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Gonda News: 106 क्रय केंद्रों पर होगी धान खरीद, तैयारी पूरी
Sat, 19 Aug 2023 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 19 Aug 2023 10:51 PM IST
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गोंडा। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीदने के लिए इस बार 106 क्रय केंद्रों को मंजूरी मिली है। मक्का खरीद के लिए चार क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पांच क्रय एजेंसियों की ओर से एक नवंबर से खरीद शुरू कर दी जाएगी।
जिले में करीब दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की गई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार पैदावार अच्छी होने की संभावना जताई जा रही है। सरकारी दर पर धान खरीदने के लिए खाद्य विपणन विभाग ने कमर कस ली है। धान बेचने के लिए पंजीकरण एक जुलाई से ही शुरू कर दिया गया है। हालांकि अभी तक मात्र 33 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। प्रशासन की ओर से क्रय एजेंसी खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 23, पीसीयू के 40, यूपीएसएस के 24 तथा भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शहर से सटे झंझरी विकासखंड में सर्वाधिक 15 क्रय केंद्रों को मंजूरी मिली है। मक्का खरीद के लिए गोंडा मंडी, नवाबगंज मंडी, बेलसर व करनैलगंज मंडी में क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
किसानों को धान बेचने के लिए पंजीकरण कराना आवश्यक है। एक जुलाई से पंजीकरण शुरू हो गया है। विभाग की बेवसाइट पर किसान खुद या जनसेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। जिसके लिए किसानों को धान उत्पादित भूमि का विवरण, ऑनलाइन खतौनी की नकल, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। बैंक खाता केवाईसी होना अनिवार्य है।
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सरकार की ओर से भले ही इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य 143 रुपये बढ़ाकर 2,183 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया हो मगर यह भी किसानों को नाकाफी लग रहा है। भरिया लवेदपुर के किसान ननके ने कहा कि डीजल, उर्वरक व कीटनाशक के दाम दोगुने हो गए हैं, जिससे फसल में लागत अधिक लगती है मगर समर्थन मूल्य कछुआ चाल से बढ़ाया जा रहा है। इटियाथोक के दिनेश ने बताया कि इस बार सिंचाई अधिक करनी पड़ेगी। जिससे उत्पादन में लागत बढ़ जाएगी। कम से कम 2300 रुपये क्विंटल धान बिके तो कुछ फायदा होगा।
डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि धान व मक्का खरीद की तैयारी पूरी हो गई है। क्रय एजेंसियों के केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं। अधिक से अधिक संख्या में किसान पंजीकरण कर समर्थन मूल्य पर धान बेच सकते हैं। किसानों के पंजीकरण के अनुसार क्रय केंद्र बढ़ाए जा सकते हैं।
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जिले में करीब दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की गई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार पैदावार अच्छी होने की संभावना जताई जा रही है। सरकारी दर पर धान खरीदने के लिए खाद्य विपणन विभाग ने कमर कस ली है। धान बेचने के लिए पंजीकरण एक जुलाई से ही शुरू कर दिया गया है। हालांकि अभी तक मात्र 33 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। प्रशासन की ओर से क्रय एजेंसी खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 23, पीसीयू के 40, यूपीएसएस के 24 तथा भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शहर से सटे झंझरी विकासखंड में सर्वाधिक 15 क्रय केंद्रों को मंजूरी मिली है। मक्का खरीद के लिए गोंडा मंडी, नवाबगंज मंडी, बेलसर व करनैलगंज मंडी में क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
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किसानों को धान बेचने के लिए पंजीकरण कराना आवश्यक है। एक जुलाई से पंजीकरण शुरू हो गया है। विभाग की बेवसाइट पर किसान खुद या जनसेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। जिसके लिए किसानों को धान उत्पादित भूमि का विवरण, ऑनलाइन खतौनी की नकल, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। बैंक खाता केवाईसी होना अनिवार्य है।
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सरकार की ओर से भले ही इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य 143 रुपये बढ़ाकर 2,183 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया हो मगर यह भी किसानों को नाकाफी लग रहा है। भरिया लवेदपुर के किसान ननके ने कहा कि डीजल, उर्वरक व कीटनाशक के दाम दोगुने हो गए हैं, जिससे फसल में लागत अधिक लगती है मगर समर्थन मूल्य कछुआ चाल से बढ़ाया जा रहा है। इटियाथोक के दिनेश ने बताया कि इस बार सिंचाई अधिक करनी पड़ेगी। जिससे उत्पादन में लागत बढ़ जाएगी। कम से कम 2300 रुपये क्विंटल धान बिके तो कुछ फायदा होगा।
डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि धान व मक्का खरीद की तैयारी पूरी हो गई है। क्रय एजेंसियों के केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं। अधिक से अधिक संख्या में किसान पंजीकरण कर समर्थन मूल्य पर धान बेच सकते हैं। किसानों के पंजीकरण के अनुसार क्रय केंद्र बढ़ाए जा सकते हैं।