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Gonda News: खांसी-विटामिन की दवाओं का स्टॉक खत्म
Thu, 24 Sep 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:41 AM IST
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गोंडा मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए लाइन में लगे मरीज।
गोंडा। मेडिकल कॉलेज में दवाओं का बजट खत्म होने से मरीजों को पर्चे पर लिखी सभी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जुलाई में दवाओं के लिए मिले 47 लाख रुपये का बजट समाप्त हो चुका है। इससे कार्पोरेशन से मांग के अनुरूप दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। खांसी के सिरप और मल्टीविटामिन समेत कई दवाएं स्टॉक में नहीं हैं। मरीजों को पांच में से तीन दवाएं ही काउंटर से मिल पा रही हैं। बाकी दवाएं उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में रोजाना 1800 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की होती है। निशुल्क दवा की उम्मीद में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को काउंटर से दवा नहीं मिलने पर मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है। इससे उनके इलाज का खर्च बढ़ रहा है।
बुधवार को राजापुर निवासी समय प्रसाद गौतम बेटे तेज प्रताप को खांसी की शिकायत पर लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्हें खांसी का सिरप नहीं मिला। समय प्रसाद ने बताया कि बाहर से 120 रुपये में सिरप खरीदना पड़ रहा है। धानेपुर के उज्जैनीकला निवासी संतोष पांडेय पत्नी नंदनी को कान दर्द की शिकायत पर लेकर आए थे। चिकित्सक ने पांच दवाएं बाहर से लेने के लिए अलग पर्ची दी। हिमांशु मिश्र को भी मल्टीविटामिन सिरप नहीं मिला। उन्होंने बताया कि बाहर यह करीब 200 रुपये में मिल रहा है।
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बजट के लिए भेजा गया पत्र
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि दवाओं की कमी है। उपलब्धता के अनुसार मरीजों को उसी फार्मूले की दूसरी दवा दी जा रही है। बजट की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द ही दवाओं की आपूर्ति होने की उम्मीद है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में रोजाना 1800 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की होती है। निशुल्क दवा की उम्मीद में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को काउंटर से दवा नहीं मिलने पर मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है। इससे उनके इलाज का खर्च बढ़ रहा है।
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बुधवार को राजापुर निवासी समय प्रसाद गौतम बेटे तेज प्रताप को खांसी की शिकायत पर लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्हें खांसी का सिरप नहीं मिला। समय प्रसाद ने बताया कि बाहर से 120 रुपये में सिरप खरीदना पड़ रहा है। धानेपुर के उज्जैनीकला निवासी संतोष पांडेय पत्नी नंदनी को कान दर्द की शिकायत पर लेकर आए थे। चिकित्सक ने पांच दवाएं बाहर से लेने के लिए अलग पर्ची दी। हिमांशु मिश्र को भी मल्टीविटामिन सिरप नहीं मिला। उन्होंने बताया कि बाहर यह करीब 200 रुपये में मिल रहा है।
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बजट के लिए भेजा गया पत्र
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि दवाओं की कमी है। उपलब्धता के अनुसार मरीजों को उसी फार्मूले की दूसरी दवा दी जा रही है। बजट की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द ही दवाओं की आपूर्ति होने की उम्मीद है।

गोंडा मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए लाइन में लगे मरीज।