{"_id":"5ffdd8378ebc3e327b7b7675","slug":"panchayat-committed-26-lakhs-without-doing-work-gonda-news-lko559525048","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना काम कराए ही पंचायत ने 26 लाख डकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना काम कराए ही पंचायत ने 26 लाख डकारे
विज्ञापन
गोंडा। विकास के बजट में घपले थम नहीं रहे हैं। जिले की 100 से अधिक पंचायतें जांच के दायरे में हैं। जिनकी जांच अधिकारियों के स्तर से की जा रही है। इसी में मंगलवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
वजीरगंज के जगदीशपुर कटरा गांव में 26 लाख का बजट बिना काम कराए ही डकार लिया गया। पंचायत में घपला होता रहा और ब्लॉक के अधिकारी चुप्पी साधे रहे। 24 दिसंबर को ही मामले की शिकायत हुई थी। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने मामलों को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए हैं। जांच समिति गठित कर दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि घपला करने वालों के विरुद्घ 15 दिनों में कार्रवाई की जाएगी।
जगदीशपुर कटरा गांव में हुए 26 लाख के घपले के मामले में जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की गठित टीम में सहायक निबंधक सहकारी समितियां के साथ ही तकनीकी जांच के लिए अधिशासी अभियंता, यांत्रिक खंड जलनिगम को जांच अधिकारी बनाया है।
विज्ञापन
15 दिन में मामले की पूरी रिपोर्ट तथ्यों और साक्ष्यों के साथ तलब की गई है। मामले की शिकायत ग्राम पंचायत जगदीशपुर कटरा विकास खंड वजीरगंज के निवासी शिव गनेश तिवारी ने 24 दिसंबर को किया था।
आरोप था कि ग्राम पंचायत में चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार करकेे चतुर्थ वित्त, चौदहवें वित्त, पंद्रहवें वित्त के मदों से बिना काम कराए ही निकाल लिया गया है। मामले में पूर्व ग्राम प्रधान वकील खान व ग्राम विकास अधिकारी मनीषा यादव की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं।
इसके साथ ही गांव के ग्राम रोजगार सेवक व सफाईकर्मी अमरनाथ यादव भी आरोपों से घिरे हैं। इन लोगों ने सरकारी धन को अपने विकास पर खर्च किया है। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी मनीषा यादव के सहयोगी सफाई कर्मी अमरनाथ यादव ही ग्राम पंचायत की लिखा पढ़ी का काम करते हैं तथा सरकारी बिलों को अमरनाथ यादव ने ही आपने हैंड राइटिग में तैयार किया हैं।
परिवार रजिस्टर व जन्म-मत्यु प्रमाण पत्र बनाने का काम भी सफाई कर्मी ही करता है। इसके अलावा अमरनाथ यादव अपने मूल निवास के ग्राम पंचायत जगदीशपुर कटरा में ही तैनात है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के दायरे में आए पंचायत जगदीशपुर कटरा में फर्जी तरीके से बजट निकाले जाने का मामला सामने आया है। शिकायत है कि शिवा कांस्ट्रक्शन नाम से एक संस्था को चतुर्थ किस्त में 97860 रुपये दे दिए गए। इसी तरह चौदहवें वित्त मद से शिवा कांस्ट्रक्शन को ही 824534 बिना टेंडर कराए ही भुगतान किया गया।
इसके बाद छह माह के भीतर 96000 प्रशासनिक मद से, 01 जुलाई से 27 जुलाई 2020 के भीतर हैंडपम्प रिबोर पर 305560 रुपये व 97860 रुपये का भुगतान लिया गया। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में स्थल विकास के नाम पर 264730 रुपये, प्राथमिक विद्यालय में रनिंग वाटर व हैंडवॉश प्लेटफार्म पर 84980 रुपये, ग्राम पंचायत के विभिन्न मजरों में सोख्ता निर्माण कार्य पर 559406 रुपये का बजट बिना काम कराए ही निकाल लिया गया है।
