदूर वहीं बस गए थे। उन्हें सिर्फ खेती के लिए जमीन दी जाती थी, लेकिन उन्हें जमीन पर मालिकाना हक कभी नही मिल सका।
विज्ञापन
गांव का दर्जा न मिलने के कारण उन्हें वोट देने का अधिकार भी नही था। साल 2018 में प्रदेश शासन ने सभी पांचों वन ग्रामों महेशपुर, अशरफाबाद, बुटहनी, रामगढ व मनीपुर को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद पांचों गावों के लोगों को जमीन पर अधिकार के साथ ही सरकारी योजनाओं का फायदा और वोट देने का अधिकार मिला। इन गांवों के करीब 12 सौ लोगों ने मतदाता बनने के बाद सोमवार को पहली बार पंचायत चुनाव में हिस्सेदारी कर उत्साह के साथ मतदान किया।
गांव के राम बहादुर ने कहा कि पंचायत चुनाव होते तो उन लोगों ने बरसों देखे थे लेकिन मतदान का अवसर पहली बार मिला है। इससे उन्हें भी खुशी हुई है। इसी तरह मालती भी वोट देकर गदगद दिखी।
लोकसभा के बाद पहली बार मतदान
वनटांगिया परिवारों को पंचायत चुनाव में तो पहली बार मतदान का अवसर मिला लेकिन इससे पहले वह लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान में हिस्सेदारी कर चुके हैं। पहली बार वोट देने का अधिकार उन्हें साल 2018 के बाद ही हासिल हुआ था।
अब मतदान तो दूसरी बार करेंगे लेकिन पंचायत चुनाव में अपने पसंद का उम्मीदवार पहली बार चुनेंगे। साल 2019 में पहली बार ईवीएम मशीन से वोट किया था और पंचायत चुनाव में पहली बार बैलेट पेपर पर मतदान करेंगे।
मनकापुर(गोंडा)। मतदाताओं ने पंचायत चुनाव में लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। ब्लाक के 92 ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायत के 112 पदों, ग्राम पंचायत सदस्य की 1156 पदों की 382 मतदेय स्थल पर चुनाव हुआ है। पटीठ गांव में एक पंचायत भवन जिसकी खिड़की, दरवाजा टूटा हुआ है। ब्लाक कर्मियों ने मानक विहीन दशा में दो बूथ बना दिया। जह
ां निर्माणाधीन शौंचालय है। ऐसी स्थिति को देखकर पीठासीन अधिकारी राम लौट व महिला कर्मी पूजा सिंह ने कहा कि ऐसे स्थान पर बूथ नहीं बनाना चाहिए जहां कोई सुविधा न हो।
मतदान अधिकारी के पिता की मौत
उच्च प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा के बूथ संख्या 187 पर ड्यूटी में लगे मतदान अधिकारी तीन (सफाई कर्मी) रितेश कुमार श्रीवास्तव के पिता नरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव (71) निवासी पटेल नगर गोंडा की सोमवार की सुबह अचानक मृत्यु हो गई।
इसकी जानकारी होने पर बूथ पर कुछ समय तक मतदान बंद रहा। सूचना पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ ऊदल कुमार ने मतदान शुरू कराया। करीब 12 बजे उक्त कर्मी के स्थान पर दूसरे कर्मी को लगाया गया।