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Gonda News: भंडार में रखीं एक लाख टैबलेट, बाहर की दवाएं लिख रहे चिकित्सक
Wed, 01 Jan 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:24 PM IST
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पर्चा काउंटर पर लगी भीड़।
गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवाएं लेनी पड़ रही हैं। कमीशन के कारण डॉक्टर निजी मेडिकल स्टोर की दवा ज्यादा कारगर बता रहे हैं। अस्पताल के स्टोर में रखी करीब एक लाख दस हजार टैबलेट जनवरी व फरवरी में एक्सपायर हो जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 1500 मरीज उपचार कराने आते हैं। ओपीडी में परामर्श देने के बाद एंटीबॉयोटिक दवाएं बाहर से लेनी पड़ती हैं। बुधवार को अस्पताल आईं संगीता देवी ने बताया कि उसके बच्चे को बुखार आ रहा था। डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं। चार दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ीं। इसी प्रकार लगभग सभी मरीजों को कोई न कोई दवा बाहर से लेनी पड़ती हैं। अस्पताल के औषधि भंडार के प्रभारी का दावा है कि उनके स्टोर में करीब सभी दवाओं का आवश्यक भंडार है।
अगले महीने एक्सपायर हो जाएंगी ये दवाएं
एंटीबाॅयोटिक के रूप में प्रयोग होने वाली ओ-फ्लाॅक्सासिन की करीब 40 हजार गोलियां स्टोर में रखी हैं। एंटीबाॅयोटिक एजिथ्रोमाइसिन की 30 हजार टेबलेट, रक्तस्राव रोकने के लिए कारगर ट्रेनेक्सा-500 की 25000 टेबलेट तथा फंगल इंफेक्शन की दवा ग्रिसो फुल्विन 15000 टैबलेट अस्पताल के स्टोर में रखी हैं, जो जनवरी के अंतिम दिन व कुछ दवाएं फरवरी माह में एक्सपायर हो जाएंगी।
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अस्पताल की दवा लिखने का दिया गया निर्देश
सभी डॉक्टरों को अस्पताल की दवाएं लिखने का निर्देश दिया गया है। विशेष परिस्थिति में अस्पताल में दवा न होने पर जन औषधि केंद्र की दवाएं लिख सकते हैं। यदि किसी डॉक्टर की ओर से बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-- डॉ. आफताब आलम, प्रभारी सीएमएस
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मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 1500 मरीज उपचार कराने आते हैं। ओपीडी में परामर्श देने के बाद एंटीबॉयोटिक दवाएं बाहर से लेनी पड़ती हैं। बुधवार को अस्पताल आईं संगीता देवी ने बताया कि उसके बच्चे को बुखार आ रहा था। डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं। चार दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ीं। इसी प्रकार लगभग सभी मरीजों को कोई न कोई दवा बाहर से लेनी पड़ती हैं। अस्पताल के औषधि भंडार के प्रभारी का दावा है कि उनके स्टोर में करीब सभी दवाओं का आवश्यक भंडार है।
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अगले महीने एक्सपायर हो जाएंगी ये दवाएं
एंटीबाॅयोटिक के रूप में प्रयोग होने वाली ओ-फ्लाॅक्सासिन की करीब 40 हजार गोलियां स्टोर में रखी हैं। एंटीबाॅयोटिक एजिथ्रोमाइसिन की 30 हजार टेबलेट, रक्तस्राव रोकने के लिए कारगर ट्रेनेक्सा-500 की 25000 टेबलेट तथा फंगल इंफेक्शन की दवा ग्रिसो फुल्विन 15000 टैबलेट अस्पताल के स्टोर में रखी हैं, जो जनवरी के अंतिम दिन व कुछ दवाएं फरवरी माह में एक्सपायर हो जाएंगी।
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अस्पताल की दवा लिखने का दिया गया निर्देश
सभी डॉक्टरों को अस्पताल की दवाएं लिखने का निर्देश दिया गया है। विशेष परिस्थिति में अस्पताल में दवा न होने पर जन औषधि केंद्र की दवाएं लिख सकते हैं। यदि किसी डॉक्टर की ओर से बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।