यही नहीं पिच रोड से आबादी के अंदर तक खड़ंजा मरम्मत के नाम पर 267222 का भुगतान कर दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि खड़ंजा मरम्मत कहां पर किया गया इसका पता ही नहीं है। प्रारंभिक जांच के बाद डीएम ने कमेटी गठित करके जांच कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
वजीरगंज के जगदीशपुर कटरा गांव में 26 लाख का बजट बिना काम कराए ही डकार लिया गया। पंचायत में घपला होता रहा और ब्लॉक के अधिकारी चुप्पी साधे रहे। 24 दिसंबर को ही मामले की शिकायत हुई थी। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने मामलों को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए हैं। जांच समिति गठित कर दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि घपला करने वालों के विरुद्घ 15 दिनों में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जगदीशपुर कटरा गांव में हुए 26 लाख के घपले के मामले में जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की गठित टीम में सहायक निबंधक सहकारी समितियां के साथ ही तकनीकी जांच के लिए अधिशासी अभियंता, यांत्रिक खंड जलनिगम को जांच अधिकारी बनाया है।
विज्ञापन
15 दिन में मामले की पूरी रिपोर्ट तथ्यों और साक्ष्यों के साथ तलब की गई है। मामले की शिकायत ग्राम पंचायत जगदीशपुर कटरा विकास खंड वजीरगंज के निवासी शिव गनेश तिवारी ने 24 दिसंबर को किया था।
आरोप था कि ग्राम पंचायत में चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार करकेे चतुर्थ वित्त, चौदहवें वित्त, पंद्रहवें वित्त के मदों से बिना काम कराए ही निकाल लिया गया है। मामले में पूर्व ग्राम प्रधान वकील खान व ग्राम विकास अधिकारी मनीषा यादव की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं।
इसके साथ ही गांव के ग्राम रोजगार सेवक व सफाईकर्मी अमरनाथ यादव भी आरोपों से घिरे हैं। इन लोगों ने सरकारी धन को अपने विकास पर खर्च किया है। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी मनीषा यादव के सहयोगी सफाई कर्मी अमरनाथ यादव ही ग्राम पंचायत की लिखा पढ़ी का काम करते हैं तथा सरकारी बिलों को अमरनाथ यादव ने ही आपने हैंड राइटिग में तैयार किया हैं।
परिवार रजिस्टर व जन्म-मत्यु प्रमाण पत्र बनाने का काम भी सफाई कर्मी ही करता है। इसके अलावा अमरनाथ यादव अपने मूल निवास के ग्राम पंचायत जगदीशपुर कटरा में ही तैनात है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के दायरे में आए पंचायत जगदीशपुर कटरा में फर्जी तरीके से बजट निकाले जाने का मामला सामने आया है। शिकायत है कि शिवा कांस्ट्रक्शन नाम से एक संस्था को चतुर्थ किस्त में 97860 रुपये दे दिए गए। इसी तरह चौदहवें वित्त मद से शिवा कांस्ट्रक्शन को ही 824534 बिना टेंडर कराए ही भुगतान किया गया।
इसके बाद छह माह के भीतर 96000 प्रशासनिक मद से, 01 जुलाई से 27 जुलाई 2020 के भीतर हैंडपम्प रिबोर पर 305560 रुपये व 97860 रुपये का भुगतान लिया गया। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में स्थल विकास के नाम पर 264730 रुपये, प्राथमिक विद्यालय में रनिंग वाटर व हैंडवॉश प्लेटफार्म पर 84980 रुपये, ग्राम पंचायत के विभिन्न मजरों में सोख्ता निर्माण कार्य पर 559406 रुपये का बजट बिना काम कराए ही निकाल लिया गया है।
यही नहीं पिच रोड से आबादी के अंदर तक खड़ंजा मरम्मत के नाम पर 267222 का भुगतान कर दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि खड़ंजा मरम्मत कहां पर किया गया इसका पता ही नहीं है। प्रारंभिक जांच के बाद डीएम ने कमेटी गठित करके जांच कराने के आदेश दिए हैं।