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Gonda News: 42 साल की देरी माफ करने का आदेश रद्द

Sun, 20 Sep 2026 11:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:19 PM IST
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Order condoning 42-year delay set aside
गोंडा। 42 साल के विलंब को आठ हजार रुपये हर्जाने पर माफ करने के निचली अदालत के आदेश को जिला सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने रद्द कर दिया है। यह आदेश सिविल निगरानी याचिका की सुनवाई के बाद पारित किया गया। जगदीश प्रसाद और गोपाल ने आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि इतनी लंबी देरी माफ करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताया गया। विपक्षी इंद्रदेव, सत्यदेव और बलदेव ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। जिला जज ने पत्रावली और दोनों पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद कहा कि विलंब माफी के लिए पर्याप्त और न्यायसंगत कारण जरूरी है। निचली अदालत ने इस पहलू पर समुचित विचार नहीं किया। आदेश रद्द करते हुए मामले में दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
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दानपत्र में धोखाधड़ी के आरोप की दांडिक निगरानी खारिज
गोंडा। धोखाधड़ी से दानपत्र करने के आरोप में दाखिल दांडिक निगरानी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सूर्य प्रकाश सिंह ने खारिज कर दिया। अदालत ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के 21 अप्रैल 2026 के आदेश को बरकरार रखा। निगरानीकर्ता अमिरता उर्फ अम्रता ने अपने पुत्र रतनलाल और पौत्र विकास समेत अन्य पर धोखाधड़ी से जमीन का दानपत्र कराने का आरोप लगाया था। - संवाद
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आरोपियों को तलब करने का आदेश रद्द
गोंडा। मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में चार लोगों को आरोपी बनाकर अदालत में तलब करने के आदेश को जिला जज दुर्ग नरायन सिंह ने रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता और गवाहों के बयानों में घटना की तारीख और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतर है। चोट लगने का कोई चिकित्सकीय प्रमाण भी नहीं दिया गया। मामले में तबस्सुम और साबिर अली ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में अर्जी दी थी। - संवाद
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कर्मचारियों की निगरानी याचिका खारिज
गोंडा। वन संरक्षण अधिनियम के मामले में रोजगार सेवक, होमगार्ड और तीन अन्य कर्मचारियों को राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सूर्य प्रकाश सिंह ने पांचों की ओर से दाखिल निगरानी याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत के एक मई 2026 के आदेश को बरकरार रखा। मामला वजीरगंज क्षेत्र में वर्ष 2020 में सड़क निर्माण के दौरान पेड़ हटाए जाने से जुड़ा है। पांचों पर वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मामला चल रहा है। आरोपियों ने मामला पुराना होने और अपने सरकारी कर्तव्यों के तहत काम करने का हवाला देते हुए आरोपों से मुक्त करने की मांग की थी।- संवाद
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